पीएम इंटर्नशिप योजना उद्योग-कौशल अंतर कर रही कम: CII समिट में शीर्ष अधिकारियों का संबोधन
सारांश
CII समिट 2026 में शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने पीएम इंटर्नशिप योजना को उद्योग-कौशल अंतर मिटाने का परिवर्तनकारी अभियान बताया। 90% स्टाइपेंड सरकार देती है, कंपनियों को अभूतपूर्व लचीलापन मिलता है और टियर-2/3 शहरों की प्रतिभाओं को बड़े मंच तक पहुँचने का रास्ता खुलता है।
मुख्य बातें
सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2026 में 12 मई 2026 को पीएम इंटर्नशिप योजना (PMIS) पर विशेष सत्र आयोजित हुआ।
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने योजना को उद्योग-नेतृत्व वाला परिवर्तनकारी अभियान बताया।
इंटर्न को मिलने वाले स्टाइपेंड का 90 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करती है; बीमा और एकमुश्त सहायता भी उपलब्ध है।
संयुक्त सचिव बालमुरुगन ने बताया कि कंपनियाँ अवधि, क्षेत्र, योग्यता और प्रशिक्षण का तरीका स्वयं तय कर सकती हैं।
सीआईआई नेशनल एमएसएमई काउंसिल के चेयरमैन सुनील चोरड़िया ने MSME और सप्लायर नेटवर्क के लिए योजना को विशेष रूप से लाभकारी बताया।
कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की सचिव दीप्ति गौर मुखर्जी ने 12 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2026 में स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) उद्योगों की जरूरतों और देश की स्किलिंग व्यवस्था के बीच की खाई पाटने का सबसे बड़ा माध्यम बन रही है।
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन असली प्रश्न यह है कि क्या यह योजना केवल 'इंटर्नशिप पूर्णता' के आँकड़े गिनेगी या वास्तविक रोजगार रूपांतरण को मापेगी। भारत में पहले भी कौशल विकास के बड़े कार्यक्रम आए जो नामांकन में सफल रहे, परिणाम में नहीं। टियर-2 और टियर-3 शहरों की प्रतिभाओं तक पहुँचने का दावा तभी सार्थक होगा जब उन क्षेत्रों में सक्रिय कंपनियों की भागीदारी सुनिश्चित हो, न केवल महानगरीय कॉर्पोरेट्स की। MSME क्षेत्र की भागीदारी और स्वतंत्र मूल्यांकन तंत्र इस योजना की दीर्घकालिक सफलता की कुंजी होंगे।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) क्या है?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) एक उद्योग-नेतृत्व वाला कार्यक्रम है जो युवाओं को कंपनियों के साथ सीधे प्रशिक्षण का अवसर देता है। इसका उद्देश्य उद्योगों की जरूरतों और देश की स्किलिंग व्यवस्था के बीच के अंतर को कम करना है।
पीएम इंटर्नशिप योजना में स्टाइपेंड कितना और कौन देता है?
इस योजना के तहत इंटर्न को मिलने वाले स्टाइपेंड का 90 प्रतिशत हिस्सा सरकार वहन करती है। इसके अतिरिक्त बीमा कवर और एकमुश्त सहायता राशि भी उपलब्ध कराई जाती है।
इस योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
अंतिम वर्ष के छात्र और पोस्टग्रेजुएट विद्यार्थी इस योजना के तहत सीधे कंपनियों के साथ प्रशिक्षण ले सकते हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं को भी बड़ी कंपनियों से जुड़ने का अवसर मिलने की बात अधिकारियों ने कही है।
MSME क्षेत्र के लिए यह योजना कैसे फायदेमंद है?
सीआईआई नेशनल एमएसएमई काउंसिल के चेयरमैन सुनील चोरड़िया के अनुसार, यह योजना खासतौर पर MSME और सप्लायर नेटवर्क के लिए लाभकारी है क्योंकि उन्हें प्रशिक्षित कर्मचारियों की सबसे अधिक जरूरत रहती है। योजना की लचीली संरचना MSME को अपनी आवश्यकता के अनुसार इंटर्न चुनने की सुविधा देती है।
CII समिट 2026 में इस योजना पर क्या चर्चा हुई?
12 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक बिजनेस समिट 2026 में 'पीएम इंटर्नशिप योजना: भारत की टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत करना' विषय पर विशेष सत्र हुआ। सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने योजना को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बीच मजबूत कड़ी बताया।