सेबी का एएमसी वेतन डिस्क्लोजर सुधार प्रस्ताव: नाम हटेंगे, कंसोलिडेटेड आंकड़े आएंगे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 10 जून 2026 को एक परामर्श पत्र जारी कर एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (एएमसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन प्रकटीकरण के मौजूदा ढाँचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। नए प्रस्ताव के तहत व्यक्तिगत नाम-आधारित वेतन डिस्क्लोजर को समाप्त कर उसकी जगह कंसोलिडेटेड (एकत्रित) आंकड़े प्रकाशित करने की व्यवस्था लाई जाएगी।
प्रस्ताव में क्या है
सेबी के प्रस्ताव के अनुसार, एएमसी को अपनी वेबसाइट पर सीईओ, सीआईओ और सीओओ जैसे शीर्ष पदों के लिए कुल वेतन-भत्ते की जानकारी देनी होगी। हालाँकि, यह जानकारी किसी एक कर्मचारी के नाम से नहीं, बल्कि समूह के रूप में दी जाएगी। विशेष रूप से, सर्वाधिक वेतन पाने वाले शीर्ष 10 कर्मचारियों का सामूहिक वेतन और एक निर्धारित सीमा से अधिक वेतन पाने वाले समस्त कर्मचारियों का कुल पारिश्रमिक सार्वजनिक किया जाएगा।
इस प्रकटीकरण के दायरे में वे सभी कर्मचारी आएंगे जिनकी वार्षिक आय कम से कम ₹1.02 करोड़ है, अथवा यदि वे वर्ष के केवल एक हिस्से के लिए कार्यरत रहे हों, तो जिनकी मासिक आय ₹8.5 लाख या उससे अधिक है।
एम्फी की सिफारिशें
म्यूचुअल फंड उद्योग के शीर्ष निकाय एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने सेबी को सुझाव दिया है कि एएमसी अपनी वेबसाइट पर वेतन-भत्ते की समग्र नीति की जानकारी प्रकाशित करें। साथ ही, मुख्य कर्मचारियों से संबंधित मौजूदा डिस्क्लोजर आवश्यकताओं को एकीकृत कर एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाए।
एम्फी ने यह भी सुझाया है कि फंड मैनेजरों के वेतन-भत्ते की जानकारी स्कीम-स्तर पर दी जाए, लेकिन केवल उन निवेशकों के अनुरोध पर जो उस विशेष स्कीम में निवेश कर चुके हों।
पारदर्शिता बनाम निजता: संतुलन की कोशिश
सेबी ने अपने परामर्श पत्र में स्पष्ट किया कि यह कदम पारदर्शिता, निजता और प्रतिस्पर्धा से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। नियामक के अनुसार, इस व्यवस्था से यूनिटहोल्डर वरिष्ठ प्रबंधन के स्तर पर कुल वेतन-भत्ते का समग्र आकलन कर सकेंगे।
एम्फी ने तर्क दिया है कि निवेश संबंधी निर्णय आमतौर पर स्कीम के प्रदर्शन, जोखिम प्रबंधन, परिसंपत्ति आवंटन, निवेश रणनीति और व्यय अनुपात जैसे कारकों पर आधारित होते हैं। इसलिए किसी व्यक्ति विशेष के वेतन का सार्वजनिक खुलासा निवेशकों के परिणामों को बेहतर बनाने में कोई उल्लेखनीय भूमिका नहीं निभाता।
उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक चिंताएँ
म्यूचुअल फंड उद्योग प्रतिभाशाली पेशेवरों को आकर्षित करने के लिए पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स (AIF) जैसे क्षेत्रों से सीधी प्रतिस्पर्धा करता है, जहाँ इस प्रकार के व्यक्तिगत वेतन प्रकटीकरण की कोई बाध्यता नहीं है। उद्योग का मानना है कि व्यक्तिगत वेतन सार्वजनिक करने से कर्मचारियों की निजी जानकारी के दुरुपयोग का जोखिम भी बढ़ सकता है।
आगे की राह
सेबी का यह परामर्श पत्र अभी प्रस्ताव के चरण में है और सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए खुला है। अंतिम नियम लागू होने के बाद यह तय होगा कि एएमसी किस प्रारूप में और किस समय-सीमा में यह जानकारी प्रकाशित करेंगी। यह कदम म्यूचुअल फंड उद्योग में शासन और जवाबदेही के मानकों को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।