शीर्ष 10 में से 9 कंपनियों का मार्केटकैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, बजाज फाइनेंस सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
देश की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 27 से 31 जुलाई के कारोबारी सप्ताह में ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ गया। इक्विटी बाजार में आई जोरदार रैली ने इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों को ऊपर उठाया, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर इकलौती कंपनी रही जिसका मार्केटकैप इस दौरान घटा।
बजाज फाइनेंस की सबसे बड़ी छलांग
बीते सप्ताह शीर्ष 10 में बजाज फाइनेंस ने सबसे बड़ी उछाल दर्ज की। कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹80,345.97 करोड़ बढ़कर ₹7,10,817.51 करोड़ पर पहुँच गया। यह तेजी कंपनी के वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही के मजबूत नतीजों के बाद आई, जिसमें समेकित कर-पश्चात लाभ में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। नतीजों के बाद शुक्रवार को कंपनी के शेयर 8 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।
अन्य प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
भारती एयरटेल का बाजार पूंजीकरण ₹44,959.50 करोड़ बढ़कर ₹12,30,005.63 करोड़ हो गया। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के मार्केटकैप में ₹40,414.03 करोड़ की बढ़ोतरी हुई और यह ₹8,55,894.78 करोड़ पर पहुँचा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण ₹39,447.35 करोड़ बढ़कर ₹17,69,108.79 करोड़ हो गया। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का मार्केटकैप ₹21,096.80 करोड़ बढ़कर ₹5,41,844.69 करोड़ पर पहुँचा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का बाजार पूंजीकरण ₹10,845.97 करोड़ बढ़कर ₹9,47,799.81 करोड़ हो गया।
HDFC बैंक का मार्केटकैप ₹8,164.73 करोड़ बढ़कर ₹11,52,150.63 करोड़ पर पहुँचा। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का बाजार पूंजीकरण ₹4,427.49 करोड़ बढ़कर ₹5,37,435.05 करोड़ हो गया। ICICI बैंक का मार्केटकैप ₹1,660.37 करोड़ बढ़कर ₹10,29,878.30 करोड़ पर पहुँचा।
हिंदुस्तान यूनिलीवर को नुकसान
शीर्ष 10 में हिंदुस्तान यूनिलीवर इकलौती कंपनी रही जिसके मार्केटकैप में गिरावट दर्ज हुई। कंपनी का बाजार पूंजीकरण ₹10,326.46 करोड़ घटकर ₹4,93,602.13 करोड़ रह गया। यह गिरावट उस समय आई जब बाकी बाजार तेजी में था, जो कंपनी-विशिष्ट दबावों की ओर संकेत करती है।
शीर्ष कंपनियों की रैंकिंग
सप्ताह के अंत में रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद क्रमशः भारती एयरटेल, HDFC बैंक, ICICI बैंक, SBI, TCS, बजाज फाइनेंस, L&T, LIC और हिंदुस्तान यूनिलीवर का स्थान रहा। गौरतलब है कि यह बाजार पूंजीकरण में साप्ताहिक उछाल उस समय आई है जब वैश्विक बाजारों में भी सुधार के संकेत दिख रहे थे।