भारत-एस्टोनिया संबंध: डिजिटल सेवाओं और साइबर सुरक्षा में बड़े अवसर, राजदूत कारेलसोहन का बयान
सारांश
मुख्य बातें
भारत में एस्टोनिया की राजदूत क्रिस्टी कारेलसोहन ने 21 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत और एस्टोनिया के बीच डिजिटल सेवाओं, प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग के महत्वपूर्ण अवसर मौजूद हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत-यूरोपीय संघ (EU) व्यापार समझौता इसी वर्ष के अंत तक संपन्न हो सकता है।
सेवा क्षेत्र में एस्टोनिया की मज़बूती
राजदूत कारेलसोहन ने स्वीकार किया कि एस्टोनिया की कंपनियाँ आकार में अपेक्षाकृत छोटी हैं और देश में बड़े पैमाने पर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) नहीं होती। इस कारण दोनों देशों के बीच बड़े पैमाने पर पारंपरिक व्यापार, विशेषकर निर्यात, चुनौतीपूर्ण हो सकता है — क्योंकि एस्टोनिया का घरेलू बाज़ार भी सीमित है।
उन्होंने कहा, 'हमारी कंपनियाँ सेवाओं के क्षेत्र में मज़बूत हैं, विशेष रूप से डिजिटल सेवाओं, तकनीक और साइबर सुरक्षा के मामले में, जहाँ हमें आगे और विकास की संभावनाएँ नज़र आती हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत स्वयं अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था और साइबर ढाँचे को तेज़ी से विस्तार दे रहा है।
मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार की स्थिति
कारेलसोहन ने बताया कि एस्टोनिया की कुछ कंपनियाँ भारत को लकड़ी के उत्पाद, खाद्य एवं पेय पदार्थ और अन्य वस्तुएँ भेजती हैं। हालाँकि, एस्टोनिया में उच्च गुणवत्ता वाले कुछ उत्पादों का निर्माण होता है, जो प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध नहीं होते। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों में रुचि रखने वाले विशेष खरीदार इन्हें खरीद सकते हैं।
गौरतलब है कि एस्टोनिया 27 देशों के संघ यूरोपीय संघ का सदस्य है, जिसके चलते उसकी व्यापार नीतियाँ और समझौते बड़े हिस्से में ब्रसेल्स से निर्धारित होते हैं।
भारत-EU व्यापार समझौते की उम्मीद
राजदूत ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के संदर्भ में कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह समझौता 2026 के अंत तक होने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते से मौजूदा सीमा शुल्क के साथ-साथ उन गैर-शुल्क बाधाओं को भी कम करने में मदद मिलेगी, जो एस्टोनिया जैसी छोटी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौतियाँ खड़ी करती हैं।
यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत और EU के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वर्षों से चर्चा चल रही है, और हाल के महीनों में इसकी गति तेज़ हुई है।
भारत एस्टोनिया की प्राथमिकता सूची में
कारेलसोहन ने ज़ोर देकर कहा कि कई अन्य देशों की भाँति एस्टोनिया के लिए भी भारत में व्यापार मुख्य प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'यह एक बड़ा बाज़ार है, और जाहिर है, मैं हमारे व्यावसायिक संबंधों को और विकसित करना चाहती हूँ।'
आगे चलकर, भारत-EU FTA के संभावित समापन और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ते सहयोग से दोनों देशों के बीच संबंधों को नई गति मिल सकती है।