निर्मला सीतारमण: रोजगार मेलों से 12 लाख नियुक्तियाँ, युवाओं को नीति-निर्माण में भागीदार बनाया
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 26 जुलाई 2026 को मुंबई में आयोजित एनडीटीवी प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवॉर्ड्स 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास और नीति-निर्माण में युवाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार मेलों के माध्यम से केंद्र सरकार में अब तक 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं।
रोजगार और कौशल विकास में ठोस प्रगति
सीतारमण ने कहा, 'विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने युवाओं को आवश्यक कौशल, अवसर, आत्मविश्वास और मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर और ठोस प्रयास किए हैं, ताकि वे अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर सकें और देश की प्रगति में सार्थक योगदान दे सकें।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत की तेज़ी से बढ़ती वैश्विक आर्थिक साझेदारियाँ विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना: उद्योग जगत से पहला जुड़ाव
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, 'इस योजना के माध्यम से हम युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में इंटर्नशिप देकर उन्हें उद्योग जगत का पहला वास्तविक अनुभव प्रदान कर रहे हैं।' यह योजना युवाओं को शैक्षणिक वातावरण से व्यावसायिक जगत में सहज प्रवेश दिलाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
नीति-निर्माण में युवाओं की भागीदारी
सीतारमण ने बताया कि इस वर्ष का केंद्रीय बजट पेश करने के बाद उन्होंने सबसे पहले देश के विभिन्न क्षेत्रों और अलग-अलग शैक्षणिक विषयों का प्रतिनिधित्व करने वाले कॉलेज छात्रों के साथ अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने कहा, 'इस वर्ष का बजट पेश करने के बाद सबसे पहला काम मैंने यह किया कि देश के सभी क्षेत्रों से आए और विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा कॉलेज छात्रों के साथ खुलकर बातचीत की।'
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मायगवइंडिया पोर्टल के माध्यम से बजट के लिए सुझाव आमंत्रित किए जाते हैं, जहाँ युवा अपने विचार साझा करते हैं और उनमें से कई सुझावों को बजट में भी शामिल किया जाता है। यह ऐसे समय में आया है जब नीति-निर्माण में युवाओं की भागीदारी को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है।
राष्ट्रीय खेल नीति 2025: खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ
वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय खेल नीति 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएँ, खेल विज्ञान का सहयोग, बेहतर चिकित्सा सेवाएँ, प्रौद्योगिकी आधारित प्रदर्शन विश्लेषण, विश्वस्तरीय कोचिंग और शुरुआती अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि यह नीति खेल को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवा विकास के एक सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करने की कोशिश करती है।
आगे की राह
सीतारमण ने कहा कि भारत की विकास की कहानी उसके युवाओं की आकांक्षाओं और उपलब्धियों से गहराई से जुड़ी हुई है। उनके अनुसार, सच्चे नेतृत्व का अर्थ अगली पीढ़ी को देश का भविष्य गढ़ने के लिए तैयार करना भी है। रोजगार, कौशल और नीति-निर्माण में युवाओं को केंद्र में रखने की यह रणनीति आने वाले वर्षों में 'विकसित भारत' के लक्ष्य की दिशा में कितनी कारगर साबित होती है, यह देखना होगा।