मारुति सुजुकी ने एआई और सस्टेनेबिलिटी के लिए 5 स्टार्टअप्स को MSIP के पाँचवें बैच में शामिल किया
सारांश
मुख्य बातें
मारुति सुजुकी इंडिया ने 29 जून 2026 को घोषणा की कि उसने अपने मारुति सुजुकी इन्क्यूबेशन प्रोग्राम (MSIP) के पाँचवें बैच में पाँच नए स्टार्टअप्स को शामिल किया है। ये स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सस्टेनेबिलिटी-आधारित समाधानों के ज़रिए कंपनी की परिचालन दक्षता, ग्राहक अनुभव और व्यावसायिक प्रक्रियाओं को उन्नत करेंगे। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी का यह कदम उसके दीर्घकालिक तकनीकी रूपांतरण की दिशा में एक और मज़बूत पड़ाव है।
कौन हैं पाँचों चयनित स्टार्टअप्स
MSIP के पाँचवें बैच के विजेताओं में मिनीमाइन्स, ईजवर्क एआई, सर्वम एआई, सिफ्टली और कोडमेट एआई शामिल हैं। इन सभी का चयन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) बेंगलुरु के स्टार्टअप इन्क्यूबेटर NSRCEL के साथ साझेदारी में किया गया है, जो प्रारंभिक चरण के स्टार्टअप्स को मेंटरशिप और IIM बेंगलुरु के उद्यमिता नेटवर्क का लाभ उपलब्ध कराता है।
प्रत्येक स्टार्टअप की भूमिका
मिनीमाइन्स एंड-ऑफ-लाइफ लिथियम-आयन बैटरियों की पर्यावरण-अनुकूल रीसाइक्लिंग और उनमें मौजूद मूल्यवान धातुओं को निकालने के समाधान विकसित करेगा — यह मारुति की इलेक्ट्रिक वाहन रणनीति के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण है।
ईजवर्क एआई एजेंटिक एआई की सहायता से अप्रत्यक्ष उपभोग सामग्री (इनडायरेक्ट कंज्यूमेबल्स) की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित बनाएगा। सर्वम एआई बहुभाषी जनरेटिव एआई एजेंट तैयार करेगा, जो विभिन्न माध्यमों पर ग्राहकों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने में सहायक होंगे।
सिफ्टली जनरेटिव एआई के ज़रिए कंपनी की ब्रांड विज़िबिलिटी को बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा, जबकि कोडमेट एआई व्यावसायिक संचालन के लिए सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन डेवलपमेंट को तेज़ और अधिक प्रभावी बनाने वाले एआई-आधारित समाधान विकसित करेगा।
सीईओ का बयान
मारुति सुजुकी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिसाशी ताकेउची ने कहा, 'हमें पाँच और स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करके खुशी हो रही है। इनमें से मिनीमाइन्स हमारी एंड-ऑफ-लाइफ बैटरियों को सुरक्षित तरीके से रीसायकल करने में मदद करेगा, जबकि बाकी चार स्टार्टअप्स ग्राहक जुड़ाव बढ़ाने और हमारी व्यावसायिक प्रक्रियाओं को अधिक कुशल बनाने में सहयोग करेंगे।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कंपनी लंबे समय से स्टार्टअप्स के साथ मिलकर वास्तविक कारोबारी चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर काम कर रही है।
MSIP की पृष्ठभूमि और अब तक की उपलब्धियाँ
मारुति सुजुकी का इन्क्यूबेशन प्रोग्राम अगस्त 2020 में शुरू किया गया था। गौरतलब है कि पिछले सात वर्षों में कंपनी ने ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी सेक्टर के लिए कई इनोवेशन कार्यक्रम चलाए हैं। अब तक मारुति सुजुकी करीब 7,400 स्टार्टअप्स की स्क्रीनिंग कर चुकी है, जिनमें से 250 से अधिक के साथ काम किया गया है और 38 स्टार्टअप्स को आधिकारिक बिज़नेस पार्टनर के रूप में शामिल किया जा चुका है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग तेज़ी से इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटल रूपांतरण की ओर बढ़ रहा है, और बड़ी कंपनियाँ स्टार्टअप इकोसिस्टम को अपनी नवाचार रणनीति का अभिन्न हिस्सा बना रही हैं। आगे देखना होगा कि ये पाँचों स्टार्टअप्स पायलट चरण से परे मारुति के व्यापक परिचालन में किस हद तक अपनी छाप छोड़ पाते हैं।