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पीएमएस इंडस्ट्री का एयूएम अप्रैल 2026 में ₹42.2 लाख करोड़ पार, नेट इनफ्लो ₹25,088 करोड़

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पीएमएस इंडस्ट्री का एयूएम अप्रैल 2026 में ₹42.2 लाख करोड़ पार, नेट इनफ्लो ₹25,088 करोड़

सारांश

अप्रैल 2026 में भारत की पीएमएस इंडस्ट्री का एयूएम ₹42.2 लाख करोड़ पार कर गया और नेट इनफ्लो ₹25,088 करोड़ रहा — मार्च के आउटफ्लो के बाद यह तीखा पलटाव है। गैर-सूचीबद्ध ऋण में 150.5% की उछाल बता रही है कि निवेशक अब निजी बाज़ारों की ओर रुख कर रहे हैं।

मुख्य बातें

पीएमएस एयूएम अप्रैल 2026 में मासिक आधार पर 2.1% बढ़कर ₹42.2 लाख करोड़ पर पहुँचा।
नेट इनफ्लो ₹25,088 करोड़ रहा, जबकि मार्च में ₹648 करोड़ का नेट आउटफ्लो था।
ग्राहक आधार लगभग 2.12 लाख अकाउंट्स ; घरेलू निवेशकों की एयूएम में 95% हिस्सेदारी।
गैर-सूचीबद्ध ऋण में 150.5% और गैर-सूचीबद्ध इक्विटी में 38.8% की तीव्र वृद्धि।
प्रोविडेंट फंड कुल एयूएम के लगभग 80% के साथ घरेलू परिसंपत्तियों का मुख्य आधार।

भारत की पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस) इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) अप्रैल 2026 में मासिक आधार पर 2.1 प्रतिशत बढ़कर ₹42.2 लाख करोड़ पर पहुँच गया, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। 28 मई को जारी एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया (एपीएमआई) की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इसी अवधि में नेट इनफ्लो ₹25,088 करोड़ रहा, जबकि मार्च में ₹648 करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज हुआ था।

एयूएम और ग्राहक आधार में वृद्धि

एपीएमआई की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में पीएमएस का ग्राहक आधार लगभग 2.12 लाख अकाउंट्स था, जिसमें महीने के दौरान 1.7 प्रतिशत का समायोजन देखा गया। घरेलू निवेशकों की ग्राहक आधार में 91 प्रतिशत और कुल एयूएम में 95 प्रतिशत हिस्सेदारी रही, जो यह दर्शाता है कि पीएमएस मुख्यतः घरेलू पूँजी पर टिका है। विदेशी एयूएम में माह-दर-माह 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू एयूएम में 1.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

पोर्टफोलियो संरचना में बदलाव

रिपोर्ट के अनुसार, पोर्टफोलियो में इक्विटी में 13.8 प्रतिशत, सामान्य ऋण में 0.8 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि डेरिवेटिव्स में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला। सूचीबद्ध इक्विटी परिसंपत्तियों में माह-दर-माह 13.6 प्रतिशत की बढ़त हुई, जो इक्विटी-केंद्रित अवसरों के प्रति निवेशकों की प्राथमिकता को रेखांकित करती है।

गैर-सूचीबद्ध क्षेत्र में उछाल

गैर-सूचीबद्ध क्षेत्र में इक्विटी परिसंपत्तियों में 38.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, वहीं गैर-सूचीबद्ध ऋण में 150.5 प्रतिशत की तीव्र बढ़त दर्ज की गई। यह आँकड़ा निजी बाज़ार निवेश में निवेशकों की बढ़ती रुचि को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। गौरतलब है कि यह वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत में स्थिर आवंटन रुझान को भी प्रतिबिंबित करता है।

प्रोविडेंट फंड और वितरक नेटवर्क

प्रोविडेंट फंड एयूएम के लगभग 80 प्रतिशत के साथ घरेलू परिसंपत्तियों की रीढ़ बने रहे। वित्त वर्ष 2027 में वितरकों की संख्या में भी वृद्धि जारी रही, जिससे पीएमएस की पहुँच व्यापक हुई है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

एपीएमआई के बोर्ड सदस्य विकास खेमानी ने कहा, 'पूँजी अब केवल पारंपरिक इक्विटी निवेश की ओर ही नहीं जा रही है, बल्कि सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध बाज़ारों में विशिष्ट और विविध रणनीतियों की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। पीएमएस उद्योग धीरे-धीरे निवेशकों के लिए एक सामरिक निवेश विकल्प के बजाय एक रणनीतिक पोर्टफोलियो आवंटन ढाँचा बनता जा रहा है।' आँकड़ों के अनुसार, यह बदलाव भारतीय उच्च-निवल-मूल्य निवेशकों (HNI) की परिपक्व होती निवेश सोच को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कहानी गैर-सूचीबद्ध ऋण में 150.5% की उछाल है — यह संकेत देता है कि पीएमएस अब केवल इक्विटी का खेल नहीं रहा। यह बदलाव तब आया है जब सार्वजनिक बाज़ारों में अनिश्चितता के बीच निवेशक निजी क्रेडिट की ओर मुड़ रहे हैं, जो एक वैश्विक रुझान है। हालाँकि, गैर-सूचीबद्ध परिसंपत्तियों में पारदर्शिता और लिक्विडिटी जोखिम नियामकीय निगरानी की माँग करते हैं। प्रोविडेंट फंड का 80% हिस्सा एक संकेंद्रण जोखिम भी है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमएस इंडस्ट्री का एयूएम अप्रैल 2026 में कितना रहा?
एपीएमआई की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में पीएमएस इंडस्ट्री का एयूएम मासिक आधार पर 2.1% बढ़कर ₹42.2 लाख करोड़ हो गया। यह वृद्धि घरेलू और विदेशी दोनों निवेशकों के बढ़ते आवंटन से प्रेरित रही।
अप्रैल 2026 में पीएमएस का नेट इनफ्लो कितना था?
अप्रैल 2026 में पीएमएस का नेट इनफ्लो ₹25,088 करोड़ रहा। यह मार्च 2026 के मुकाबले बड़ा पलटाव है, जब ₹648 करोड़ का नेट आउटफ्लो दर्ज हुआ था।
पीएमएस में गैर-सूचीबद्ध ऋण में इतनी तेज़ वृद्धि क्यों हुई?
एपीएमआई के आँकड़ों के अनुसार, गैर-सूचीबद्ध ऋण में अप्रैल में 150.5% की वृद्धि हुई, जो निजी बाज़ार निवेश में निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक बाज़ारों की अनिश्चितता के बीच उच्च-निवल-मूल्य निवेशक वैकल्पिक परिसंपत्ति वर्गों की ओर रुख कर रहे हैं।
पीएमएस में घरेलू और विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी कितनी है?
घरेलू निवेशकों की ग्राहक आधार में 91% और कुल एयूएम में 95% हिस्सेदारी है। विदेशी एयूएम में माह-दर-माह 7.8% की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू एयूएम में 1.8% की बढ़त रही।
पीएमएस में प्रोविडेंट फंड की क्या भूमिका है?
प्रोविडेंट फंड पीएमएस एयूएम के लगभग 80% के साथ घरेलू परिसंपत्तियों का मुख्य आधार हैं। वित्त वर्ष 2027 में वितरकों की संख्या में वृद्धि के साथ पीएमएस की पहुँच और व्यापक हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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