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सैम ऑल्टमैन का बड़ा बयान: एआई नहीं ले सकती इंसान की जगह, व्हाइट-कॉलर नौकरी खत्म होने का अनुमान था गलत

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सैम ऑल्टमैन का बड़ा बयान: एआई नहीं ले सकती इंसान की जगह, व्हाइट-कॉलर नौकरी खत्म होने का अनुमान था गलत

सारांश

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने सिडनी में माना कि 2022 में चैटजीपीटी लॉन्च के बाद व्हाइट-कॉलर नौकरियाँ बड़े पैमाने पर जाने का उनका अनुमान गलत था। उनका कहना है — मानवीय संपर्क की नकल मशीनें नहीं कर सकतीं, और रोज़गार पर एआई का असर अनुमान से कम गंभीर रहा है।

मुख्य बातें

सैम ऑल्टमैन ने 26 मई को सिडनी में स्वीकार किया कि एआई से व्हाइट-कॉलर नौकरियाँ खत्म होने का उनका पूर्व अनुमान गलत था।
2022 में चैटजीपीटी लॉन्च के बाद प्रवेश स्तर की नौकरियों पर अनुमानित असर वास्तविकता में कम गंभीर रहा।
ऑल्टमैन के अनुसार, मानवीय संपर्क कई नौकरियों का अनिवार्य हिस्सा है जिसे मशीनें आसानी से नहीं बदल सकतीं।
एचएसबीसी, अमेज़न, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और कॉमनवेल्थ बैंक सहित कई कंपनियाँ कुछ पदों पर एआई-आधारित स्वचालन अपना रही हैं।
ओपनएआई ने तकनीकी प्रगति की गति का अनुमान 'लगभग सही' लगाया, लेकिन सामाजिक-आर्थिक परिणामों में 'काफी गलत' साबित हुआ।

ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने मंगलवार, 26 मई को स्वीकार किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियाँ जाने का उनका पूर्व अनुमान गलत साबित हुआ है और मशीनें मानवीय संपर्क की जगह आसानी से नहीं ले सकतीं। सिडनी में आयोजित एक सम्मेलन में दिए गए इस बयान ने वैश्विक तकनीकी और रोज़गार बहस में नई हलचल पैदा कर दी है।

मुख्य बयान: 'मेरा अनुमान गलत था'

कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा सिडनी में आयोजित सम्मेलन में बैंक के मुख्य कार्यकारी मैट कॉमिन के साथ बातचीत के दौरान ऑल्टमैन ने कहा, "मुझे यह जानकर खुशी हुई कि मेरा अनुमान गलत था।" उन्होंने स्पष्ट किया कि 2022 में चैटजीपीटी के लॉन्च के बाद उन्हें उम्मीद थी कि प्रवेश स्तर की व्हाइट-कॉलर नौकरियों पर एआई का असर कहीं अधिक विनाशकारी होगा। उन्होंने कहा, "मुझे लगा था कि प्रवेश स्तर की व्हाइट-कॉलर नौकरियों के खत्म होने का असर अब तक जितना हुआ है, उससे कहीं ज़्यादा होगा।"

तकनीकी प्रगति बनाम सामाजिक असर

ऑल्टमैन के अनुसार, ओपनएआई ने एआई में तकनीकी प्रगति की गति के बारे में 'लगभग सही' अनुमान लगाया था, लेकिन सामाजिक और आर्थिक परिणामों के मामले में वे 'काफी गलत' साबित हुए। उन्होंने माना कि नौकरियों के खत्म होने को लेकर शुरुआती आशंकाएँ उस समय के वास्तविक परिदृश्य को देखते हुए स्वाभाविक थीं, लेकिन ज़मीनी हकीकत अलग निकली।

मानवीय संपर्क की अपरिहार्यता

ऑल्टमैन ने रेखांकित किया कि उन्हें धीरे-धीरे यह एहसास होता गया कि मानवीय संपर्क कई नौकरियों का एक अनिवार्य तत्व है जिसकी नकल मशीनें आसानी से नहीं कर सकतीं। उन्होंने एक व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्लैक और ईमेल संदेशों के जवाब एआई से तैयार कराने का प्रयोग किया, लेकिन अंततः उन्होंने स्वयं उत्तर देना शुरू कर दिया — यह संकेत देते हुए कि व्यक्तिगत संवाद की जगह स्वचालन नहीं ले सकता।

वैश्विक कंपनियों में एआई का विस्तार जारी

गौरतलब है कि ऑल्टमैन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एचएसबीसी, अमेज़न, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया सहित कई बड़ी वैश्विक कंपनियों ने स्वीकार किया है कि उनके संगठनों में कुछ पदों को एआई-आधारित उपकरणों और स्वचालन द्वारा प्रतिस्थापित या पुनर्परिभाषित किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में रोज़गार पर एआई के दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर नीति-निर्माताओं और अर्थशास्त्रियों के बीच बहस तेज़ है।

आगे क्या

ऑल्टमैन के इस बयान के बाद तकनीक उद्योग में यह सवाल और प्रासंगिक हो गया है कि एआई का वास्तविक रोज़गार प्रभाव किन क्षेत्रों में और किस गति से आएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई नौकरियों को पूरी तरह खत्म करने की बजाय उनकी प्रकृति बदल रहा है — और यह बदलाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि रोज़गार पर दबाव धीमा है, रुका नहीं है। असली चिंता यह है कि 'नौकरी खत्म नहीं हुई' और 'नौकरी की गुणवत्ता और मज़दूरी पर असर नहीं पड़ा' — ये दो अलग बातें हैं, और इस फ़र्क को अक्सर नज़रअंदाज़ किया जाता है। ऑल्टमैन का व्यक्तिगत स्लैक-प्रयोग का उदाहरण दिलचस्प है, पर एक अरबपति सीईओ का अनुभव उन लाखों कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता जिनके पास 'खुद जवाब देने' का विकल्प नहीं है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सैम ऑल्टमैन ने एआई और नौकरियों के बारे में क्या कहा?
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि 2022 में चैटजीपीटी लॉन्च के बाद व्हाइट-कॉलर नौकरियाँ बड़े पैमाने पर खत्म होने का उनका अनुमान गलत था और रोज़गार पर एआई का असर अनुमान से कम गंभीर रहा है। उन्होंने यह भी माना कि मानवीय संपर्क की नकल मशीनें आसानी से नहीं कर सकतीं।
ओपनएआई के सीईओ ने यह बयान कहाँ और कब दिया?
यह बयान 26 मई को सिडनी में कॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में दिया गया, जहाँ ऑल्टमैन बैंक के मुख्य कार्यकारी मैट कॉमिन के साथ बातचीत में शामिल थे।
क्या एआई वास्तव में नौकरियाँ खत्म कर रहा है?
ऑल्टमैन के अनुसार, अब तक का असर अनुमान से कम रहा है। हालाँकि एचएसबीसी, अमेज़न और स्टैंडर्ड चार्टर्ड जैसी कंपनियों ने माना है कि कुछ पदों को एआई-आधारित उपकरणों द्वारा प्रतिस्थापित या पुनर्परिभाषित किया जा रहा है।
ओपनएआई के अनुमान कहाँ सही और कहाँ गलत साबित हुए?
ऑल्टमैन के अनुसार, ओपनएआई ने एआई की तकनीकी प्रगति की गति का अनुमान 'लगभग सही' लगाया, लेकिन सामाजिक और आर्थिक परिणामों के बारे में 'काफी गलत' साबित हुआ। नौकरियों पर अनुमानित विनाशकारी असर नहीं हुआ।
मानवीय संपर्क की एआई से तुलना में क्या भूमिका है?
ऑल्टमैन ने कहा कि मानवीय संपर्क कई नौकरियों का अनिवार्य हिस्सा है और मशीनें इसकी आसानी से नकल नहीं कर सकतीं। उन्होंने स्वयं स्लैक और ईमेल के जवाब एआई से तैयार कराने का प्रयोग किया, लेकिन अंततः खुद जवाब देना शुरू कर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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