सेंसेक्स 232 अंक चढ़कर 75,415 पर बंद; रुपए में मजबूती और बैंकिंग शेयरों की तेजी से बाजार को सहारा
सारांश
मुख्य बातें
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुक्रवार, 22 मई को 231.99 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,415.35 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 64.60 अंक यानी 0.27 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,719.30 पर बंद हुआ। भारतीय रुपए का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 51 पैसे मजबूत होकर इंट्राडे में 95.69 के उच्चतम स्तर पर पहुँचना और बैंकिंग व फाइनेंशियल सर्विसेज शेयरों में जोरदार खरीदारी इस तेजी के प्रमुख कारण रहे।
सेक्टरवार प्रदर्शन
निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद निफ्टी बैंक 1.15 प्रतिशत और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.13 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।
दूसरी ओर, निफ्टी हेल्थकेयर 1.52 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 1.47 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ दबाव में रहे। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 0.14 प्रतिशत की बढ़त में रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.15 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
टॉप गेनर्स और लूज़र्स
निफ्टी 50 में ट्रेंट, श्रीराम फाइनेंस, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, विप्रो और एशियन पेंट्स के शेयर शीर्ष लाभ में रहे।
वहीं मैक्स हेल्थ, सन फार्मा, ओएनजीसी, आईटीसी और पावरग्रिड सत्र के सबसे कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
निवेशकों की संपत्ति में इजाफा
BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के ₹462 लाख करोड़ से बढ़कर ₹463 लाख करोड़ हो गया। इस तरह निवेशकों को एक ही सत्र में करीब ₹1 लाख करोड़ का लाभ हुआ।
वैश्विक संकेत: कच्चे तेल में उछाल
ब्रेंट क्रूड में 2 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई और यह $105 प्रति बैरल से ऊपर कारोबार करता दिखा। यह तेजी अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण आई — कई राजनयिक प्रयासों के बावजूद दोनों पक्ष विवाद के प्रमुख मुद्दों को सुलझाने में अब तक विफल रहे हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजारों में ऊर्जा कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जो आने वाले सत्रों में भारतीय बाजार की दिशा पर असर डाल सकती है। आगे के सत्रों में रुपए की चाल और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।