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सेंसेक्स 74,291 पर सपाट, पीएसयू बैंक और डिफेंस शेयरों में खरीदारी; IT शेयर दबाव में

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सेंसेक्स 74,291 पर सपाट, पीएसयू बैंक और डिफेंस शेयरों में खरीदारी; IT शेयर दबाव में

सारांश

मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय बाजार सपाट खुला — सेंसेक्स 74,291 और निफ्टी 23,235 पर। पीएसयू और इन्फ्रा शेयरों ने बाजार को थामे रखा, जबकि आईटी और प्राइवेट बैंक दबाव में रहे। अमेरिकी फेड की 25 आधार अंक की दर वृद्धि और डाओ जोन्स में 1.21% की गिरावट ने धारणा को कमज़ोर किया।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 17 सितंबर 2026 को सुबह 49 अंक (0.07%) की गिरावट के साथ 74,291 पर खुला; NSE निफ्टी 19 अंक की बढ़त के साथ 23,235 पर रहा।
निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई शीर्ष गेनर सूचकांक रहे; निफ्टी डिफेंस , मेटल और ऑटो भी हरे निशान में।
निफ्टी मिडकैप 100 0.36% चढ़कर 61,096 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 0.46% की बढ़त के साथ 19,478 पर रहा।
TCS , HDFC बैंक , इन्फोसिस सहित आईटी और प्राइवेट बैंक शेयर लाल निशान में रहे।
अमेरिकी फेड ने ब्याज दरें 25 आधार अंक बढ़ाईं; डाओ जोन्स 1.21% टूटा।

भारतीय शेयर बाजार में 17 सितंबर 2026 को गुरुवार की सुबह सपाट शुरुआत दर्ज की गई, क्योंकि मिश्रित वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को सीमित रखा। सुबह 9:16 बजे IST पर BSE सेंसेक्स 49 अंक यानी 0.07% की मामूली गिरावट के साथ 74,291 पर और NSE निफ्टी 19 अंक की मामूली बढ़त के साथ 23,235 पर कारोबार कर रहा था।

पीएसयू और इन्फ्रा शेयरों में तेजी

शुरुआती कारोबार में पीएसयू शेयरों ने बाजार को संभाले रखा। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई शीर्ष गेनर सूचकांकों में शामिल रहे। इसके अलावा निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी मेटल, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी कंजम्पशन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी ऑटो — ये सभी सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे।

दूसरी तरफ, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में रहे, जो अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट के असर को दर्शाता है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन

लार्जकैप शेयरों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में अधिक तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 221 अंक यानी 0.36% की मजबूती के साथ 61,096 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 88 अंक यानी 0.46% की बढ़त के साथ 19,478 पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स पैक: गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स के प्रमुख गेनर्स में BEL, इटरनल, बजाज फाइनेंस, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, NTPC, ITC, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, इंडिगो, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और SBI शामिल थे।

वहीं, लूजर्स में TCS, HCL Tech, HDFC बैंक, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, ICICI बैंक, भारती एयरटेल, टाइटन, Sun Pharma, HUL और Axis बैंक प्रमुख रूप से शामिल थे। यह ध्यान देने योग्य है कि लूजर्स की सूची में अधिकांश आईटी और निजी बैंक शेयर हैं, जो वैश्विक दबाव के प्रति संवेदनशील हैं।

वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार देखा गया। टोक्यो, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे, जबकि शंघाई और हांगकांग लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।

अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। यूएस फेड द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंक (0.25%) की बढ़ोतरी के बाद प्रमुख सूचकांक डाओ जोन्स में 1.21% की गिरावट दर्ज की गई।

विशेषज्ञों की राय: फेड का कदम अपेक्षित, लेकिन संदेश सख्त

बाजार जानकारों के अनुसार, फेड का 25 आधार अंक की दर वृद्धि का फैसला पूरी तरह बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था। उन्होंने कहा कि ऊँची महंगाई और मजबूत अर्थव्यवस्था — जिसमें बेरोजगारी दर महज 4.1% है — के परिप्रेक्ष्य में ब्याज दरें स्थिर रखने का कोई कारण नहीं था।

जानकारों ने केविन वॉर्श के सख्त रुख की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनका संदेश स्पष्ट है — महंगाई लंबे समय से उच्च स्तर पर बनी हुई है और कीमतों को स्थिर रखने के लिए यह कदम आवश्यक था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय बाजार भी वैश्विक मौद्रिक नीति के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। आने वाले सत्रों में फेड की भविष्य की नीतिगत दिशा और घरेलू आर्थिक आँकड़े बाजार की चाल तय करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि निजी वित्त और आईटी पर दबाव है। यह पैटर्न बताता है कि घरेलू बाजार अमेरिकी मौद्रिक कसाव से सीधे प्रभावित नहीं है, बल्कि सरकारी पूँजीगत व्यय की धारा से पोषित हो रहा है। फेड का 25 आधार अंक का कदम अपेक्षित था, लेकिन केविन वॉर्श का सख्त लहजा संकेत देता है कि दर-कटौती की उम्मीद जल्द नहीं पूरी होगी — यह उन भारतीय कंपनियों के लिए चिंताजनक है जो डॉलर फंडिंग या अमेरिकी बाजारों पर निर्भर हैं।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार कैसा खुला?
17 सितंबर 2026 को सेंसेक्स 49 अंक (0.07%) की मामूली गिरावट के साथ 74,291 पर और निफ्टी 19 अंक की बढ़त के साथ 23,235 पर खुला। मिश्रित वैश्विक संकेतों के चलते शुरुआत सपाट रही।
आज किन शेयरों और सूचकांकों में तेजी रही?
पीएसयू बैंक, पीएसई, इन्फ्रा, डिफेंस, एफएमसीजी, मेटल, रियल्टी और ऑटो सूचकांक हरे निशान में रहे। सेंसेक्स पैक में BEL, टाटा स्टील, NTPC, SBI, बजाज फाइनेंस और मारुति सुजुकी प्रमुख गेनर्स रहे।
आज कौन से शेयर दबाव में रहे?
निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में रहे। TCS, HDFC बैंक, इन्फोसिस, HCL Tech, ICICI बैंक और Axis बैंक प्रमुख लूजर्स में शामिल थे।
अमेरिकी फेड की ब्याज दर वृद्धि का भारतीय बाजार पर क्या असर पड़ा?
अमेरिकी फेड ने ब्याज दरें 25 आधार अंक बढ़ाईं, जिससे डाओ जोन्स 1.21% टूटा। इसका असर भारतीय आईटी और निजी बैंक शेयरों पर दिखा, हालाँकि पीएसयू शेयरों की खरीदारी ने समग्र बाजार को सँभाले रखा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा?
मिडकैप और स्मॉलकैप ने लार्जकैप से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 221 अंक (0.36%) चढ़कर 61,096 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 88 अंक (0.46%) की बढ़त के साथ 19,478 पर रहा।
राष्ट्र प्रेस
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