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बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी नहीं, सड़क-रेल से आपूर्ति जारी: कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी

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बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी नहीं, सड़क-रेल से आपूर्ति जारी: कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी

सारांश

कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कोलकाता में साफ किया — देश के बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी नहीं है। कमजोर मानसून से थर्मल माँग 12–15% बढ़ी, लेकिन आपूर्ति सामान्य। साथ ही पश्चिम बंगाल के कोयला उद्योग में 'जंगल राज' पर तीखा हमला।

मुख्य बातें

केंद्रीय कोयला मंत्री जी.
किशन रेड्डी ने 28 सितंबर 2026 को कहा — देश के बिजली संयंत्रों में कोयले की कोई कमी नहीं।
सड़क और रेल मार्ग से पर्याप्त कोयला आपूर्ति जारी; स्थिति सामान्य।
कमजोर मानसून और खनन बाधाओं से थर्मल पावर की माँग में 12–15% की बढ़ोतरी।
रेड्डी ने पश्चिम बंगाल के कोयला उद्योग में वर्षों के 'जंगल राज' और माफिया कब्जे का आरोप लगाया।
कोल इंडिया लिमिटेड IoT, AI और डेटा एनालिटिक्स से खनन आधुनिकीकरण की ओर बढ़ रही है।

केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोमवार, 28 सितंबर 2026 को कोलकाता में स्पष्ट किया कि देश के बिजली संयंत्रों में कोयले की कोई कमी नहीं है और सड़क एवं रेल मार्ग से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्थायी व्यवधानों को कोयले की कमी से जोड़ना तथ्यपरक नहीं है क्योंकि वर्तमान में स्थिति सामान्य बनी हुई है।

थर्मल पावर की माँग में क्यों हुई बढ़ोतरी

रेड्डी ने बताया कि कमजोर मानसून के कारण पनबिजली उत्पादन में गिरावट आई है और बारिश से कोयला खनन कार्य भी बाधित हुआ है। इन दोनों कारकों की वजह से थर्मल पावर की माँग में लगभग 12–15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालाँकि मंत्री ने ज़ोर देकर कहा, 'स्थिति सामान्य है। कोई तनाव नहीं है।'

पश्चिम बंगाल के कोयला उद्योग पर गंभीर आरोप

बिजनेस चैंबर एसोचैम द्वारा आयोजित 'अंगुल एल्युमीनियम रोडशो' के दौरान रेड्डी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का कोयला उद्योग वर्षों तक 'जंगल राज' और माफिया के कब्जे की वजह से भारी नुकसान झेलता रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पारदर्शिता लाने और राज्य की आय बढ़ाने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य के बीच खनन नीतियों को लेकर विवाद जारी है।

कोल इंडिया का आधुनिकीकरण अभियान

केंद्रीय मंत्री इन दिनों कोलकाता में सरकारी माइनिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के कामकाज, परियोजनाओं की प्रगति और मानसून के बाद आपूर्ति स्थिति की दो दिवसीय व्यापक समीक्षा कर रहे हैं। कोल इंडिया ने बेहतर क्षमता, सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के लिए अंडरग्राउंड (UG) और ओपन-कास्ट (OC) दोनों तरह के परिचालनों को आधुनिक बनाने की दिशा में रणनीतिक बदलाव किए हैं।

डिजिटल तकनीक से बदल रहा खनन का चेहरा

कोयला मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, आईओटी (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत डिजिटल तकनीकें खनन में जोखिम कम कर रही हैं, रिकवरी दर बढ़ा रही हैं और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, स्मार्ट कंट्रोल रूम, ऑटोमेटेड डिस्पैच व 'स्मार्ट माइन्स' जैसी सुविधाओं को संभव बना रही हैं। गौरतलब है कि यह तकनीकी बदलाव उस वक्त हो रहा है जब देश में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नीतिगत दबाव लगातार बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में मानसून की विदाई के बाद कोयला उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति पर सबकी नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन थर्मल माँग में 12–15% की बढ़ोतरी यह भी संकेत देती है कि भारत की ऊर्जा प्रणाली मानसून की अनिश्चितता के प्रति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है। पश्चिम बंगाल के कोयला उद्योग पर 'जंगल राज' का आरोप राजनीतिक तौर पर तीखा है, लेकिन इस पर ज़मीनी सत्यापन और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया अभी बाकी है। कोल इंडिया का डिजिटलीकरण अभियान दीर्घकालिक दिशा में सही कदम लगता है, पर असली कसौटी तब होगी जब अगले गर्मी के मौसम में माँग चरम पर होगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या देश के बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी है?
नहीं। कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 28 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि बिजली संयंत्रों में कोयले की कोई कमी नहीं है और सड़क व रेल मार्ग से पर्याप्त आपूर्ति जारी है। उन्होंने कहा कि अस्थायी व्यवधानों को कमी से जोड़ना सही नहीं है।
थर्मल पावर की माँग क्यों बढ़ी है?
कमजोर मानसून के कारण पनबिजली उत्पादन में गिरावट आई और बारिश से कोयला खनन कार्य बाधित हुआ, जिससे थर्मल पावर की माँग में लगभग 12–15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। मंत्री के अनुसार यह मौसमी कारकों का परिणाम है, न कि आपूर्ति संकट का।
पश्चिम बंगाल के कोयला उद्योग पर किशन रेड्डी ने क्या कहा?
रेड्डी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का कोयला उद्योग वर्षों तक 'जंगल राज' और माफिया के कब्जे के कारण नुकसान झेलता रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पारदर्शिता और राज्य की आय बढ़ाने के लिए सुधार आगे बढ़ा रही है।
कोल इंडिया किस तरह का आधुनिकीकरण कर रही है?
कोल इंडिया लिमिटेड अंडरग्राउंड और ओपन-कास्ट दोनों परिचालनों में IoT, AI और डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकें अपना रही है। इससे प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस, स्मार्ट कंट्रोल रूम और ऑटोमेटेड डिस्पैच जैसी सुविधाएँ संभव हो रही हैं, जिनका लक्ष्य खनन को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।
किशन रेड्डी कोलकाता यात्रा पर क्यों हैं?
केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री कोलकाता में कोल इंडिया लिमिटेड के कामकाज, परियोजनाओं की प्रगति और मानसून के बाद कोयला आपूर्ति की स्थिति की दो दिवसीय व्यापक समीक्षा कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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