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भारतीय रेलवे के 19 रेल नीर प्लांट: प्रतिदिन 19 लाख बोतल उत्पादन क्षमता, संसद में वैष्णव का खुलासा

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भारतीय रेलवे के 19 रेल नीर प्लांट: प्रतिदिन 19 लाख बोतल उत्पादन क्षमता, संसद में वैष्णव का खुलासा

सारांश

भारतीय रेलवे के 19 रेल नीर प्लांट रोज़ाना 19 लाख बोतल पानी बनाने में सक्षम हैं। नया PPP प्लांट लगाने की लागत ₹10 करोड़ है। साथ ही रेलवे के पास 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और 140 टन की 100 क्रेन तैनात हैं — रेल मंत्री वैष्णव ने संसद में यह जानकारी दी।

मुख्य बातें

भारतीय रेलवे देशभर में 19 रेल नीर संयंत्र चला रहा है, प्रत्येक की क्षमता 1 लाख बोतल प्रतिदिन ।
PPP मॉडल के तहत एक नया रेल नीर प्लांट स्थापित करने की अनुमानित लागत ₹10 करोड़ (भूमि लागत को छोड़कर)।
IRCTC को माँग के अनुसार चिह्नित स्थानों पर नए प्लांट स्थापित करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।
स्टेशनों पर पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र , स्वचालित फायर अलार्म और OHE कंट्रोल फोन की व्यवस्था।
रेलवे के पास 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन , 100 ब्रेकडाउन क्रेन (140 टन) और 170 मेडिकल रिलीफ स्केल-1 उपलब्ध।

भारतीय रेलवे देशभर में 19 रेल नीर संयंत्र संचालित कर रहा है, जो यात्रियों को सुरक्षित पैकेज्ड पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। प्रत्येक संयंत्र की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 1 लाख बोतल है, यानी कुल मिलाकर रोज़ाना 19 लाख बोतल पानी तैयार हो सकता है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 5 अगस्त को लोकसभा में दी।

रेल नीर की मौजूदा स्थिति

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सदन को बताया कि महत्वपूर्ण ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर पैकेज्ड पेयजल 'रेल नीर' की माँग इन्हीं 19 संयंत्रों के ज़रिए पूरी की जा रही है। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) को रेलवे नेटवर्क में माँग और ज़रूरत के अनुसार चिह्नित स्थानों पर नए रेल नीर प्लांट स्थापित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत इसी क्षमता का एक नया रेल नीर प्लांट स्थापित करने की अनुमानित लागत करीब ₹10 करोड़ है — इसमें भूमि की लागत शामिल नहीं है।

स्टेशनों पर अग्नि सुरक्षा के इंतज़ाम

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी, रोकथाम और त्वरित प्रतिक्रिया पर लगातार काम हो रहा है। स्टेशनों पर पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र, फायर बकेट और रिले तथा इंटरलॉकिंग कक्षों में स्वचालित फायर अलार्म की व्यवस्था की गई है।

बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका को कम करने के लिए स्टेशनों की विद्युत प्रणालियों का नियमित रखरखाव किया जाता है। आग लगने की स्थिति में कंट्रोल फोन के ज़रिए ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरणों (OHE) की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद की जा सकती है। स्टेशनों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग यात्रियों को सुरक्षित निकासी के निर्देश देने में किया जाता है।

कर्मचारियों का प्रशिक्षण

रेलवे अपने अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए नियमित प्रशिक्षण देता है। स्टेशन प्रबंधक, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), कमर्शियल-कम-टिकट क्लर्क, लोको पायलट और सहायक लोको पायलट के प्रशिक्षण में अग्निशमन, प्राथमिक उपचार और आपदा प्रबंधन को शामिल किया गया है।

आपदा राहत के संसाधन

वैष्णव ने सदन को बताया कि भारतीय रेलवे के पास पूरे नेटवर्क में 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन, 100 उच्च क्षमता वाली 140 टन ब्रेकडाउन डीजल-हाइड्रोलिक क्रेन और 170 एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट स्केल-1 तैनात हैं, जो दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में सहायक होते हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ सुरक्षा मानकों को भी उन्नत करने की माँग लगातार उठती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह आपूर्ति वास्तव में माँग के अनुरूप है — विशेषकर गर्मियों में जब लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी की किल्लत की शिकायतें आम हो जाती हैं। PPP मॉडल के तहत ₹10 करोड़ प्रति प्लांट की लागत निजी निवेशकों को कितनी आकर्षक लगेगी, यह स्पष्ट नहीं है। साथ ही, 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेनों की तैनाती की घोषणा के बावजूद, हाल के वर्षों में हुई कई बड़ी रेल दुर्घटनाओं में राहत पहुँचने में हुई देरी पर सवाल उठते रहे हैं — जिनका जवाब संसदीय बयान नहीं देते।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेल नीर क्या है और इसे कौन बनाता है?
रेल नीर भारतीय रेलवे का पैकेज्ड पेयजल ब्रांड है, जिसे IRCTC द्वारा संचालित संयंत्रों में तैयार किया जाता है। यह ट्रेनों और प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
भारत में कितने रेल नीर प्लांट हैं और इनकी क्षमता क्या है?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, देशभर में 19 रेल नीर संयंत्र चल रहे हैं। प्रत्येक संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 1 लाख बोतल है, यानी कुल मिलाकर रोज़ाना 19 लाख बोतल उत्पादन संभव है।
नया रेल नीर प्लांट लगाने में कितना खर्च आता है?
PPP मॉडल के तहत एक नया रेल नीर प्लांट स्थापित करने की अनुमानित लागत ₹10 करोड़ है। इस लागत में भूमि की कीमत शामिल नहीं है।
रेलवे स्टेशनों पर आग से सुरक्षा के क्या इंतज़ाम हैं?
स्टेशनों पर पोर्टेबल अग्निशामक यंत्र , फायर बकेट , स्वचालित फायर अलार्म और OHE कंट्रोल फोन उपलब्ध हैं। विद्युत प्रणालियों का नियमित रखरखाव और कर्मचारियों को अग्निशमन प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
रेलवे के पास दुर्घटना राहत के लिए क्या संसाधन हैं?
भारतीय रेलवे के पास 177 एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन , 100 उच्च क्षमता वाली 140 टन ब्रेकडाउन डीजल-हाइड्रोलिक क्रेन और 170 एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल इक्विपमेंट स्केल-1 पूरे नेटवर्क में तैनात हैं। ये संसाधन दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य में उपयोग होते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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