सेंसेक्स 58 अंक गिरकर 77,649 पर सपाट शुरुआत, मिडकैप-स्मॉलकैप में खरीदारी का जोर
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स मंगलवार, 21 जुलाई को 58 अंक यानी 0.08 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 77,649 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 50 22 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 24,216 पर था। बड़े सूचकांकों में सुस्ती के बावजूद व्यापक बाज़ार में खरीदारी का उत्साह बना रहा।
मुख्य सूचकांकों का हाल
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 140 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की मज़बूती के साथ 62,945 पर कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 71 अंक यानी 0.38 प्रतिशत ऊपर 19,399 पर था। यह संकेत देता है कि निवेशकों की दिलचस्पी लार्जकैप से हटकर छोटे और मझोले शेयरों की तरफ बढ़ रही है।
कौन से सेक्टर हरे, कौन से लाल
हरे निशान में रहने वाले सूचकांकों में निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी ऑयल एंड गैस शामिल रहे। दूसरी तरफ निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी रियल्टी दबाव में रहे।
सेंसेक्स पैक में टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, SBI, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, ITC, HUL, BEL और L&T बढ़त में रहे। वहीं HDFC बैंक, इटरनल, सन फार्मा, मारुति सुज़ुकी, M&M और एक्सिस बैंक नुकसान में रहे।
वैश्विक बाज़ारों का असर
अधिकतर एशियाई बाज़ारों में तेज़ी रही — टोक्यो, शंघाई, जकार्ता और सोल हरे निशान में थे, जबकि बैंकॉक और हांगकांग में गिरावट देखी गई। सोमवार को अमेरिकी बाज़ार कमज़ोर बंद हुए — डाओ जोन्स 0.59 प्रतिशत और नैस्डैक 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
एफआईआई और डीआईआई का रुख
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को ₹1,121.04 करोड़ की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹1,312.03 करोड़ का निवेश कर बाज़ार को सहारा दिया। गौरतलब है कि जुलाई की शुरुआत में FII की खरीदारी के बाद यह बिकवाली बाज़ार पर अतिरिक्त दबाव बना सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की निगाहें पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों के साथ-साथ ईरान-अमेरिका तनाव पर भी टिकी हैं। इस भू-राजनीतिक स्थिति से जुड़ा कोई भी नया अपडेट बाज़ार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। आने वाले सत्रों में FII की बिकवाली और वैश्विक संकेत बाज़ार की चाल का निर्धारण करेंगे।