2025 में भारत के स्मार्ट टीवी शिपमेंट स्थिर, बड़े स्क्रीन और क्यूएलईडी की मांग में वृद्धि

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2025 में भारत के स्मार्ट टीवी शिपमेंट स्थिर, बड़े स्क्रीन और क्यूएलईडी की मांग में वृद्धि

सारांश

भारत में स्मार्ट टीवी शिपमेंट 2025 में स्थिर रही, जबकि चौथी तिमाही में जीएसटी में कमी के चलते वृद्धि हुई। जानें कैसे उपभोक्ता बड़े स्क्रीन और क्यूएलईडी को चुन रहे हैं!

मुख्य बातें

शिपमेंट में स्थिरता बड़े स्क्रीन की बढ़ती मांग क्यूएलईडी का बढ़ता प्रभाव मिनीएलईडी की वृद्धि उपभोक्ताओं की भावनाएं प्रभावित कर रही हैं

नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत में स्मार्ट टीवी शिपमेंट 2025 में सालाना आधार पर स्थिर रही है, जबकि जीएसटी में कमी के कारण चौथी तिमाही में शिपमेंट में सालाना 10 प्रतिशत वृद्धि हुई है। हालांकि, वर्ष की पहली छमाही में मांग में कमी देखी गई। यह जानकारी बुधवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई।

काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 40,000 से 50,000 रुपए की रेंज में आने वाले टेलीविजनों ने बाजार में अच्छा प्रदर्शन किया, क्योंकि उपभोक्ता उन्नत सुविधाओं वाले टेलीविजनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

बड़े स्क्रीन साइज वाले टेलीविजनों की बाजार हिस्सेदारी में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसमें 43 इंच के मॉडल की बिक्री सबसे अधिक रही, और 55 इंच तथा उससे बड़े स्क्रीन साइज वाले मॉडल ने भी बिक्री में वृद्धि दर्ज की।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2025 में क्वांटम डॉट एलईडी (क्यूएलईडी) की शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग दोगुना वृद्धि हुई है, जबकि मिनीएलईडी ने कम आधार से सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की।

रिपोर्ट में बताया गया है कि "43" और "55" जैसे प्रमुख आकारों की व्यापक उपलब्धता और मध्य-श्रेणी के सेगमेंट में मजबूत पैठ के कारण क्यूएलईडी की शिपमेंट ने सभी मूल्य श्रेणियों में अपनी उपस्थिति का विस्तार किया। वहीं, मिनीएलईडी की वृद्धि आंशिक रूप से इसके कम आधार के कारण थी, लेकिन यह ब्रांडों द्वारा अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाने और इसे ओएलईडी के अधिक किफायती विकल्प के रूप में स्थापित करने के प्रयासों को दर्शाती है।

रिसर्च फर्म ने कहा कि बाजार की पहली छमाही में आई कमजोरी का कारण उपभोक्ताओं की भावनाओं में नरमी थी, जिससे वे विवेकाधीन खर्च में सतर्कता बरत रहे थे और मजबूत प्रचार कार्यक्रमों की कमी के कारण अपग्रेड को टाल रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है, "हालांकि, त्योहारी ऑफर्स, बेहतर फाइनेंशिंग स्कीम और बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजनों की बढ़ती सामर्थ्य के कारण दूसरी छमाही में बाजार में सुधार हुआ, और 32 इंच और उससे बड़े टीवी पर जीएसटी दर में कटौती ने भी इसमें योगदान दिया।"

रिसर्च एनालिस्ट अंशिका जैन ने कहा, "भारत का स्मार्ट टीवी बाजार 2025 में लगभग स्थिर रहा, लेकिन हमें 2026 में स्थिर वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि महामारी के दौरान की गई खरीदारी के लिए रिप्लेसमेंट साइकिल शुरू हो जाएगी और बड़े स्क्रीन वाले टीवी की सामर्थ्य में सुधार होगा।"

जैन ने आगे कहा कि डीआरएएम (डायनेमिक रैंडम-एक्सेस मेमोरी) और नैंड की कीमतों में संभावित वृद्धि से फीचर-रिच टीवी के लिए सामग्री की लागत बढ़ जाएगी, जिससे मार्जिन पर दबाव पड़ेगा और निकट भविष्य में आक्रामक मूल्य निर्धारण सीमित हो जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत के स्मार्ट टीवी बाजार में स्थिरता और वृद्धि दोनों की संभावनाएँ हैं। उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव और तकनीकी नवाचार इसे आगे बढ़ाएंगे।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या भारत में स्मार्ट टीवी की मांग में कोई बदलाव आया है?
हाँ, 2025 में स्मार्ट टीवी की मांग स्थिर रही, लेकिन चौथी तिमाही में जीएसटी में कमी के बाद 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कौन से टेलीविजन मॉडल सबसे अधिक बिक रहे हैं?
43 इंच और 55 इंच के बड़े स्क्रीन वाले टेलीविजनों की बिक्री सबसे अधिक हो रही है।
क्यूएलईडी की शिपमेंट में क्या वृद्धि हुई है?
2025 में क्यूएलईडी की शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग दोगुनी वृद्धि हुई है।
मिनीएलईडी की वृद्धि का कारण क्या है?
मिनीएलईडी की वृद्धि आंशिक रूप से इसके कम आधार के कारण है, और ब्रांडों के प्रयासों को दर्शाती है।
क्या हमें 2026 में स्मार्ट टीवी बाजार में वृद्धि की उम्मीद है?
हाँ, 2026 में स्मार्ट टीवी बाजार में स्थिर वृद्धि की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस