प्रत्यक्ष कर संग्रह FY27 में 13.21% बढ़कर ₹13.38 लाख करोड़, STT से रिकॉर्ड वसूली
सारांश
मुख्य बातें
भारत का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 14 अक्टूबर 2026 तक 13.21 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹13.38 लाख करोड़ पर पहुँच गया है। आयकर विभाग द्वारा गुरुवार, 15 अक्टूबर को जारी आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, कॉरपोरेट टैक्स, गैर-कॉरपोरेट टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) — तीनों मुख्य धाराओं में समवेत वृद्धि इस सकारात्मक रुझान की वजह रही।
सकल एवं शुद्ध संग्रह के आँकड़े
रिफंड समायोजन से पहले सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.89 प्रतिशत बढ़कर ₹16.03 लाख करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह ₹13.95 लाख करोड़ था। इस अवधि में आयकर विभाग द्वारा जारी रिफंड भी 24.22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2.65 लाख करोड़ हो गया, जो एक वर्ष पूर्व ₹2.13 लाख करोड़ था।
कॉरपोरेट एवं गैर-कॉरपोरेट कर का प्रदर्शन
शुद्ध कॉरपोरेट कर संग्रह पिछले वर्ष के ₹4.97 लाख करोड़ से बढ़कर ₹5.99 लाख करोड़ हो गया। गैर-कॉरपोरेट करों — जिनमें व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF), फर्मों, एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOP) और बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOI) द्वारा चुकाए गए कर शामिल हैं — का शुद्ध संग्रह ₹6.54 लाख करोड़ से बढ़कर ₹6.92 लाख करोड़ पर पहुँचा।
सकल आधार पर कॉरपोरेट कर संग्रह ₹6.44 लाख करोड़ से बढ़कर ₹7.53 लाख करोड़ और सकल गैर-कॉरपोरेट कर ₹7.20 लाख करोड़ से ₹8.03 लाख करोड़ हो गया।
STT संग्रह में उल्लेखनीय उछाल
सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) संग्रह में सबसे तेज़ वृद्धि देखी गई। शुद्ध STT संग्रह पिछले वर्ष के ₹30,901.81 करोड़ से उछलकर ₹46,840.43 करोड़ हो गया — यानी लगभग 51.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी। यह आँकड़ा बताता है कि पूँजी बाज़ारों में लेनदेन की मात्रा इस अवधि में काफी ऊँची रही है।
गौरतलब है कि STT की यह वृद्धि उस दौर में आई है जब घरेलू शेयर बाज़ारों में खुदरा निवेशकों की भागीदारी नए रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई है।
एक श्रेणी में गिरावट
हालाँकि, 'अन्य कर' श्रेणी में शुद्ध संग्रह नकारात्मक रहा और यह ₹282.39 करोड़ से घटकर माइनस ₹1.64 करोड़ पर आ गया। सकल 'अन्य कर' संग्रह भी ₹301.22 करोड़ से गिरकर ₹18.87 करोड़ रह गया। आधिकारिक बयान में इस गिरावट के कारणों पर विस्तार से प्रकाश नहीं डाला गया है।
आगे की राह
केंद्र सरकार ने बजट अनुमान में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य ऊँचा रखा है। वर्ष के पहले साढ़े छह महीनों में ही ₹13.38 लाख करोड़ की वसूली इस लक्ष्य की ओर ठोस प्रगति का संकेत देती है। यह ऐसे समय में आया है जब कॉरपोरेट आय और पूँजी बाज़ार दोनों में बेहतर माहौल रहा है, जो आगामी तिमाहियों में संग्रह को और मज़बूत कर सकता है।