आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस 2026: 1956 से 2014 तक राज्य के गठन का पूरा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस प्रतिवर्ष 1 नवंबर को मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर के नेताओं ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और राज्य के ऐतिहासिक सफर को याद किया। अमरावती से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हस्तियों ने बधाई संदेश साझा किए।
आंध्र प्रदेश के गठन का इतिहास
आंध्र प्रदेश के गठन की कहानी दो महत्वपूर्ण चरणों में पूरी हुई। सबसे पहले 1 अक्टूबर 1953 को मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को अलग करके 'आंध्र राज्य' का गठन किया गया, जिसकी राजधानी कुरनूल थी। यह राज्य पोट्टी श्रीरामुलु के ऐतिहासिक आमरण अनशन और सर्वोच्च बलिदान के बाद अस्तित्व में आया — तेलुगु भाषी जनता की माँगों का एक ऐतिहासिक स्वीकृति।
इसके तीन वर्ष बाद 1 नवंबर 1956 को तत्कालीन 'आंध्र राज्य' और हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को मिलाकर भाषाई आधार पर आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन हुआ। इस नवगठित राज्य की राजधानी हैदराबाद को बनाया गया। गौरतलब है कि यह पुनर्गठन राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत देश में भाषाई आधार पर राज्यों के व्यापक पुनर्गठन का ही हिस्सा था।
2014 का विभाजन और तेलंगाना का उदय
दशकों की राजनीतिक माँगों और आंदोलनों के बाद 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ। इसके परिणामस्वरूप तेलंगाना एक स्वतंत्र राज्य के रूप में उभरा। विभाजन के बाद शेष आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में अमरावती के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ हुई। यह देश के नवीनतम राज्य-विभाजनों में से एक रहा और दक्षिण भारत की राजनीति में इसका दूरगामी प्रभाव पड़ा।
नेताओं की बधाई और संदेश
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर पोस्ट कर आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों के स्थापना दिवस पर बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली ऐतिहासिक परंपराओं की धरोहर आंध्र प्रदेश… के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।' उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास यात्रा में इन सभी राज्यों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, और कामना जताई कि ये राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भूमिका निभाएँ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी एक्स पर पोस्ट कर आंध्र प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'सनातन आस्था के पावन स्पंदन, प्राचीन सभ्यता के गौरव और सजीव लोक-संस्कृति की अनुपम छटा से अभिसिंचित आंध्र प्रदेश के स्थापना दिवस की आंध्र प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई।' योगी ने यह कामना भी व्यक्त की कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में यह राज्य विकास और समृद्धि के नए शिखर स्पर्श करे।
तमिलनाडु में भी स्थापना दिवस
1 नवंबर का यह दिन केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है — तमिलनाडु में भी यह स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर 'मद्रास राज्य' का गठन हुआ था, जिसकी स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इसके अतिरिक्त 18 जुलाई 1967 को मद्रास विधानसभा में 'मद्रास राज्य' का नाम बदलकर 'तमिलनाडु' करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था, इसलिए वह दिन भी तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस प्रकार तमिलनाडु में दो तिथियाँ — 1 नवंबर और 18 जुलाई — राज्य-गठन की स्मृति में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
आगे की दिशा
आंध्र प्रदेश के 70 वर्षों के सफर में भाषा, संस्कृति, विभाजन और पुनर्निर्माण के अनेक पड़ाव आए हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य अमरावती को एक आधुनिक राजधानी के रूप में विकसित करने के साथ-साथ औद्योगिक और अवसंरचना विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इस स्थापना दिवस पर मिली बधाइयाँ राज्य के प्रति राष्ट्रीय एकजुटता का भाव भी प्रकट करती हैं।