30 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत की GDP वृद्धि दर 2026 में 7% रहने का अनुमान, ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद: बोफा रिपोर्ट

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत की GDP वृद्धि दर 2026 में 7% रहने का अनुमान, ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद: बोफा रिपोर्ट

सारांश

बोफा सिक्योरिटीज ने भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 2026 के लिए 6.2% से बढ़ाकर 7% किया। ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल रहने और होर्मुज स्ट्रेट की रिकवरी के बीच यह अपग्रेड वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की मज़बूती को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

बोफा सिक्योरिटीज ने भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 2026 के लिए 6.2% से संशोधित कर 7% किया।
2027 में भी भारत की वृद्धि दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान।
ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य 2026 की दूसरी छमाही में 72 डॉलर प्रति बैरल और 2027 में 65 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद (शर्त: पश्चिम एशिया में शांति)।
वैश्विक विकास दर 2026 में 3.2% और 2027 में 3.5% रहने का अनुमान — अप्रैल अनुमान से 10 आधार अंक अधिक।
फेडरल रिज़र्व सितंबर 2026 से ब्याज दरों में 75 आधार अंक की बढ़ोतरी कर सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर 24 जून को 78 जहाज़ गुज़रे — युद्ध-पूर्व वॉल्यूम का 57% , रिकवरी का संकेत।

बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) सिक्योरिटीज की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 2026 में 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है — जो अप्रैल में जारी पूर्व अनुमान 6.2 प्रतिशत से काफी अधिक है। यह संशोधन ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी नीतियों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर गहरा बना हुआ है।

भारत की GDP वृद्धि का संशोधित अनुमान

बोफा सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में 2026 और 2027 दोनों वर्षों के लिए भारत की वृद्धि दर 7 प्रतिशत आँकी गई है। अप्रैल के अनुमान से यह उल्लेखनीय सुधार है, जो 2026 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर GDP आँकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद आपूर्ति श्रृंखलाओं में सुधार को दर्शाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, उभरती हुई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं (चीन को छोड़कर) की वृद्धि दर 2026 में 5.9 प्रतिशत और 2027 में 5.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

कच्चे तेल की कीमतें और होर्मुज स्ट्रेट की रिकवरी

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य 2026 की दूसरी छमाही में 72 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है, जबकि 2027 में यह घटकर 65 डॉलर प्रति बैरल तक आने की उम्मीद है। यह अनुमान इस शर्त पर आधारित है कि पश्चिम एशिया में शांति बनी रहे।

गौरतलब है कि इस साल के शुरुआती उच्चतम स्तर से कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 42 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है और ये 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने के बाद 24 जून को वहाँ से 78 जहाज़ गुज़रे — जो युद्ध-पूर्व के दैनिक वॉल्यूम का 57 प्रतिशत है और आपूर्ति रिकवरी का संकेत देता है।

वैश्विक विकास और महंगाई का परिदृश्य

बोफा सिक्योरिटीज ने वैश्विक विकास दर (ग्लोबल ग्रोथ आउटलुक) को 2026 के लिए 3.2 प्रतिशत और 2027 के लिए 3.5 प्रतिशत तक संशोधित किया है — दोनों वर्षों के अप्रैल अनुमान से 10 आधार अंक अधिक। साथ ही, वैश्विक महंगाई दर 2026 में 3 प्रतिशत, 2027 में 2.4 प्रतिशत और 2028 में 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति देने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तीव्र विकास, चीन की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता, राजकोषीय असंतुलन और वैश्विक स्तर पर अधिक लिक्विडिटी जैसे कारक भूमिका निभा रहे हैं।

अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीति और जोखिम

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व सितंबर 2026 से ब्याज दरों में 75 आधार अंक की बढ़ोतरी कर सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से उत्पन्न होने वाली सख्त वित्तीय स्थितियाँ आगे चलकर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत की मज़बूत घरेलू माँग और सेवा क्षेत्र की रफ़्तार इसे वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी अपेक्षाकृत स्थिर रख सकती है। आने वाली तिमाहियों में सरकारी पूँजीगत व्यय और निजी निवेश की दिशा इस अनुमान को परखने की कसौटी बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि यह अनुमान पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और अमेरिकी वित्तीय नीति की सटीक दिशा जैसी अनिश्चित शर्तों पर टिका है। फेडरल रिज़र्व द्वारा सितंबर से 75 आधार अंक की बढ़ोतरी की आशंका वैश्विक पूँजी प्रवाह को प्रभावित कर सकती है, जिसका असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं — भारत सहित — पर पड़ सकता है। इसके अलावा, भारत की 7% वृद्धि की कहानी तब तक अधूरी है जब तक रोज़गार सृजन और निजी निवेश के ठोस आँकड़े इसकी पुष्टि न करें।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोफा सिक्योरिटीज ने भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान क्यों बढ़ाया?
बोफा सिक्योरिटीज ने 2026 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर GDP आँकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद आपूर्ति में सुधार के चलते भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.2% से बढ़ाकर 7% किया है।
2026 में ब्रेंट क्रूड की कीमत कितनी रहने का अनुमान है?
रिपोर्ट के अनुसार 2026 की दूसरी छमाही में ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य 72 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है, बशर्ते पश्चिम एशिया में शांति बनी रहे। 2027 में यह घटकर 65 डॉलर प्रति बैरल तक आने की उम्मीद है।
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति का भारत पर क्या असर हो सकता है?
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि फेडरल रिज़र्व सितंबर 2026 से ब्याज दरों में 75 आधार अंक की बढ़ोतरी करेगा। इससे वैश्विक पूँजी प्रवाह प्रभावित हो सकता है और उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से तेल बाज़ार पर क्या असर पड़ा?
होर्मुज स्ट्रेट के फिर से खुलने के बाद 24 जून को वहाँ से 78 जहाज़ गुज़रे, जो युद्ध-पूर्व के दैनिक वॉल्यूम का 57 प्रतिशत है। यह आपूर्ति श्रृंखला में रिकवरी का संकेत है और कच्चे तेल की कीमतों को स्थिर रखने में सहायक है।
वैश्विक महंगाई दर आगे कैसी रहने का अनुमान है?
बोफा सिक्योरिटीज के अनुसार वैश्विक महंगाई दर 2026 में 3 प्रतिशत, 2027 में 2.4 प्रतिशत और 2028 में 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो धीरे-धीरे नरमी की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले