धनतेरस पर सेंसेक्स 1,718 अंक उछला, 81,028 पर बंद; लगातार सातवीं तेजी
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार, 6 नवंबर को 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत की जोरदार छलांग के साथ 81,028.02 पर बंद हुआ, जो 81,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर की एक महत्वपूर्ण वापसी है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 493.75 अंक या 2.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,030.35 पर बंद हुआ। यह लगातार सातवां सत्र था, जब घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।
बाजार की चाल और मार्केटकैप में उछाल
इस लगातार सात सत्रों की तेजी के दौरान BSE पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केटकैप) ₹30 लाख करोड़ बढ़कर ₹503 लाख करोड़ पर पहुँच गया। गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को यह आँकड़ा ₹473 लाख करोड़ था। दीपावली से ठीक पहले बाजार में आई यह रैली निवेशकों के लिए सचमुच 'धन' लेकर आई।
सेंसेक्स पैक में शामिल 30 में से 29 शेयर हरे निशान में बंद हुए। केवल पावरग्रिड ही लाल निशान में बंद हुआ। शीर्ष लाभ उठाने वाले शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), ICICI बैंक, HDFC बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, NTPC, अदाणी पोर्ट्स, सन फार्मा, L&T, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल और इटरनल प्रमुख थे।
निजी बैंकों ने संभाली तेजी की कमान
इस रैली का नेतृत्व निजी बैंकिंग क्षेत्र ने किया। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 3.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज ने 2.57 प्रतिशत की तेजी दर्ज की।
इनके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.70%), निफ्टी सर्विसेज (1.63%), निफ्टी कंजम्प्शन (1.29%), निफ्टी फार्मा (1.21%), निफ्टी कमोडिटीज (0.84%), निफ्टी इन्फ्रा (0.77%) और निफ्टी ऑटो (0.76%) में भी उल्लेखनीय तेजी देखी गई। दूसरी ओर, निफ्टी मीडिया (1.52%), निफ्टी इंडिया डिफेंस (0.92%) और निफ्टी एनर्जी (0.05%) गिरावट के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मिला-जुला रुख
बड़े शेयरों की चमक के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में कारोबार मिला-जुला रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 157.40 अंक यानी 0.82 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,975.05 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप मात्र 14.25 अंक या 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 60,606.65 पर बंद हुआ। यह संकेत देता है कि निवेशकों की प्राथमिकता इस सत्र में लार्जकैप, विशेषकर बैंकिंग शेयरों की ओर थी।
विशेषज्ञों की राय: वैश्विक उथल-पुथल में भारत सुरक्षित ठिकाना
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय शेयर बाजारों ने वैश्विक गिरावट के बावजूद अपनी बढ़त का सिलसिला बरकरार रखा। विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों ने घरेलू बाजार को एक भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश गंतव्य के रूप में देखा।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि बड़े निजी बैंक इस रैली के सबसे बड़े लाभार्थी बनकर उभरे। उनकी मजबूत तरलता (लिक्विडिटी) और आकर्षक मूल्यांकन (वैल्यूएशन) ने उन्हें निवेशकों के लिए स्वाभाविक विकल्प बना दिया। इसके अतिरिक्त, कच्चे तेल की कीमतों में साप्ताहिक गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और रुपए की मजबूती ने भी भारत के प्रति विदेशी निवेशकों का आकर्षण बढ़ाया।
आगे क्या देखें
दीपावली के बाद बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, विशेष रूप से अमेरिकी ब्याज दर नीति और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की घरेलू बाजार में वापसी की उम्मीदें भी बलवती हो रही हैं। अगले कुछ सत्रों में तिमाही नतीजों और वैश्विक मैक्रो डेटा पर बाजार की नजर रहेगी।