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इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने लॉन्च किया इन्वेस्टर पोर्टल, 36 अनुमोदित प्रोजेक्ट्स के निवेशकों को मिलेगी एकल-खिड़की सुविधा

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इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन ने लॉन्च किया इन्वेस्टर पोर्टल, 36 अनुमोदित प्रोजेक्ट्स के निवेशकों को मिलेगी एकल-खिड़की सुविधा

सारांश

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का नया इन्वेस्टर पोर्टल महज़ एक डिजिटल मंच नहीं — यह उस भरोसे की परीक्षा है जो भारत वैश्विक चिप निवेशकों से माँग रहा है। 36 अनुमोदित प्रोजेक्ट्स के बाद असली सवाल यह है कि एकल-खिड़की व्यवस्था ज़मीन पर कितनी कारगर साबित होती है।

मुख्य बातें

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) ने 26 मई 2025 को इन्वेस्टर पोर्टल लॉन्च किया।
सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक 12 फैब और पैकेजिंग प्रोजेक्ट्स और 24 सेमीकंडक्टर डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है।
पोर्टल निवेशकों को सरकारी योजनाओं, नीतियों और नियामक आवश्यकताओं की जानकारी देने वाला एकल-खिड़की डिजिटल इंटरफेस है।
ISM CEO अमितेश कुमार सिन्हा ने विदेशी निवेशकों को मार्गदर्शन और सुविधा को अत्यंत आवश्यक बताया।
शिकायतों का समाधान संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों और व्यापार निकायों के नोडल अधिकारियों के सहयोग से किया जाएगा।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) ने 26 मई 2025 को अपना इन्वेस्टर पोर्टल लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश करने वाले देशी-विदेशी निवेशकों की चिंताओं का समयबद्ध समाधान करना और उनका विश्वास मज़बूत करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक 12 फैब और पैकेजिंग प्रोजेक्ट्स तथा 24 सेमीकंडक्टर डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी जा चुकी है।

पोर्टल की मुख्य विशेषताएँ

यह पोर्टल निवेशकों को सरकारी योजनाओं, नीतियों, नियामक आवश्यकताओं और सेमीकॉन इंडिया के तहत स्वीकृत परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह एक सुरक्षित, भूमिका-आधारित, एकल-खिड़की डिजिटल इंटरफेस है, जो संबंधित पक्षकारों को सुव्यवस्थित समन्वय और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।

निवेशक इस पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायतें और चिंताएँ दर्ज कर सकते हैं। इनका समाधान ISM के अधिकारी संबंधित मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, अनुमोदित परियोजना कंपनियों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय व्यापार निकायों के नोडल अधिकारियों के सहयोग से करेंगे।

ISM CEO का बयान

ISM के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमितेश कुमार सिन्हा ने कहा कि विदेशी निवेशकों को मार्गदर्शन और सुविधा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षकारों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे देश में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिज़ाइन पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए निवेशकों की चिंताओं के समाधान में अपनी भूमिका सक्रिय रूप से निभाएँ।

लॉन्च कार्यक्रम का विवरण

लॉन्च कार्यक्रम में पोर्टल के ढाँचे, कार्यप्रणाली, ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया और समन्वय तंत्र की जानकारी साझा की गई। इसमें भाग लेने वाले मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, अनुमोदित परियोजना कंपनियों तथा व्यापार निकायों के नोडल अधिकारियों की भूमिका और जिम्मेदारियाँ भी स्पष्ट की गईं। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मज़बूत करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।

व्यापक रणनीतिक संदर्भ

सरकार विभिन्न रणनीतिक पहलों और नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से देश में एक मज़बूत, विश्वसनीय और टिकाऊ सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देना इस पहल का केंद्रीय लक्ष्य है। आने वाले समय में इस पोर्टल की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिकायत-निवारण तंत्र कितनी तेज़ी और पारदर्शिता से काम करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा शिकायत-निवारण की गति और पारदर्शिता में होगी — न कि केवल पोर्टल के अस्तित्व में। भारत के सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती भूमि अधिग्रहण, जल आपूर्ति और कुशल जनशक्ति जैसे ज़मीनी अवरोध हैं, जिन्हें कोई डिजिटल इंटरफेस अकेले नहीं सुलझा सकता। यह भी गौरतलब है कि वैश्विक चिप कंपनियाँ ताइवान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका में भारी सब्सिडी के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। ऐसे में पोर्टल की सफलता इस बात पर टिकी है कि यह नौकरशाही की परतों को कितनी तेज़ी से काटता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का इन्वेस्टर पोर्टल क्या है?
यह एक सुरक्षित, भूमिका-आधारित एकल-खिड़की डिजिटल मंच है जिसे ISM ने 26 मई 2025 को लॉन्च किया। यह पोर्टल सेमीकंडक्टर निवेशकों को सरकारी योजनाओं, नीतियों, नियामक आवश्यकताओं और अनुमोदित परियोजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर देता है तथा उनकी शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था करता है।
सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक कितने प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है?
सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के तहत अब तक कुल 36 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है — इनमें 12 फैब और पैकेजिंग प्रोजेक्ट्स और 24 सेमीकंडक्टर डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
इन्वेस्टर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का समाधान कैसे होगा?
निवेशकों की शिकायतें ISM के अधिकारी संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों, राज्य सरकारों, अनुमोदित परियोजना कंपनियों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय व्यापार निकायों के नोडल अधिकारियों के सहयोग से हल करेंगे।
यह पोर्टल विदेशी निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
ISM CEO अमितेश कुमार सिन्हा के अनुसार, विदेशी निवेशकों को मार्गदर्शन और सुविधा प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। यह पोर्टल उन्हें नियामक जटिलताओं को समझने और अपनी चिंताओं को सीधे सक्षम अधिकारियों तक पहुँचाने का एक संरचित माध्यम देता है।
इन्वेस्टर पोर्टल का भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति में क्या स्थान है?
यह पोर्टल भारत सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसका लक्ष्य देश में एक मज़बूत और टिकाऊ सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है। व्यापार सुगमता बढ़ाकर और निवेशकों की चिंताओं का समाधान कर सरकार वैश्विक चिप कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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