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खादी ग्रामोद्योग की रिकॉर्ड बिक्री: वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.87 लाख करोड़, 12 वर्षों में 501% उछाल

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खादी ग्रामोद्योग की रिकॉर्ड बिक्री: वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.87 लाख करोड़, 12 वर्षों में 501% उछाल

सारांश

बारह वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग की कहानी सिर्फ आंकड़ों की नहीं — ग्रामीण पुनर्जागरण की है। ₹1.87 लाख करोड़ की बिक्री, 2.04 करोड़ रोजगार और 28,000 से अधिक नई महिला उद्यमी — KVIC का वित्त वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन 'विकसित भारत 2047' की नींव में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

KVIC की कुल बिक्री वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.87 लाख करोड़ — वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में 501% की वृद्धि।
कुल उत्पादन 380% बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ ; आधार वर्ष में यह मात्र ₹26,109 करोड़ था।
रोजगार 56% बढ़कर 2.04 करोड़ हुआ; इनमें से 1.99 करोड़ ग्राम उद्योगों में कार्यरत।
खादी वस्त्र बिक्री 628% उछलकर ₹7,869 करोड़ ; उत्पादन 390% बढ़कर ₹3,974 करोड़ ।
PMEGP के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 28,000 से अधिक महिला उद्यमियों ने नई इकाइयाँ स्थापित कीं; प्रशिक्षुओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 59% ।

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.87 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है — जो वित्त वर्ष 2013-14 के आधार वर्ष की तुलना में 501 प्रतिशत की वृद्धि है। 26 मई 2026 को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में उत्पादन 380 प्रतिशत बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ और रोजगार 56 प्रतिशत बढ़कर 2.04 करोड़ तक पहुँच गया है।

मुख्य आंकड़े और उपलब्धियाँ

KVIC के चेयरमैन मनोज कुमार ने बताया कि आयोग ने सभी प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों में नए मील के पत्थर हासिल किए हैं। वित्त वर्ष 2013-14 में कुल उत्पादन मात्र ₹26,109 करोड़ था, जो अब बारह वर्षों में चार गुने से भी अधिक हो गया है। बिक्री के मोर्चे पर भी, वित्त वर्ष 2025 में बिक्री आधार वर्ष की तुलना में 447 प्रतिशत और उत्पादन 347 प्रतिशत बढ़ा था, जबकि वित्त वर्ष 2024 में क्रमशः 400 प्रतिशत और 315 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

खादी वस्त्र उद्योग में असाधारण उछाल

आंकड़ों के अनुसार, खादी वस्त्र क्षेत्र ने विशेष रूप से उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र में उत्पादन लगभग 390 प्रतिशत बढ़कर ₹3,974 करोड़ हो गया, जबकि बिक्री 628 प्रतिशत की छलांग के साथ ₹7,869 करोड़ तक पहुँच गई। यह वृद्धि दर समग्र KVIC औसत से भी अधिक है, जो खादी के प्रति उपभोक्ता रुझान में बदलाव का संकेत देती है।

रोजगार सृजन और महिला उद्यमिता

रोजगार के मोर्चे पर, वित्त वर्ष 2013-14 में 1.30 करोड़ लोग KVIC से जुड़े थे, जो अब बढ़कर 2.04 करोड़ हो गए हैं। इनमें से लगभग 1.99 करोड़ लोग ग्राम उद्योगों में कार्यरत हैं। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही — प्रशिक्षुओं में उनकी हिस्सेदारी लगभग 59 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 28,000 से अधिक महिला उद्यमियों ने नई इकाइयाँ स्थापित कीं।

विकसित भारत 2047 से जुड़ाव

KVIC चेयरमैन मनोज कुमार के अनुसार, यह प्रदर्शन 'विकसित भारत 2047' के विजन में सीधा योगदान दे रहा है और भारत को वैश्विक अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं की पंक्ति में खड़ा करने में सहायक है। उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीतिगत मार्गदर्शन, महात्मा गांधी की विरासत से मिली प्रेरणा और लाखों ग्रामीण कारीगरों की अथक मेहनत को दिया। गौरतलब है कि यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को महामारी के बाद की चुनौतियों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं का सामना करना पड़ा था। KVIC के ये आंकड़े ग्रामीण विनिर्माण क्षेत्र की पुनर्बहाली की व्यापक कहानी का हिस्सा हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — आधार वर्ष 2013-14 अपेक्षाकृत निम्न था, इसलिए प्रतिशत वृद्धि स्वाभाविक रूप से बड़ी दिखती है। असली कसौटी यह है कि क्या ये रोजगार संख्याएँ औपचारिक, सत्यापन-योग्य नौकरियाँ हैं या मौसमी व अनौपचारिक कार्य को भी इसमें समाहित किया गया है। महिला उद्यमिता के आंकड़े — 28,000 से अधिक नई इकाइयाँ — उत्साहजनक हैं, परंतु इन इकाइयों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता और आय-स्तर पर स्वतंत्र डेटा अभी उपलब्ध नहीं है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्यों से जोड़ना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, किंतु ग्रामीण आय में वास्तविक बदलाव मापने के लिए बिक्री-आंकड़ों से परे गहरे संकेतकों की दरकार है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

KVIC ने वित्त वर्ष 2025-26 में कितनी बिक्री दर्ज की?
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.87 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की, जो वित्त वर्ष 2013-14 की तुलना में 501 प्रतिशत अधिक है। यह पिछले 12 वर्षों में KVIC की सर्वाधिक बिक्री है।
KVIC में रोजगार कितना बढ़ा है?
KVIC से जुड़ा कुल रोजगार वित्त वर्ष 2013-14 के 1.30 करोड़ से 56 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 2.04 करोड़ हो गया है। इनमें से लगभग 1.99 करोड़ लोग ग्राम उद्योगों में कार्यरत हैं।
खादी वस्त्र उद्योग में क्या बदलाव आया है?
खादी वस्त्र क्षेत्र में बिक्री 628 प्रतिशत बढ़कर ₹7,869 करोड़ और उत्पादन लगभग 390 प्रतिशत बढ़कर ₹3,974 करोड़ हो गया है। यह वृद्धि KVIC की समग्र औसत वृद्धि दर से भी अधिक है।
PMEGP के तहत महिला उद्यमियों को क्या लाभ मिला?
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 28,000 से अधिक महिला उद्यमियों ने नई इकाइयाँ स्थापित कीं। इसके अलावा, KVIC के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिला प्रशिक्षुओं की हिस्सेदारी लगभग 59 प्रतिशत रही।
KVIC का यह प्रदर्शन 'विकसित भारत 2047' से कैसे जुड़ा है?
KVIC चेयरमैन मनोज कुमार के अनुसार, आयोग की यह वृद्धि 'विकसित भारत 2047' के विजन में सीधा योगदान दे रही है, क्योंकि यह ग्रामीण रोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देती है। हालाँकि, इन लक्ष्यों के विरुद्ध प्रगति का स्वतंत्र मूल्यांकन अभी उपलब्ध नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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