सोने में ₹1,576 और चांदी में ₹13,071 की साप्ताहिक गिरावट; 24 कैरेट सोना ₹1,40,054 प्रति 10 ग्राम
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 1 नवंबर 2026 को समाप्त सप्ताह में सोने की कीमत ₹1,576 रुपए गिरकर ₹1,40,054 प्रति 10 ग्राम पर आ गई, जबकि चांदी ₹13,071 रुपए सस्ती होकर ₹1,81,344 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव, मज़बूत डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल के ₹110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहने के कारण दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा।
सोने की साप्ताहिक कीमतें: ग्रेड-वार विवरण
24 कैरेट सोना इस सप्ताह ₹1,41,630 से घटकर ₹1,40,054 प्रति 10 ग्राम हो गया — यानी ₹1,576 की गिरावट। 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,29,733 से कम होकर ₹1,28,289 प्रति 10 ग्राम रह गया। 18 कैरेट सोने की कीमत भी ₹1,06,223 से घटकर ₹1,05,041 प्रति 10 ग्राम पर आ गई।
IBJA आँकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह 24 कैरेट सोने का उच्चतम भाव 28 अक्टूबर को सुबह के सत्र में ₹1,42,300 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम भाव 30 अक्टूबर को शाम के सत्र में ₹1,40,054 प्रति 10 ग्राम रहा।
चांदी में तीखी गिरावट
चांदी की कीमत इस सप्ताह ₹13,071 की तेज़ गिरावट के साथ ₹1,94,415 से घटकर ₹1,81,344 प्रति किलोग्राम पर आ गई। IBJA के अनुसार, चांदी का उच्चतम भाव 26 अक्टूबर को सुबह के सत्र में ₹1,95,050 प्रति किलोग्राम रहा, जबकि न्यूनतम 30 अक्टूबर को शाम के सत्र में ₹1,81,344 प्रति किलोग्राम दर्ज हुआ। गौरतलब है कि IBJA दिन में दो बार — सुबह और शाम के सत्र में — सोने और चांदी की दरें जारी करती है।
गिरावट के पीछे वैश्विक कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जहाँ अमेरिकी हमलों की रिपोर्टों के बाद जोखिम-भरे परिसंपत्तियों से पलायन हुआ। इसके साथ ही डॉलर इंडेक्स के मज़बूत होने ने डॉलर-मूल्यवर्गित धातुओं को महँगा बना दिया, जिससे वैश्विक माँग पर असर पड़ा। कच्चे तेल का भाव $110 डॉलर प्रति बैरल के पार टिके रहने से भी कमोडिटी बाज़ार में दबाव बना रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इस सप्ताह सोने का भाव करीब $3,885 प्रति औंस और चांदी का भाव $49 प्रति औंस के आसपास रहा।
आम जनता और खरीदारों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब शादी-ब्याह का मौसम शुरू होने वाला है और ज्वेलरी की माँग बढ़ने की उम्मीद थी। कीमतों में इस गिरावट से खुदरा खरीदारों को राहत मिल सकती है, हालाँकि विशेषज्ञ वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के मद्देनज़र अगले सप्ताह भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।
आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान तनाव, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीतिगत संकेतों और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर निर्भर करेगी।