महाराष्ट्र को भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक केंद्र बनाएंगे: CM फडणवीस, चाकन में मर्सिडीज-बेंज EV लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 4 नवंबर 2026 को चाकन, पुणे में मर्सिडीज-बेंज के इलेक्ट्रिक जीएलसी वाहन के लॉन्च समारोह में स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य राज्य को महज एक राष्ट्रीय ऑटोमोटिव केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य की गतिशीलता का वैश्विक हब बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य अब 'मेक इन महाराष्ट्र' से आगे बढ़कर 'इनोवेट इन महाराष्ट्र' की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
महाराष्ट्र का ऑटोमोटिव क्षेत्र में योगदान
फडणवीस ने बताया कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ क्षेत्रों में एक विशाल ऑटोमोटिव इंडस्ट्री क्लस्टर पहले से विकसित हो चुका है। महाराष्ट्र फिलहाल भारत के कुल मोटर वाहन उत्पादन में 20 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। उन्होंने कहा कि राज्य की महत्वाकांक्षा केवल वाहन असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरी प्रौद्योगिकी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल सॉफ्टवेयर, डिज़ाइन और अनुसंधान एवं विकास (R&D) में वैश्विक नेतृत्व हासिल करने तक फैली हुई है।
EV नीति और बुनियादी ढाँचा
मुख्यमंत्री ने राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2030 तक नए वाहन पंजीकरण में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके अतिरिक्त, राजमार्गों पर फास्ट-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और समृद्धि महामार्ग के साथ सतत गतिशीलता कॉरिडोर और बैटरी रीसाइक्लिंग पहलों को भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मर्सिडीज-बेंज चाकन संयंत्र और रोज़गार
₹3,200 करोड़ के निवेश से स्थापित मर्सिडीज-बेंज के चाकन संयंत्र ने लगभग 1,200 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार दिया है, जबकि आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और सेवा क्षेत्रों के ज़रिये लगभग 18,000 व्यक्तियों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित हुए हैं। संयंत्र के विस्तार के दस वर्षों के भीतर अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक जीएलसी का उत्पादन शुरू होना राज्य की औद्योगिक और तकनीकी प्रगति को दर्शाता है। फडणवीस ने बताया कि मात्र 36 घंटों के भीतर लगभग 650 ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक जीएलसी में रुचि दिखाई — जो बाज़ार में इस वाहन की माँग का स्पष्ट संकेत है।
वैश्विक कनेक्टिविटी और भविष्य का विज़न
मुख्यमंत्री ने मर्सिडीज-बेंज से आग्रह किया कि वह भारतीय घरेलू बाज़ार के साथ-साथ एशियाई और वैश्विक बाज़ारों के लिए भी चाकन से उत्पादन करे, और भविष्य की बैटरी प्रौद्योगिकी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग तथा गतिशीलता अनुसंधान के लिए महाराष्ट्र को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि भविष्य के वाहन केवल चार पहिया वाहन नहीं होंगे — वे कंप्यूटर, ऊर्जा प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से युक्त एक एकीकृत गतिशीलता मंच होंगे। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, प्रस्तावित पुणे-पुरंदर हवाई अड्डे और वधावन बंदरगाह के ज़रिये वैश्विक बाज़ारों से कनेक्टिविटी और मज़बूत होगी।
उपमुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि मर्सिडीज-बेंज ने पिछले तीन दशकों में महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति मज़बूत कर रहा है। आने वाले वर्षों में राज्य की EV नीति और वैश्विक साझेदारियों की दिशा तय करेगी कि महाराष्ट्र इस दौड़ में कहाँ खड़ा होता है।