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सेंसेक्स 87 अंक टूटकर 72,441 पर खुला, निफ्टी 22,665 पर; FII की ₹24,054 करोड़ की बिकवाली से बाजार दबाव में

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सेंसेक्स 87 अंक टूटकर 72,441 पर खुला, निफ्टी 22,665 पर; FII की ₹24,054 करोड़ की बिकवाली से बाजार दबाव में

सारांश

सितंबर में निफ्टी 5.67% टूट चुका है और FII ने चार दिनों में ₹24,054 करोड़ के शेयर बेचे हैं — US बॉन्ड यील्ड के 5.2% पर टिके रहने से दबाव बना हुआ है। मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी से राहत जरूर मिली, लेकिन बड़े सूचकांक कमजोर बने रहे।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स बुधवार को 87.92 अंक (0.12%) गिरकर 72,441.15 पर खुला; NSE निफ्टी 51.20 अंक (0.23%) की गिरावट के साथ 22,665 पर था।
निफ्टी मिडकैप 100 219 अंक (0.37%) ऊपर 59,585 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 99 अंक (0.52%) ऊपर 19,300 पर रहा।
FII ने पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में ₹24,054 करोड़ के शेयर बेचे।
सितंबर में निफ्टी में 5.67 प्रतिशत की गिरावट; कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और US बॉन्ड यील्ड 5.2% मुख्य कारण।
गेनर्स में TCS, HCL Tech, ICICI Bank, SBI, Maruti Suzuki ; लूजर्स में HDFC Bank, Sun Pharma, Bajaj Finance, Axis Bank ।

BSE सेंसेक्स बुधवार, 30 सितंबर को शुरुआती कारोबार में 87.92 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72,441.15 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 51.20 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,665 पर था। मिश्रित वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली के बीच भारतीय बाजार दबाव में रहे।

मुख्य घटनाक्रम: सूचकांकों का हाल

लार्जकैप की तुलना में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में खरीदारी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 219 अंक यानी 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,585 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 99 अंक यानी 0.52 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,300 पर कारोबार कर रहा था।

सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी हरे निशान में रहे। वहीं निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी फार्मा लाल निशान में रहे।

गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में TCS, IndiGo, HCL Tech, Tech Mahindra, ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank, Trent, HUL, Maruti Suzuki, UltraTech Cement, L&T, M&M, SBI, ITC और Tata Steel बढ़त में रहे।

दूसरी ओर HDFC Bank, Sun Pharma, NTPC, Titan, Bajaj Finance, Axis Bank, Bharti Airtel और Bajaj Finserv गिरावट में रहे।

वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में कारोबार मिला-जुला रहा। टोक्यो, शंघाई और ताइपे हरे निशान में थे, जबकि सोल और हांगकांग लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 0.26 प्रतिशत और नैस्डैक 0.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर माह में अब तक निफ्टी में 5.67 प्रतिशत की भारी गिरावट के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का बढ़ना रहा। यह ऐसे समय में आया है जब 10-साल के यूएस बॉन्ड यील्ड 5.2 प्रतिशत के आसपास बने हुए हैं।

गौरतलब है कि पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में FII ने ₹24,054 करोड़ के शेयर बेचे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊँचे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के मद्देनजर FII की यह बिकवाली स्वाभाविक है।

आम निवेशकों के लिए संकेत

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि भारतीय निवेशकों के नजरिए से बाजार में आई यह तेज गिरावट एक अवसर के रूप में देखी जा सकती है। उनके अनुसार, अच्छी वृद्धि की संभावनाओं वाली लार्जकैप कंपनियों का वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तरों पर आ गया है। आगे बाजार की दिशा वैश्विक बॉन्ड यील्ड और FII के रुख पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब 5.2% यील्ड दे रहे हैं। ₹24,054 करोड़ की FII बिकवाली दर्शाती है कि वैश्विक पूँजी प्रवाह की दिशा भारत के पक्ष में नहीं है। विशेषज्ञों का 'खरीदारी का अवसर' वाला तर्क तब तक कमजोर बना रहेगा जब तक US फेडरल रिजर्व की नीति में नरमी के स्पष्ट संकेत न मिलें — जो फिलहाल नजर नहीं आ रहे।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंक गिरे?
30 सितंबर को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 87.92 अंक (0.12%) गिरकर 72,441.15 पर और निफ्टी 51.20 अंक (0.23%) की गिरावट के साथ 22,665 पर खुला। यह गिरावट मिश्रित वैश्विक संकेतों और FII की बिकवाली के कारण रही।
सितंबर 2026 में शेयर बाजार में इतनी गिरावट क्यों आई?
विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर में निफ्टी की 5.67% गिरावट के पीछे मुख्य कारण कच्चे तेल की ऊँची कीमतें और 10-साल के US बॉन्ड यील्ड का 5.2% के करीब पहुँचना है। इसके अलावा FII ने पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में ₹24,054 करोड़ के शेयर बेचे, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
FII की बिकवाली का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ा?
पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में FII ने ₹24,054 करोड़ के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि US बॉन्ड यील्ड के ऊँचे स्तर को देखते हुए FII का यह रुख स्वाभाविक है।
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आज तेजी रही?
हाँ, लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप बेहतर रहे। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 219 अंक (0.37%) की तेजी के साथ 59,585 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 99 अंक (0.52%) की मजबूती के साथ 19,300 पर था।
क्या मौजूदा गिरावट में निवेश का मौका है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट लार्जकैप कंपनियों में निवेश का अवसर हो सकती है क्योंकि अच्छी वृद्धि की संभावनाओं वाली कंपनियों का वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तरों पर आ गया है। हालाँकि, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और FII के रुख पर नजर रखना जरूरी होगा।
राष्ट्र प्रेस
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