छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर PM मोदी ने दी बधाई, बोले— 'नक्सलवाद की जड़ें खत्म, विकास की राह पर अग्रसर'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर राज्य के समस्त निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और कहा कि नक्सलवाद की जड़ें समाप्त करते हुए राज्य विकास के पथ पर तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर राज्य की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और पुरातात्विक धरोहरों की सराहना की।
मोदी का संदेश: संस्कृति से विकास तक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, छत्तीसगढ़ अपनी जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और अनूठी लोक परंपराओं के लिए प्रख्यात है तथा राज्य की पुरातात्विक धरोहरें इसकी विशेष पहचान रही हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ की लोक-संस्कृति से परिपूर्ण परिवेश में एक अद्भुत अपनापन है जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।
मोदी ने नक्सलवाद की समाप्ति को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि राज्य के प्रतिभाशाली और परिश्रमी लोगों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ राष्ट्र की समृद्धि में बढ़-चढ़कर योगदान देता रहेगा।
राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा की शुभकामनाएं
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि छत्तीसगढ़ प्रकृति की समृद्धि, जनजातीय विरासत और विविध लोकसंस्कृति से परिपूर्ण एक विशिष्ट राज्य है। उन्होंने यहाँ के परिश्रमी और प्रतिभाशाली लोगों के राष्ट्र-निर्माण में योगदान को रेखांकित करते हुए कामना की कि राज्य विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, अनूठी कला और गौरवशाली विरासत को देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने माँ दंतेश्वरी से प्रार्थना की कि यह प्रदेश सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास, शांति और समृद्धि के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे।
मुख्यमंत्री साय की भावुक अपील
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर लिखा कि राज्य की 26 वर्षों की यात्रा करोड़ों प्रदेशवासियों के सपनों, संघर्षों और संकल्पों की गौरवशाली गाथा है। उन्होंने कहा कि आज राज्य शांति, सुशासन और विकास के नए अध्याय लिख रहा है। साय ने छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से प्रदेश को समृद्धि, आत्मनिर्भरता और विकसित भविष्य की ओर अग्रसर रहने की कामना की।
छत्तीसगढ़ का राज्य बनने का सफर
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ को 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग करके एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था। तब से यह देश के उन राज्यों में शुमार रहा है जो खनिज संपदा में अग्रणी हैं किंतु नक्सल हिंसा के कारण विकास में पिछड़ते भी रहे। हालिया वर्षों में सुरक्षा बलों की कार्रवाइयों के बाद नक्सलवाद में कमी को केंद्र और राज्य सरकार, दोनों प्रमुख उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करती रही हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ में BJP सरकार के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढाँचे और आदिवासी कल्याण योजनाओं को गति देने का दावा किया जा रहा है। आने वाले महीनों में राज्य की विकास परियोजनाओं की प्रगति ही इन संदेशों को धरातल पर परखने का असली पैमाना होगी।