सेबी करेगा पीएमएस, एलओडीआर और सेटलमेंट नियमों की समीक्षा, एआई का उपयोग बढ़ाने पर जोर

Click to start listening
सेबी करेगा पीएमएस, एलओडीआर और सेटलमेंट नियमों की समीक्षा, एआई का उपयोग बढ़ाने पर जोर

सारांश

सेबी के अध्यक्ष ने पीएमएस, एलओडीआर नियमों और सेटलमेंट की समीक्षा का ऐलान किया। जून में कंसल्टेशन पेपर जारी होगा, जिसमें एआई के उपयोग पर जोर दिया जाएगा। जानें, क्या बदलाव आने वाले हैं।

Key Takeaways

  • सेबी पीएमएस, एलओडीआर नियमों की समीक्षा करेगा।
  • जून में कंसल्टेशन पेपर जारी होगा।
  • एआई का उपयोग बाजार की गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए होगा।
  • निवेशकों के लिए नए उत्पादों की विकास की योजना है।
  • भारत जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।

मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडेय ने सोमवार को कहा कि नियामक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस), लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) नियमों और सेटलमेंट की समीक्षा करेगा। इस पर एक कंसल्टेशन पेपर जून में जारी किया जा सकता है।

सेबी के अध्यक्ष पांडेय ने पोर्टफोलियो मैनेजर्स कॉन्क्लेव में कहा कि पीएमएस ढांचे में निवेशकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इस क्षेत्र में पारदर्शिता में सुधार हुआ है, लेकिन बाजार में हो रहे परिवर्तनों और नए निवेश उत्पादों के चलते मौजूदा नियमों की पुनरावलोकन की आवश्यकता महसूस हो रही है।

इसके अलावा, उन्होंने बताया कि सेबी पीएमएस के साथ-साथ एलओडीआर और सेटलमेंट से संबंधित नियमों की भी समीक्षा करेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा करते हुए पांडेय ने कहा कि सेबी बाजार की गड़बड़ियों का वास्तविक समय में पता लगाने के लिए एआई के संभावित उपयोग पर विचार कर रहा है, जिससे त्वरित समाधान प्रदान किया जा सके।

पांडेय ने यह भी कहा कि सेबी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) मिलकर कॉरपोरेट बॉन्ड इंडेक्स या उससे जुड़े उत्पादों का विकास कर रहे हैं, जिन्हें एक्सचेंज पर व्यापार किया जा सकेगा। इससे निवेशकों के लिए बाजार में निवेश के विकल्प बढ़ेंगे।

इसके अलावा, पांडेय ने ट्रेडिंग से संबंधित फंडिंग नियमों में बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने बताया कि आरबीआई के लेंडिंग नियमों की समीक्षा की जाएगी और इस पर नियामक अपनी राय आरबीआई के साथ साझा करेगा।

इससे यह संकेत मिलता है कि सेबी मार्जिन ट्रेडिंग या लोन लेकर ट्रेडिंग के नियमों में बड़े बदलाव कर सकता है, जिससे उन्हें और अधिक सख्त बनाया जा सके।

पांडेय ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस तेज़ आर्थिक विकास से देश में निवेशकों की संख्या भी बढ़ेगी।

Point of View

एलओडीआर और सेटलमेंट नियमों की समीक्षा एक सकारात्मक कदम है। इससे निवेशकों को बेहतर सुरक्षा और पारदर्शिता मिलेगी। एआई का उपयोग भी बाजार में गड़बड़ियों की पहचान में सहायक होगा। यह बदलाव निश्चित रूप से निवेशकों के लिए लाभदायक साबित होगा।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

सेबी का पीएमएस नियमों की समीक्षा का क्या उद्देश्य है?
सेबी का उद्देश्य निवेशकों को बेहतर सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करना है।
क्या एआई का उपयोग सेबी द्वारा किया जाएगा?
हाँ, सेबी बाजार की गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए एआई के उपयोग पर विचार कर रहा है।
कब जारी होगा कंसल्टेशन पेपर?
कंसल्टेशन पेपर जून में जारी किया जाएगा।
आरबीआई के साथ सेबी का सहयोग कैसे होगा?
सेबी और आरबीआई मिलकर कॉरपोरेट बॉंड इंडेक्स का विकास करेंगे।
क्या निवेशकों के लिए नए विकल्प उपलब्ध होंगे?
हाँ, नए उत्पादों के विकास से निवेशकों के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
Nation Press