ईरान संघर्ष के कारण गेल को कतर से एलएनजी आपूर्ति में रुकावट, भारत की गैस सप्लाई पर प्रभाव

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ईरान संघर्ष के कारण गेल को कतर से एलएनजी आपूर्ति में रुकावट, भारत की गैस सप्लाई पर प्रभाव

सारांश

इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते भारत की गैस सप्लाई पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। गेल (इंडिया) लिमिटेड ने कतर से एलएनजी सप्लाई बंद होने की पुष्टि की। अगर हालात ऐसे रहे, तो ग्राहकों को गैस आपूर्ति में कटौती का सामना करना पड़ सकता है।

Key Takeaways

  • गेल ने कतर से एलएनजी सप्लाई बंद की है।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेविगेशन प्रतिबंधों के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है।
  • भारत में गैस सप्लाई में कटौती का खतरा है।
  • वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
  • मिडिल ईस्ट में तनाव का प्रभाव भारत पर हो सकता है।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल-अमेरिका-ईरान युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की गैस सप्लाई पर भी देखने को मिल रहा है। सरकारी गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने जानकारी दी है कि कतर से मिलने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की सप्लाई वर्तमान में पूरी तरह से बंद हो गई है। कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो डाउनस्ट्रीम ग्राहकों को गैस आपूर्ति में कटौती करनी पड़ सकती है।

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके दीर्घकालिक सप्लायर पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) ने 3 मार्च को फोर्स मेजर नोटिस जारी किया है। यह कदम उठाने का कारण यह है कि कतर और भारत के बीच एलएनजी जहाजों के आवागमन में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री नेविगेशन प्रतिबंधों के कारण बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। इसके अतिरिक्त, कतर के रास लाफान स्थित एलएनजी लिक्विफिकेशन प्लांट भी बंद कर दिया गया है।

फाइलिंग के अनुसार, पेट्रोनेट के अपस्ट्रीम सप्लायर कतर एनर्जी ने भी क्षेत्र में हाल की सैन्य टकराव के कारण संभावित फोर्स मेजर की स्थिति की जानकारी दी है। इसी कारण से पेट्रोनेट द्वारा गेल को दिए जाने वाले एलएनजी कोटे को 4 मार्च 2026 से शून्य कर दिया गया है।

गेल ने कहा है कि वह इस स्थिति का आकलन कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर अपने ग्राहकों को गैस सप्लाई में कटौती करने का निर्णय ले सकती है। हालांकि, कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य स्रोतों से मिलने वाली एलएनजी सप्लाई फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है। कंपनी लगातार हालात पर नज़र रख रही है और किसी भी बड़े अपडेट की जानकारी शेयर बाजार को देती रहेगी।

भारत में गेल लगभग 11,400 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क का संचालन करती है और देश में गैस ट्रांसमिशन के क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी रखती है। यह नेटवर्क कई गैस स्रोतों को बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं और अन्य ग्राहकों से जोड़ता है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी हलचल देखी जा रही है। एशिया में स्पॉट एलएनजी की कीमतें तीन साल के उच्च स्तर के करीब पहुंचने के बाद गुरुवार को थोड़ी नरम हुईं। ट्रेडर्स के अनुसार, एशिया में स्पॉट एलएनजी की कीमत लगभग 23.80 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट कर गिर गई, जो पिछले सप्ताह की तुलना में अभी भी दोगुनी से ज्यादा है।

ऊर्जा बाजार में यह उछाल उस समय आया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमला किया, जिसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्र में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

बाजार को सबसे ज्यादा चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इसी रास्ते से मिडिल ईस्ट से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई विश्वभर में होती है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर के रास लाफान एलएनजी प्लांट (दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी निर्यात प्लांट) पर भी परिचालन रोक दिया गया है। इसके अलावा, कुछ एलएनजी टैंकरों ने यूरोप की बजाय एशिया की ओर अपना रास्ता बदल लिया है, जिससे सप्लाई के लिए प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहा तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और भी अस्थिर हो सकता है, जिसका प्रभाव भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है।

Point of View

NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

गेल ने कतर से एलएनजी सप्लाई क्यों बंद की?
गेल ने कतर से एलएनजी सप्लाई बंद करने की घोषणा की है क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री नेविगेशन प्रतिबंधों के चलते जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
भारत में गैस सप्लाई पर इसका क्या असर होगा?
अगर हालात ऐसे ही बने रहे, तो डाउनस्ट्रीम ग्राहकों को गैस आपूर्ति में कटौती करनी पड़ सकती है।
क्या अन्य स्रोतों से गैस सप्लाई प्रभावित होगी?
गेल ने स्पष्ट किया है कि अन्य स्रोतों से मिलने वाली एलएनजी सप्लाई फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है।
मिडिल ईस्ट में तनाव का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर क्या प्रभाव है?
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों को संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कौन सा समुद्री मार्ग महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस सप्लाई होती है।
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