भारत के 2,100+ जीसीसी केंद्र नवाचार-आधारित विकास की अगली लहर को दे सकते हैं गति: नीति आयोग
सारांश
मुख्य बातें
नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन (AIM) के निदेशक दीपक बागला ने 30 जून 2026 को बेंगलुरु में आयोजित जीसीसी कॉन्क्लेव — इनोवेशन 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इकोसिस्टम स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और युवा इनोवेटर्स के साथ मिलकर देश में नवाचार-आधारित विकास की अगली लहर को आगे बढ़ाने की ठोस क्षमता रखता है। यह कॉन्क्लेव अटल इनोवेशन मिशन, नीति आयोग और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) की साझा पहल के रूप में आयोजित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
बागला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार इस बात पर ज़ोर देते रहे हैं कि 'जय अनुसंधान' को विकसित भारत की प्रेरक शक्ति बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में अटल इनोवेशन मिशन ने देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स के ज़रिए युवा इनोवेटर्स को तैयार किया है और 100 से अधिक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से स्टार्टअप्स व ज़मीनी स्तर के उद्यमियों को सहयोग दिया है।
बागला ने यह भी रेखांकित किया कि जीसीसी ने भारत को प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट इनोवेशन का वैश्विक केंद्र बना दिया है। उनके अनुसार, यदि इन क्षमताओं को स्टार्टअप्स और नवाचार इकोसिस्टम से जोड़ा जाए, तो प्रतिभाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे, उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा, नई तकनीकों को तेज़ी से अपनाया जा सकेगा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियाँ उभरेंगी — जो 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
जीसीसी इकोसिस्टम की ताकत
STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि भारत में फिलहाल 2,100 से अधिक GCC केंद्र कार्यरत हैं, जो मिलकर लगभग 100 अरब डॉलर का राजस्व उत्पन्न करते हैं — और यह देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 से STPI ने भारत में तकनीकी और नीतिगत बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई है।
कुमार का मानना है कि AIM के साथ यह साझेदारी GCC को देशभर के स्टार्टअप्स और नवोन्मेषकों से जोड़ने में कारगर सिद्ध होगी। गौरतलब है कि यह सहयोग ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
बेंगलुरु की केंद्रीय भूमिका
STPI बेंगलुरु के निदेशक डॉ. संजय त्यागी ने कहा कि बेंगलुरु भारत का सबसे बड़ा GCC हब बनकर उभरा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यदि स्टार्टअप्स, इनक्यूबेटर्स और GCC के बीच सहयोग और गहरा किया जाए, तो तकनीकों के व्यावसायीकरण और उद्यमिता को नई गति मिलेगी।
उद्योग जगत की भागीदारी
इस कॉन्क्लेव में Intel, IBM, Bosch, Amazon, SAP, Thermo Fisher Scientific, CGI, Shell, Mercedes-Benz, Philips, Morgan Stanley, NVIDIA, Samsung, SanDisk, Wipro और Yahoo जैसी प्रमुख वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL), अटल इनक्यूबेशन सेंटर्स (AIC), अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर्स (ACIC), STPI सेंटर्स ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM) और अन्य नवाचार संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
आगे की राह
यह कॉन्क्लेव भारत के GCC और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच संरचनात्मक सहयोग की नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इस साझेदारी के ज़रिए तकनीकी नवाचार को व्यावसायिक सफलता में बदलने के ठोस प्रयास देखने को मिल सकते हैं।