RBI ने सुमन रे को कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया, जमा बीमा व परिसर विभाग की मिली जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 1 सितंबर 2026 को सुमन रे को तत्काल प्रभाव से कार्यकारी निदेशक (ED) के पद पर नियुक्त किया। पदोन्नति से पूर्व रे महाराष्ट्र के क्षेत्रीय निदेशक के रूप में कार्यरत थे। केंद्रीय बैंक के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
नई भूमिका और जिम्मेदारियाँ
कार्यकारी निदेशक के रूप में सुमन रे दो प्रमुख विभागों की देखरेख करेंगे — जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम विभाग तथा परिसर विभाग। RBI के बयान के अनुसार, रे को केंद्रीय बैंक में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय समावेशन, भुगतान एवं निपटान प्रणाली, उपभोक्ता शिक्षा एवं संरक्षण और मानव संसाधन जैसे विविध क्षेत्रों में काम किया है। वे पश्चिमी क्षेत्रीय स्थानीय बोर्ड के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।
हालिया नियुक्तियों की पृष्ठभूमि
यह नियुक्ति RBI में वरिष्ठ स्तर पर हुई हालिया बदलावों की श्रृंखला का हिस्सा है। पिछले महीने मोनिशा चक्रवर्ती को कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था। वे विदेशी मुद्रा विभाग और वित्तीय बाजार विनियमन विभाग का कार्यभार संभाल रही हैं।
चक्रवर्ती भी RBI में तीन दशकों से अधिक के अनुभव के साथ करियर केंद्रीय बैंकर हैं। उन्होंने पर्यवेक्षण, विदेशी मुद्रा और सरकारी एवं बैंक खातों से जुड़े क्षेत्रों में काम किया है। वे RBI की बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाते के प्रारूप की समीक्षा के लिए गठित तकनीकी समिति की सदस्य भी रही हैं और बैंकिंग लोकपाल के रूप में भी सेवाएँ दे चुकी हैं। पदोन्नति से पूर्व वे पर्यवेक्षण विभाग में प्रभारी मुख्य महाप्रबंधक थीं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक और बिजनेस इकोनॉमिक्स में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है।
जुलाई में रवि शंकर की नियुक्ति
इससे पूर्व जुलाई में RBI ने रवि शंकर को कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया था। पदोन्नति से पहले शंकर सांख्यिकी एवं सूचना प्रबंधन विभाग में प्रभारी सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। अपनी नई भूमिका में भी वे इसी विभाग का कार्यभार देख रहे हैं।
करियर केंद्रीय बैंकर और सांख्यिकीविद् रवि शंकर ने RBI में तीन दशकों से अधिक का समय दिया है। उनका अनुभव कॉरपोरेट और बैंकिंग सांख्यिकी, सरकारी प्रतिभूति बाजार, निपटान प्रणाली, ऋण प्रबंधन और सर्वेक्षण जैसे क्षेत्रों में फैला है।
आगे का परिदृश्य
RBI में वरिष्ठ नेतृत्व के इन बदलावों से संकेत मिलता है कि केंद्रीय बैंक अपने विभिन्न नियामक और परिचालन विभागों को अनुभवी अधिकारियों के नेतृत्व में मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहा है। सुमन रे की नियुक्ति के साथ जमा बीमा और ऋण गारंटी जैसे उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्रों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।