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जयपुर मेट्रो फेज-2: PM मोदी करेंगे ₹13,037 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास, मिलेगा 41 किमी नया कॉरिडोर

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जयपुर मेट्रो फेज-2: PM मोदी करेंगे ₹13,037 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास, मिलेगा 41 किमी नया कॉरिडोर

सारांश

जयपुर को मिलने जा रही है उसकी अब तक की सबसे बड़ी मेट्रो परियोजना। PM मोदी शनिवार को ₹13,037 करोड़ की फेज-2 का शिलान्यास करेंगे — 41 किमी लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर, 36 स्टेशन, और हवाई अड्डे से रेलवे स्टेशन तक सीधी कनेक्टिविटी। यह 'पिंक सिटी' के शहरी परिवहन का सबसे बड़ा बदलाव होगा।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी शनिवार को ₹13,037 करोड़ की जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना का शिलान्यास करेंगे।
फेज-2 में प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर और 36 स्टेशन बनेंगे।
पहले पैकेज के लिए ₹918.04 करोड़ का LOA जारी; प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर में 10 स्टेशन होंगे।
परियोजना का निर्माण केंद्र व राजस्थान सरकार की 50:50 साझेदारी वाली RMRCL करेगी।
फेज-2 पूरा होने के बाद दैनिक यात्री संख्या 50,000 से बढ़कर 2.5 लाख तक पहुँचने का अनुमान।
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भूमिगत स्टेशन बनेगा; चाकसू और चोमू से फीडर बस सेवा की योजना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जुलाई 2025 (शनिवार) को ₹13,037 करोड़ की जयपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-2 का शिलान्यास करेंगे। यह समारोह राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में आयोजित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) रिफाइनरी के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान होगा। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी साझा की।

परियोजना का दायरा और रूट

फेज-2 के तहत प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण (नॉर्थ-साउथ) मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस पूरे मार्ग पर कुल 36 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।

यह कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (VKIA), जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टोंक रोड, सवाई मानसिंह अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, जयपुर रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा।

पहला निर्माण पैकेज और प्रमुख स्टेशन

केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पहले निर्माण पैकेज के लिए ₹918.04 करोड़ से अधिक का लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) जारी कर दिया है। इस पैकेज के तहत प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा, जिसमें 10 एलिवेटेड स्टेशन होंगे।

इन स्टेशनों में प्रहलादपुरा, मानपुरा, बिलवा कलां, बिलवा, गोनेर मोड़, सीतापुरा, जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), कुंभा मार्ग, हल्दीघाटी गेट और पिंजरापोल गौशाला शामिल हैं। इसके अलावा, फेज-2 डिपो से जोड़ने के लिए एक विशेष स्पर लाइन भी बनाई जाएगी।

संयुक्त उद्यम और तकनीकी विशेषताएँ

परियोजना का निर्माण राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) द्वारा किया जाएगा, जो केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार की 50:50 हिस्सेदारी वाली संयुक्त उद्यम कंपनी है। एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत (अंडरग्राउंड) मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, जिन्हें मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा ताकि यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिल सके।

पूरी परियोजना को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के रूप में डिज़ाइन किया गया है — जो एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बस अड्डों से सीधे जुड़ेगी। चाकसू और चोमू जैसे आसपास के शहरों से यात्रियों को मेट्रो तक लाने के लिए फीडर बस सेवाएं भी शुरू करने की योजना है।

मौजूदा नेटवर्क और भविष्य की सवारियाँ

वर्तमान में जयपुर मेट्रो का फेज-1 कॉरिडोर मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक 11.64 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 11 स्टेशन हैं और प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्री सफर करते हैं। फेज-2 पूरा होने के बाद दैनिक सवारियों की संख्या 2.5 लाख तक पहुँचने का अनुमान है, और आने वाले वर्षों में यह आँकड़ा 4 लाख से अधिक हो सकता है।

गौरतलब है कि यह परियोजना ऐसे समय में आई है जब जयपुर तेज़ी से विस्तार कर रहा है और शहर में सार्वजनिक परिवहन की माँग बढ़ रही है। फेज-2 के पूरा होने के बाद जयपुर मेट्रो का कुल नेटवर्क 52 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा, जो शहर को देश के प्रमुख मेट्रो शहरों की श्रेणी में लाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि फेज-1 के 11.64 किलोमीटर नेटवर्क पर प्रतिदिन केवल 50,000 यात्री ही सफर करते हैं — जो कि शुरुआती अनुमानों से काफी कम है। फेज-2 के लिए 2.5 लाख से 4 लाख दैनिक यात्रियों के अनुमान तभी यथार्थवादी होंगे जब फीडर कनेक्टिविटी, किराया नीति और लास्ट-माइल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ठोस काम हो। इसके अलावा, 41 किलोमीटर की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की समयसीमा और लागत-नियंत्रण भारत के मेट्रो निर्माण इतिहास में अक्सर चुनौतीपूर्ण रही है — इन मानकों पर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना क्या है?
जयपुर मेट्रो फेज-2 एक ₹13,037 करोड़ की शहरी परिवहन परियोजना है, जिसके तहत प्रहलादपुरा से टोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर और 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह परियोजना जयपुर के हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन, प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को एक आधुनिक नेटवर्क से जोड़ेगी।
जयपुर मेट्रो फेज-2 का शिलान्यास कब और कहाँ होगा?
PM नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में HPCL रिफाइनरी उद्घाटन समारोह के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास करेंगे। यह कार्यक्रम 5 जुलाई 2025 को आयोजित होगा।
जयपुर मेट्रो फेज-2 में कौन-से प्रमुख इलाके जुड़ेंगे?
यह कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, विश्वकर्मा इंडस्ट्रियल एरिया (VKIA), जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सवाई मानसिंह अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, जयपुर रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर को आपस में जोड़ेगा। एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन बनाया जाएगा।
जयपुर मेट्रो फेज-2 का निर्माण कौन करेगा और फंडिंग कैसे होगी?
परियोजना का निर्माण राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RMRCL) करेगी, जो केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार की 50:50 संयुक्त उद्यम कंपनी है। पहले निर्माण पैकेज के लिए ₹918.04 करोड़ से अधिक का LOA पहले ही जारी किया जा चुका है।
फेज-2 पूरा होने के बाद जयपुर मेट्रो पर कितने यात्री सफर करेंगे?
अनुमान के अनुसार फेज-2 पूरा होने के बाद दैनिक यात्री संख्या मौजूदा 50,000 से बढ़कर लगभग 2.5 लाख तक पहुँच सकती है। आने वाले वर्षों में यह आँकड़ा 4 लाख से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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