पेटीएम के ₹1,686 करोड़ के अप्रयुक्त आईपीओ फंड: AGM में मार्च 2029 तक विस्तार की मांग
सारांश
मुख्य बातें
वन 97 कम्युनिकेशंस (पेटीएम की मूल कंपनी) के पास आईपीओ के लगभग पाँच वर्ष बाद भी ₹1,686 करोड़ की अप्रयुक्त आईपीओ राशि बची हुई है। कंपनी अब इस पूंजी के उपयोग के अनुमत उद्देश्यों का दायरा विस्तारित करने और समयसीमा मार्च 2029 तक बढ़ाने के लिए शेयरधारकों की स्वीकृति माँग रही है। यह प्रस्ताव 15 सितंबर 2026 को होने वाली 26वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में विशेष प्रस्ताव के रूप में रखा जाएगा।
आईपीओ फंड की मौजूदा स्थिति
पेटीएम को अपने आईपीओ से कुल ₹8,119.4 करोड़ की शुद्ध राशि प्राप्त हुई थी। इसमें से ₹2,000 करोड़ मूल रूप से नए कारोबारी उपक्रमों, अधिग्रहण और रणनीतिक साझेदारियों के लिए आवंटित किए गए थे। 20 जुलाई 2026 तक कंपनी कुल आईपीओ राशि में से ₹6,433.4 करोड़ खर्च कर चुकी है, जबकि इस विशेष मद में केवल ₹314 करोड़ ही उपयोग हुए हैं और ₹1,686 करोड़ अभी भी अप्रयुक्त हैं।
कंपनी की रणनीति और प्रस्तावित बदलाव
पेटीएम के अनुसार, इस अवधि में कंपनी ने अपने मुख्य कारोबार — ग्राहक व मर्चेंट आधार विस्तार, और पेमेंट्स तथा वित्तीय सेवाओं (लेंडिंग, इंश्योरेंस, वेल्थ मैनेजमेंट) के लिए प्रौद्योगिकी विकास — पर ध्यान केंद्रित रखा। कंपनी का कहना है कि इन कारोबारों ने 'ऑर्गेनिक निवेश के ज़रिए मज़बूत गति और आकर्षक यूनिट इकोनॉमिक्स' विकसित किए हैं।
प्रस्तावित बदलाव के तहत बचे हुए ₹1,686 करोड़ का एक हिस्सा मुख्य कारोबारी प्राथमिकताओं — जैसे भुगतान और वित्तीय सेवाओं में तकनीकी निवेश — पर खर्च किया जा सकेगा। शेष राशि पहले की तरह नए उपक्रमों, अधिग्रहण और साझेदारियों के लिए उपलब्ध रहेगी। उल्लेखनीय है कि कंपनी कोई नया उद्देश्य नहीं जोड़ना चाहती — केवल मौजूदा उद्देश्यों के बीच आवंटन में लचीलापन माँगा जा रहा है।
लाभप्रदता से मिली रणनीति को मज़बूती
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में पूरे वित्त वर्ष की लाभप्रदता हासिल करने से इस अनुशासित दृष्टिकोण को बल मिला है। प्रबंधन का मानना है कि बढ़ी हुई समयसीमा उसे ऐसे अवसरों का लाभ उठाने में अधिक लचीलापन देगी जो 'शेयरधारकों के मूल्य को अधिकतम' कर सकें।
शेयरधारकों की मंजूरी और आगे की प्रक्रिया
इस प्रस्ताव के लिए शेयरधारकों की विशेष प्रस्ताव (Special Resolution) के माध्यम से स्वीकृति अनिवार्य है। 15 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में इस पर मतदान होगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कुल आईपीओ राशि में कोई बदलाव नहीं होगा और मूल उद्देश्य अभी भी कारोबार के लिए प्रासंगिक बने हुए हैं। यह कदम 'निरंतर और लाभदायक विकास' को समर्थन देने की दिशा में उठाया जा रहा है।