RBI पॉलिमर नोटों पर कर रहा विचार, गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले — अभी कोई अंतिम फैसला नहीं
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) पॉलिमर यानी प्लास्टिक मुद्रा नोटों को चलन में लाने के प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है, लेकिन RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 जून 2026 को स्पष्ट किया कि इस विषय में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। केंद्रीय बैंक फिलहाल पॉलिमर नोटों के फायदे और नुकसान दोनों का गहन मूल्यांकन कर रहा है।
प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा, "पॉलिमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और यह शुरुआती चरण में है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल में इस विषय पर जो खबरें सामने आई हैं, उनमें कुछ सच्चाई है। हालाँकि उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्रीय बैंक अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा है।
मल्होत्रा ने आगे कहा, "हम इसके फायदे और नुकसान दोनों का अध्ययन कर रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि इसे लागू करना कितना लाभदायक होगा। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती स्तर पर है।" जैसे ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।
पॉलिमर नोट क्यों हैं चर्चा में
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा सहित दर्जनों देश पहले से पॉलिमर मुद्रा का उपयोग कर रहे हैं। पॉलिमर नोट कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ, जलरोधी और जालसाज़ी-रोधी माने जाते हैं। भारत में RBI ने इससे पहले 2019 में पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया था, लेकिन तब इसे व्यापक स्तर पर लागू नहीं किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय बैंक मुद्रा प्रबंधन की लागत और दक्षता दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
नकदी उपलब्धता पर आश्वासन
इस दौरान गवर्नर मल्होत्रा ने देश में नकदी की स्थिति को लेकर भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध है। "अगर कहीं नकदी की कमी होती है तो हम निश्चित रूप से उस कमी को पूरा करेंगे," उन्होंने कहा।
मल्होत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि ATM और बैंक शाखाओं के लिए पर्याप्त मुद्रा भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि यदि किसी एक-दो स्थानों पर ATM में नकदी की कमी होती है, तो वहाँ तुरंत और तेज़ गति से मुद्रा पहुँचाई जाए।"
आगे क्या होगा
केंद्रीय बैंक के अनुसार पॉलिमर नोटों की व्यवहार्यता की समीक्षा पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि देश में प्लास्टिक नोटों को लागू किया जाए या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि RBI इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह भारतीय मुद्रा प्रबंधन में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।