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सेंसेक्स 149 अंक चढ़ा, निफ्टी फिसला; रियल्टी और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव

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सेंसेक्स 149 अंक चढ़ा, निफ्टी फिसला; रियल्टी और आईटी शेयरों में बिकवाली का दबाव

सारांश

मंगलवार को भारतीय शेयर बाज़ार मिलाजुले रुख के साथ खुला — सेंसेक्स 149 अंक ऊपर, निफ्टी 160 अंक नीचे। रियल्टी और आईटी सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहे, जबकि मेटल और एनर्जी ने बढ़त बनाए रखी। विदेशी निवेशकों की वापसी बाज़ार के लिए सकारात्मक संकेत।

मुख्य बातें

सेंसेक्स सुबह 9:21 बजे पर 149 अंक (0.19%) की बढ़त के साथ 78,788 पर था।
निफ्टी 50 160 अंक (0.65%) की गिरावट के साथ 24,618 पर फिसला।
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी करीब 1% गिरकर टॉप लूजर्स रहे; केवल मेटल और एनर्जी हरे निशान में।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 92 अंक (0.48%) चढ़कर 19,684 पर; मिडकैप 100 87 अंक नीचे 63,535 पर।
अमेरिकी बाज़ार तेज़ी से बंद — डाओ जोन्स 1.32% और नैस्डैक 2.13% की मज़बूती।
विदेशी निवेशकों की भारतीय बाज़ार में वापसी को जानकार सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स मंगलवार, 4 अगस्त को सुबह 9:21 बजे IST पर 149 अंक यानी 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,788 पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 एक साथ 160 अंक यानी 0.65 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,618 पर था। दोनों प्रमुख सूचकांकों की विपरीत दिशाओं ने मिलाजुले कारोबार की तस्वीर पेश की।

किन सेक्टरों में रही बिकवाली

शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे अधिक दबाव में रहे। इनके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी पीएसई भी लाल निशान में थे। केवल निफ्टी मेटल और निफ्टी एनर्जी ही हरे निशान में बने रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप का प्रदर्शन

निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 87 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 63,535 पर था। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 92 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,684 पर कारोबार कर रहा था, जो व्यापक बाज़ार में कुछ खरीदारी का संकेत देता है।

सेंसेक्स में गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, बीईएल, इंडिगो, पावर ग्रिड, भारती एयरटेल, सन फार्मा, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और एमएंडएम बढ़त में रहे। दूसरी तरफ एचयूएल, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, मारुति सुजुकी और एसबीआई गिरावट में थे।

एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों का संकेत

एशियाई बाज़ारों में भी मिलाजुला रुख रहा। शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि टोक्यो, हांगकांग और सोल लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। इससे पहले अमेरिकी बाज़ार तेज़ी के साथ बंद हुए थे — डाओ जोन्स 1.32 प्रतिशत और नैस्डैक 2.13 प्रतिशत की मज़बूती के साथ बंद हुए।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बाज़ार जानकारों के अनुसार, निवेशकों के नज़रिए से अर्थव्यवस्था में सकारात्मक प्रगति दिख रही है। मज़बूत क्रेडिट ग्रोथ, ऑटो सेल्स में लगातार बढ़ोतरी और बेहतर जीएसटी संग्रह इसके प्रमुख संकेतक हैं। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारतीय बाज़ार में वापसी को भी एक अहम सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आगे बाज़ार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आँकड़ों पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि निवेशकों की सतर्क मानसिकता की झलक है। रियल्टी और आईटी में एक साथ बिकवाली यह बताती है कि उच्च-मूल्यांकन वाले सेक्टरों से मुनाफावसूली जारी है। विदेशी निवेशकों की वापसी उत्साहजनक ज़रूर है, लेकिन यह टिकाऊ है या नहीं, यह वैश्विक ब्याज दर परिदृश्य और अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों पर निर्भर करेगा। स्मॉलकैप में बढ़त और लार्जकैप में दबाव का यह विभाजन घरेलू खुदरा निवेशकों की सक्रियता दर्शाता है, जो जोखिम की परवाह किए बिना छोटे शेयरों में दाँव लगा रहे हैं।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

4 अगस्त को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ खुले?
सुबह 9:21 बजे सेंसेक्स 149 अंक (0.19%) की बढ़त के साथ 78,788 पर और निफ्टी 50, 160 अंक (0.65%) की गिरावट के साथ 24,618 पर था। दोनों सूचकांकों ने विपरीत दिशाओं में कारोबार कर मिलाजुला रुख दिखाया।
आज किन सेक्टरों में सबसे अधिक गिरावट रही?
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स रहे। इनके अलावा एफएमसीजी, फार्मा, ऑटो, इन्फ्रा और फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक भी लाल निशान में थे।
आज कौन से सेक्टर हरे निशान में रहे?
निफ्टी मेटल और निफ्टी एनर्जी ही एकमात्र प्रमुख सेक्टर सूचकांक थे जो हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। स्मॉलकैप सेगमेंट में भी 0.48 प्रतिशत की बढ़त देखी गई।
एशियाई और अमेरिकी बाज़ारों का क्या हाल रहा?
एशियाई बाज़ारों में मिलाजुला रुख रहा — शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में, जबकि टोक्यो, हांगकांग और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी बाज़ार पिछले सत्र में तेज़ी से बंद हुए थे, जिसमें डाओ जोन्स 1.32% और नैस्डैक 2.13% ऊपर था।
भारतीय बाज़ार के लिए विदेशी निवेशकों की वापसी क्यों अहम है?
बाज़ार जानकारों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की भारतीय बाज़ार में वापसी एक सकारात्मक संकेत है। यह मज़बूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर जीएसटी संग्रह और ऑटो सेल्स में बढ़ोतरी जैसे घरेलू आर्थिक संकेतकों के साथ मिलकर बाज़ार की दीर्घकालिक मज़बूती का आधार बन सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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