एसबीआई चेयरमैन सीएस सेट्टी बोले — साइबर सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आईबीए के साथ मिलकर पूरे बीएफएसआई क्षेत्र को सुरक्षित करने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु (सीएस) सेट्टी ने 3 नवंबर 2026 को कहा कि बढ़ते साइबर खतरों के बीच साइबर सुरक्षा बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, और एसबीआई भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के माध्यम से अन्य वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर पूरे बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) क्षेत्र को एकजुट करने की दिशा में काम कर रहा है। वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में सेट्टी ने यह बात कही।
साइबर सुरक्षा पर एसबीआई का रुख
सेट्टी ने कहा, 'साइबर सुरक्षा हमारे लिए हमेशा से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। हम अपनी भूमिका को लेकर बहुत जागरूक हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक न केवल अपने सिस्टम और ग्राहकों के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि आईबीए के माध्यम से संबंधित सभी पक्षों के साथ समन्वित प्रयास भी कर रहा है। उनका कहना था कि इसका उद्देश्य पूरे बीएफएसआई क्षेत्र को एकजुट करके साइबर खतरों का बेहतर ढंग से मुकाबला करना है।
एआई के संदर्भ में सेट्टी ने कहा कि बैंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के तरीके तलाश रहा है — खासतौर पर यह कि एआई-जनित खतरों से निपटने के लिए एआई का ही उपयोग कैसे किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर वित्तीय संस्थाएं एआई-आधारित साइबर हमलों की बढ़ती आवृत्ति से जूझ रही हैं।
डेटा लीक का मामला
गौरतलब है कि बीते महीने एसबीआई के 3,897 ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी डार्क वेब पर लीक होने की खबर सामने आई थी। लीक हुए डेटा में ग्राहकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर, पते, ब्रांच विवरण, सीआईएफ आईडी, लीड आईडी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ शामिल थीं।
हालाँकि, बैंक ने उस समय जारी बयान में स्पष्ट किया था कि इस साइबर हादसे में किसी भी ग्राहक की जमा राशि को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसके बावजूद यह घटना बैंकिंग क्षेत्र में डेटा सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है।
तिमाही नतीजे: मुनाफे में उछाल
साइबर सुरक्षा की चिंताओं के बीच एसबीआई ने वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) के मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए। बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 14.3 प्रतिशत बढ़कर ₹23,038 करोड़ पर पहुँच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹20,160 करोड़ था।
इस मुनाफे में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड में 6.30 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से प्राप्त ₹7,288 करोड़ की एकमुश्त आय भी शामिल है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) भी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर ₹49,143 करोड़ रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹42,847 करोड़ थी।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के ग्राहक डेटा पर साइबर हमले का खतरा मंडराया हो। विशेषज्ञों के अनुसार भारत में वित्तीय साइबर अपराध तेज़ी से बढ़ रहे हैं और बीएफएसआई क्षेत्र हमलावरों का प्रमुख निशाना बना हुआ है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) भी बैंकों को साइबर सुरक्षा ढाँचे को मज़बूत करने के निर्देश दे चुका है।
एसबीआई चेयरमैन सेट्टी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार और नियामक निकाय मिलकर डिजिटल वित्तीय अवसंरचना को अधिक सुरक्षित बनाने के प्रयास तेज़ कर रहे हैं। आने वाले महीनों में आईबीए के नेतृत्व में एक समन्वित साइबर सुरक्षा नीति का खाका तैयार होने की उम्मीद है।