5 नवंबर 2026
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महाराष्ट्र को भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक केंद्र बनाएंगे: CM फडणवीस, चाकन में मर्सिडीज-बेंज EV लॉन्च

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महाराष्ट्र को भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक केंद्र बनाएंगे: CM फडणवीस, चाकन में मर्सिडीज-बेंज EV लॉन्च

सारांश

मुख्यमंत्री फडणवीस ने चाकन में मर्सिडीज-बेंज के इलेक्ट्रिक जीएलसी लॉन्च पर महाराष्ट्र को वैश्विक EV और गतिशीलता हब बनाने का विज़न रखा। 2030 तक 30% EV पंजीकरण, ₹3,200 करोड़ का चाकन निवेश और 18,000 से अधिक रोज़गार — राज्य 'मेक' से 'इनोवेट' की ओर बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 4 नवंबर 2026 को चाकन, पुणे में मर्सिडीज-बेंज इलेक्ट्रिक जीएलसी लॉन्च के अवसर पर महाराष्ट्र को भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
महाराष्ट्र भारत के कुल मोटर वाहन उत्पादन में 20% से अधिक का योगदान देता है।
राज्य की EV नीति के तहत 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30% इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने का लक्ष्य।
मर्सिडीज-बेंज के चाकन संयंत्र में ₹3,200 करोड़ का निवेश; 1,200 प्रत्यक्ष और लगभग 18,000 अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित।
लॉन्च के 36 घंटों के भीतर लगभग 650 ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक जीएलसी में रुचि दर्ज कराई।
नवी मुंबई हवाई अड्डे, पुणे-पुरंदर हवाई अड्डे और वधावन बंदरगाह के ज़रिये वैश्विक कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 4 नवंबर 2026 को चाकन, पुणे में मर्सिडीज-बेंज के इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन के लॉन्च समारोह में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य राज्य को महज एक राष्ट्रीय ऑटोमोटिव केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक हब बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब 'मेक इन महाराष्ट्र' से आगे बढ़कर 'इनोवेट इन महाराष्ट्र' की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

महाराष्ट्र का ऑटोमोटिव क्षेत्र में योगदान

फडणवीस ने बताया कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्रों में एक विशाल ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लस्टर पहले से विकसित हो चुका है। महाराष्ट्र फिलहाल भारत के कुल मोटर वाहन उत्पादन में 20 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि राज्य की महत्वाकांक्षा केवल वाहन असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी प्रौद्योगिकी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर, डिज़ाइन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने तक फैली हुई है।

EV नीति और बुनियादी ढाँचा

मुख्यमंत्री ने राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, राजमार्गों पर फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग के साथ सतत गतिशीलता कॉरिडोर और बैटरी रीसाइक्लिंग पहलों को भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मर्सिडीज-बेंज चाकन संयंत्र और रोज़गार

₹3,200 करोड़ के निवेश से स्थापित मर्सिडीज-बेंज के चाकन संयंत्र ने लगभग 1,200 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार दिया है, जबकि आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और सेवा क्षेत्रों के ज़रिये लगभग 18,000 व्यक्तियों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं। संयंत्र के विस्तार के दस वर्षों के भीतर अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी का उत्पादन शुरू होना राज्य की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को दर्शाता है। फडणवीस ने बताया कि मात्र 36 घंटों के भीतर लगभग 650 ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक जीएलसी में रुचि दिखाई — जो बाज़ार में इस वाहन की माँग का स्पष्ट संकेत है।

वैश्विक कनेक्टिविटी और भविष्य का विज़न

मुख्यमंत्री ने मर्सिडीज-बेंज से आग्रह किया कि वह भारतीय घरेलू बाज़ार के साथ-साथ एशियाई और वैश्विक बाज़ारों के लिए भी चाकन से उत्पादन करे, और भविष्य की बैटरी प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग तथा गतिशीलता अनुसंधान के लिए महाराष्ट्र को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि भविष्य के वाहन केवल चार पहिया वाहन नहीं होंगे — वे कंप्यूटर, ऊर्जा प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त एक एकीकृत गतिशीलता मंच होंगे। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रस्तावित पुणे-पुरंदर हवाई अड्डे और वधावन बंदरगाह के ज़रिये वैश्विक बाज़ारों से कनेक्टिविटी और मज़बूत होगी।

उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज ने पिछले तीन दशकों में महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में राज्य की EV नीति और वैश्विक साझेदारियों की दिशा तय करेगी कि महाराष्ट्र इस दौड़ में कहाँ खड़ा होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राज्य की असली परीक्षा नीति-घोषणाओं से आगे, क्रियान्वयन में होगी — विशेष रूप से तब जब गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्य भी EV और सेमीकंडक्टर निवेश के लिए आक्रामक रूप से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। 2030 तक 30% EV पंजीकरण का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब फास्ट-चार्जिंग नेटवर्क और बैटरी रीसाइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर वाकई ज़मीन पर दिखे, न सिर्फ भाषणों में। मर्सिडीज-बेंज के चाकन संयंत्र से 18,000 अप्रत्यक्ष रोज़गार के आँकड़े उत्साहजनक हैं, पर यह जाँचना ज़रूरी है कि ये नौकरियाँ स्थायी हैं या आपूर्ति-श्रृंखला के उतार-चढ़ाव पर निर्भर। वैश्विक EV बाज़ार में धीमेपन के संकेतों के बीच, महाराष्ट्र का यह दाँव साहसी भी है और जोखिम भरा भी।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM फडणवीस का महाराष्ट्र को भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक हब बनाने का विज़न क्या है?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने 4 नवंबर 2026 को चाकन, पुणे में कहा कि महाराष्ट्र सरकार राज्य को केवल राष्ट्रीय ऑटोमोटिव केंद्र से आगे बढ़ाकर EV, बैटरी प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, AI और R&D में वैश्विक नेतृत्व का केंद्र बनाना चाहती है। राज्य 'मेक इन महाराष्ट्र' से 'इनोवेट इन महाराष्ट्र' की ओर बढ़ रहा है।
महाराष्ट्र की EV नीति में 2030 तक क्या लक्ष्य है?
राज्य की EV नीति के तहत 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही राजमार्गों पर फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग पर सतत गतिशीलता कॉरिडोर और बैटरी रीसाइक्लिंग पहलें भी शामिल हैं।
मर्सिडीज-बेंज के चाकन संयंत्र में कितना निवेश है और कितने लोगों को रोज़गार मिला है?
मर्सिडीज-बेंज का चाकन संयंत्र ₹3,200 करोड़ के निवेश से स्थापित हुआ है। इसने लगभग 1,200 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार दिया है, जबकि आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और सेवा क्षेत्रों के ज़रिये लगभग 18,000 व्यक्तियों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं।
इलेक्ट्रिक जीएलसी के लॉन्च पर बाज़ार की प्रतिक्रिया कैसी रही?
CM फडणवीस ने बताया कि मात्र 36 घंटों के भीतर लगभग 650 ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन में रुचि दिखाई। यह आँकड़ा भारतीय बाज़ार में प्रीमियम EV सेगमेंट की बढ़ती माँग का संकेत देता है।
महाराष्ट्र की वैश्विक कनेक्टिविटी के लिए क्या योजनाएँ हैं?
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रस्तावित पुणे-पुरंदर हवाई अड्डे और वधावन बंदरगाह के ज़रिये वैश्विक बाज़ारों से कनेक्टिविटी मज़बूत करने की योजना है। ये परियोजनाएँ महाराष्ट्र से निर्यात और वैश्विक ऑटोमोटिव सप्लाई चेन में भागीदारी को बढ़ावा देंगी।
राष्ट्र प्रेस
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