नीति आयोग: देखभाल क्षेत्र में कौशल विकास से भारत बन सकता है वैश्विक नेता, लाखों रोजगार का अवसर
सारांश
मुख्य बातें
नीति आयोग ने 6 अगस्त 2026 को जारी एक नई रिपोर्ट में कहा है कि देश में देखभाल क्षेत्र (केयर सेक्टर) में कुशल पेशेवरों की एक मजबूत फौज तैयार करने की तत्काल आवश्यकता है, जो न केवल घरेलू मांग को पूरा करे बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को भी सुदृढ़ करे। रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र रोजगार सृजन और आर्थिक मूल्य निर्माण के लिहाज से भारत के लिए एक अभूतपूर्व अवसर प्रस्तुत करता है।
रिपोर्ट की मुख्य बातें
नीति आयोग की इस रिपोर्ट में देखभालकर्ताओं को पूरी देखभाल व्यवस्था का केंद्रबिंदु बताया गया है। रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि देखभाल कार्य को एक कुशल, सम्मानजनक और मूल्यवान पेशे के रूप में आधिकारिक मान्यता मिलनी चाहिए। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण देखभाल सेवाएं, पेशेवर पहचान, कार्यबल कल्याण, संस्थागत सहयोग और परिवारों व समुदायों को किफायती सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई है।
रिपोर्ट में नीति निर्माण, पेशेवर मान्यता, कार्यबल विकास, वैश्विक सहयोग, सामाजिक सुरक्षा और परिवार-समुदाय आधारित देखभाल सहित कई रणनीतिक स्तंभों पर सिफारिशें की गई हैं।
वैश्विक अवसर और भारत की भूमिका
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर केयरगिवर्स की बढ़ती मांग भारत के लिए एक अनूठा अवसर है। उनके अनुसार, इसके माध्यम से भारत पारंपरिक देखभाल सेवाओं में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सकता है, बड़े आर्थिक मूल्य का सृजन कर सकता है और रोजगार के नए द्वार खोल सकता है।
लाहिड़ी ने यह भी कहा कि इससे देखभालकर्ताओं को बेहतर पहचान और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी, साथ ही भारत की सांस्कृतिक विरासत, ज्ञान-आधारित विशेषज्ञता और सॉफ्ट पावर को भी वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी।
सभ्यतागत मूल्यों से जुड़ाव
नीति आयोग के सदस्य डॉ. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि 'सेवा और संवेदना' हमेशा से भारत की सभ्यतागत विचारधारा के केंद्र में रही हैं, और देखभाल करना इन शाश्वत मूल्यों का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत देखभाल प्रणाली सामाजिक समावेश को सुदृढ़ करेगी, समुदायों को सशक्त बनाएगी और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत की जनसंख्या तेजी से बुजुर्ग हो रही है और वैश्विक स्तर पर प्रशिक्षित देखभाल पेशेवरों की कमी गहराती जा रही है।
राष्ट्रीय देखभाल नीति का रोडमैप
नीति आयोग ने राष्ट्रीय देखभाल नीति और राष्ट्रीय देखभालकर्ता परिषद के माध्यम से एक संगठित, पेशेवर और भविष्य के लिए तैयार देखभाल प्रणाली का रोडमैप प्रस्तुत किया है। रिपोर्ट का उद्देश्य भारत के देखभाल पारिस्थितिकी तंत्र को सुलभ, व्यावसायिक और टिकाऊ बनाना है।
आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की नीतिगत दिशा तय करने में यह रिपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित हो सकती है।