शेयर बाजार की चाल को प्रभावित करेंगे ऑटो बिक्री, जीएसटी आंकड़े और कच्चे तेल की कीमतें
सारांश
Key Takeaways
- ऑटो सेल्स और जीएसटी डेटा अगले सप्ताह महत्वपूर्ण होंगे।
- कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से निवेशकों की चिंताएँ बढ़ सकती हैं।
- एफआईआई के रुझान का बाजार पर प्रभाव पड़ेगा।
- मध्य पूर्व का तनाव बाजार में दबाव डाल सकता है।
- निफ्टी और सेंसेक्स में गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया है।
मुंबई, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगले सप्ताह की घटनाएँ अत्यंत महत्वपूर्ण होंगी। इस दौरान एक अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष (2026-27) की शुरुआत होगी। इसके साथ ही, ऑटो सेल्स, जीएसटी डेटा, कच्चे तेल की कीमतें, एफआईआई के रुझान और मध्य पूर्व में तनाव से शेयर बाजार की दिशा तय होगी।
एक अप्रैल को सभी कंपनियाँ ऑटो सेल्स के आंकड़े जारी करेंगी और सरकार जीएसटी संग्रह का डेटा प्रस्तुत करेगी, जिससे अर्थव्यवस्था में मांग की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त होगी।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में पिछले एक महीने में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, क्योंकि भारत अपनी आवश्यकता का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। इस स्थिति के कारण अगले सप्ताह निवेशकों की निगाहें कच्चे तेल की कीमतों पर होंगी। वर्तमान में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 105.32 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) भी अगले सप्ताह बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। पिछले लगभग छह हफ्तों से एफआईआई शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं।
मध्य पूर्व में जारी तनाव भी एक महत्वपूर्ण कारक होगा। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लगभग एक महीना हो चुका है और इसके समाप्त होने का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है, जो बाजार पर दबाव बना रहा है।
23-27 मार्च के बीच भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। इस दौरान निफ्टी 1.28 प्रतिशत या 294.90 अंक गिरकर 22,819.60 और सेंसेक्स 1.27 प्रतिशत या 949.74 अंक गिरकर 73,583.22 पर पहुँच गया।
इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 757.70 अंक या 1.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 54,097.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 98.60 अंक या 0.63 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 15,620 पर बंद हुआ।
सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 4.05 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 3.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ शीर्ष लूजर रहे। निफ्टी रियल्टी 3.77 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.42 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 2.20 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.08 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 1.93 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।
केवल निफ्टी आईटी 1.17 प्रतिशत, निफ्टी हेल्थकेयर 0.35 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 0.11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बंद हुए।