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RBI पॉलिमर नोटों पर कर रहा विचार, गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले — अभी कोई अंतिम फैसला नहीं

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RBI पॉलिमर नोटों पर कर रहा विचार, गवर्नर संजय मल्होत्रा बोले — अभी कोई अंतिम फैसला नहीं

सारांश

RBI पॉलिमर नोटों पर विचार कर रहा है — यह खबर नई नहीं, लेकिन गवर्नर संजय मल्होत्रा की सार्वजनिक स्वीकृति पहली बार है। फैसला अभी दूर है, पर केंद्रीय बैंक का मूल्यांकन शुरू होना खुद एक संकेत है।

मुख्य बातें

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 जून 2026 को पुष्टि की कि पॉलिमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है।
प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है; कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।
केंद्रीय बैंक पॉलिमर नोटों के फायदे और नुकसान दोनों का मूल्यांकन कर रहा है।
गवर्नर ने आश्वस्त किया कि बैंकिंग तंत्र में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है; ATM की कमी तुरंत दूर की जाएगी।
भारत ने 2019 में पहले भी पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया था, लेकिन उसे व्यापक स्तर पर लागू नहीं किया गया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) पॉलिमर यानी प्लास्टिक मुद्रा नोटों को चलन में लाने के प्रस्ताव पर सक्रिय रूप से विचार कर रहा है, लेकिन RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 जून 2026 को स्पष्ट किया कि इस विषय में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। केंद्रीय बैंक फिलहाल पॉलिमर नोटों के फायदे और नुकसान दोनों का गहन मूल्यांकन कर रहा है।

प्रस्ताव की वर्तमान स्थिति

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा, "पॉलिमर नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है और यह शुरुआती चरण में है।" उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि हाल में इस विषय पर जो खबरें सामने आई हैं, उनमें कुछ सच्चाई है। हालाँकि उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्रीय बैंक अभी तक किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुँचा है।

मल्होत्रा ने आगे कहा, "हम इसके फायदे और नुकसान दोनों का अध्ययन कर रहे हैं और यह भी देख रहे हैं कि इसे लागू करना कितना लाभदायक होगा। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती स्तर पर है।" जैसे ही इस पर कोई निर्णय लिया जाएगा, उसे सार्वजनिक किया जाएगा।

पॉलिमर नोट क्यों हैं चर्चा में

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम और कनाडा सहित दर्जनों देश पहले से पॉलिमर मुद्रा का उपयोग कर रहे हैं। पॉलिमर नोट कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ, जलरोधी और जालसाज़ी-रोधी माने जाते हैं। भारत में RBI ने इससे पहले 2019 में पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया था, लेकिन तब इसे व्यापक स्तर पर लागू नहीं किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय बैंक मुद्रा प्रबंधन की लागत और दक्षता दोनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

नकदी उपलब्धता पर आश्वासन

इस दौरान गवर्नर मल्होत्रा ने देश में नकदी की स्थिति को लेकर भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध है। "अगर कहीं नकदी की कमी होती है तो हम निश्चित रूप से उस कमी को पूरा करेंगे," उन्होंने कहा।

मल्होत्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि ATM और बैंक शाखाओं के लिए पर्याप्त मुद्रा भंडार उपलब्ध है। उन्होंने कहा, "हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि यदि किसी एक-दो स्थानों पर ATM में नकदी की कमी होती है, तो वहाँ तुरंत और तेज़ गति से मुद्रा पहुँचाई जाए।"

आगे क्या होगा

केंद्रीय बैंक के अनुसार पॉलिमर नोटों की व्यवहार्यता की समीक्षा पूरी होने के बाद ही यह तय होगा कि देश में प्लास्टिक नोटों को लागू किया जाए या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि RBI इस दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह भारतीय मुद्रा प्रबंधन में एक ऐतिहासिक बदलाव होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि RBI आमतौर पर ऐसे प्रस्तावों पर इतनी जल्दी सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करता। 2019 के परीक्षण के बाद यह दूसरी बार है जब पॉलिमर नोट गंभीर विमर्श में आए हैं — यह संकेत देता है कि मुद्रा प्रबंधन की बढ़ती लागत और जालसाज़ी की चुनौतियाँ केंद्रीय बैंक को इस दिशा में धकेल रही हैं। असली सवाल यह है कि क्या RBI इस बार 'अध्ययन' को निर्णय तक ले जाएगा, या यह फिर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगा — जैसा 2019 में हुआ था।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI पॉलिमर नोट क्या होते हैं और ये कागज़ी नोटों से कैसे अलग हैं?
पॉलिमर नोट प्लास्टिक-आधारित सामग्री से बने होते हैं जो कागज़ी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ, जलरोधी और जालसाज़ी-रोधी होते हैं। ऑस्ट्रेलिया, यूके और कनाडा जैसे देश इन्हें पहले से उपयोग कर रहे हैं।
क्या RBI ने पॉलिमर नोट लागू करने का फैसला कर लिया है?
नहीं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 6 जून 2026 को स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती विचार-चरण में है और कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जैसे ही फैसला होगा, इसे सार्वजनिक किया जाएगा।
भारत में पॉलिमर नोटों का प्रस्ताव पहले कब आया था?
RBI ने 2019 में पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया था, लेकिन उस समय इसे व्यापक स्तर पर लागू नहीं किया गया। अब 2026 में यह प्रस्ताव फिर से सक्रिय विचार में है।
क्या देश में नकदी की कमी है?
RBI गवर्नर ने स्पष्ट किया कि बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त नकदी उपलब्ध है। यदि किसी स्थान पर ATM में नकदी की कमी होती है, तो केंद्रीय बैंक तुरंत उसे दूर करेगा।
पॉलिमर नोट लागू होने पर आम लोगों पर क्या असर होगा?
यदि RBI पॉलिमर नोट लागू करता है, तो आम उपयोगकर्ताओं को अधिक टिकाऊ और साफ़ मुद्रा मिलेगी। हालाँकि अभी यह प्रस्ताव मूल्यांकन के शुरुआती चरण में है, इसलिए इसके क्रियान्वयन की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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