क्या केंद्र ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए नया 'लोगो' पेश किया है, जिससे उनकी विजिबिलिटी बढ़ेगी?
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नई दिल्ली, 18 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के लिए एक एकीकृत और सिंगल ब्रांड पहचान को दर्शाने वाला नया 'लोगो' पेश किया है। इससे इन बैंकों की विजिबिलिटी में सुधार होगा।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह लोगो ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में प्रगति और विकास की थीम को दर्शाता है और आरआरबी द्वारा अपनाए गए मूल्यों को और अधिक मजबूती प्रदान करता है।
मंत्रालय ने बताया कि "वन स्टेट वन आरआरबी" (एक राज्य, एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक) के सिद्धांत के अनुसार, 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालन कर रहे 26 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) का एकीकरण किया गया है, जो एक मई 2025 से लागू होगा। यह सुधार मजबूत और कुशल क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम है। वर्तमान में, 28 आरआरबी 700 से अधिक जिलों में 22,000 से ज्यादा शाखाओं के माध्यम से राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।
बयान में आगे कहा गया कि आरआरबी के इस बड़े मर्जर अभियान के बाद, एक सिंगल और यूनिफाइड ब्रांड पहचान बनाने के प्रयास में, सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए एक साझा 'लोगो' पेश किया गया है। यह ग्रामीण समुदायों की सेवा करने वाले इन संस्थानों की पहचान और विजिबिलिटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, आरआरबी के लोगो के रंगों का चयन बहुत सोच-समझकर किया गया है ताकि वह इन बैंकों के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकें। इसमें गहरा नीला रंग वित्त और भरोसे का प्रतीक है, जबकि हरा रंग जीवन और विकास को दर्शाता है, जो ग्रामीण भारत की सेवा करने के उनके मिशन को प्रतिबिंबित करता है।
सरकार की इस साझा ब्रांडिंग पहल से यह उम्मीद है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को राष्ट्रव्यापी स्तर पर एक विशिष्ट, आधुनिक और आसानी से पहचानी जाने वाली ब्रांड पहचान मिलेगी। यह वित्तीय समावेशन और ग्रामीण विकास के प्रति उनकी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।