क्या सेबी ने बैंक निफ्टी में शेयरों की संख्या बढ़ा दी है और बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित किया है?

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क्या सेबी ने बैंक निफ्टी में शेयरों की संख्या बढ़ा दी है और बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित किया है?

सारांश

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने निफ्टी बैंक में शेयरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। नए नियमों से बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित किया गया है, जिससे निवेशकों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। जानें इस महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।

मुख्य बातें

निफ्टी बैंक में शेयरों की संख्या बढ़कर 14 हुई।
एक शेयर का वेटेज अब 20 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।
तीन बड़े शेयरों का वेटेज 45 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता।
निवेशकों के लिए जोखिम कम होगा।
भविष्य में एडजस्टमेंट देखने को मिलेंगे।

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी बैंक जैसे नॉन-बेंचमार्क इंडेक्स में शेयरों की संख्या को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित किया गया है।

सेबी ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों के माध्यम से एक इंडेक्स में कुछ शेयरों के अधिक वेटेज की समस्या समाप्त होगी और यह सुनिश्चित होगा कि व्यापक और संतुलित प्रतिनिधित्व हो।

नए नियमों के अनुसार, अब एक इंडेक्स में 14 शेयर होंगे, जबकि पहले इनकी संख्या 12 थी। एक शेयर का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, जो कि पहले 33 प्रतिशत था। इसके अतिरिक्त, किसी इंडेक्स में तीन बड़े शेयरों का वेटेज या योगदान 45 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता, जो कि पहले 62 प्रतिशत था।

सेबी के नए नियमों का असर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के बैंकएक्स और एनएसई के फिननिफ्टी इंडेक्स पर भी पड़ सकता है, और भविष्य में इन इंडेक्स में एडजस्टमेंट देखने को मिल सकता है।

नए नियमों के बाद, बैंक निफ्टी में पहला एडजस्टमेंट दिसंबर 2025 को देखने को मिल सकता है। इसके बाद, तीन अतिरिक्त रीबैंलेंसिंग देखने को मिल सकती है।

सेबी का कहना है कि नॉन-बेंचमार्क इंडेक्स पर डेरिवेटिव्स के नए नियमों से निवेशकों और फंड का जोखिम कम होगा।

बयान में कहा गया है कि नियमों का अनुपालन दोनों इंडेक्स बैंकएक्स और फिननिफ्टी के लिए एक ही चरण में शेयरों की संख्या में बदलाव या वेटेज के एडजस्टमेंट के माध्यम से किया जा सकता है।

वर्तमान में बैंक निफ्टी में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, फेडरल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि निवेशकों के लिए सुरक्षा भी बढ़ाएंगे। यह कदम निफ्टी बैंक के लिए सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हमें यह देखना होगा कि यह निर्णय बाजार में किस तरह से प्रभाव डालता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेबी ने शेयरों की संख्या क्यों बढ़ाई है?
सेबी ने निफ्टी बैंक में शेयरों की संख्या बढ़ाई है ताकि अधिक संतुलित और व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित करने का क्या उद्देश्य है?
बड़े स्टॉक्स के वेटेज को सीमित करने का उद्देश्य जोखिम को कम करना और निवेशकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
नए नियमों का असर कब देखने को मिलेगा?
नए नियमों का पहला असर दिसंबर 2025 में देखने को मिल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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