सोना ₹1,52,363 प्रति 10 ग्राम पर पहुँचा, इस हफ्ते ₹2,742 की तेज़ी; चाँदी ₹2,33,842 के पार
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आँकड़ों के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को समाप्त हुए कारोबारी सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,742 की बढ़त के साथ ₹1,52,363 प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गई। इसी अवधि में चाँदी भी ₹2,469 चढ़कर ₹2,33,842 प्रति किलो हो गई — दोनों कीमती धातुओं में एक सप्ताह में उल्लेखनीय तेज़ी दर्ज की गई।
सोने के भाव: कैरेट-वार साप्ताहिक बदलाव
24 कैरेट सोना पिछले सप्ताह के ₹1,49,621 प्रति 10 ग्राम से बढ़कर ₹1,52,363 प्रति 10 ग्राम हो गया। 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,37,053 से उठकर ₹1,39,565 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 18 कैरेट सोना ₹1,12,216 से बढ़कर ₹1,14,272 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
सप्ताह के दौरान सोने का न्यूनतम भाव ₹1,50,641 प्रति 10 ग्राम — 10 अगस्त के शाम के सत्र में — और उच्चतम भाव ₹1,53,419 प्रति 10 ग्राम — 12 अगस्त के शाम के सत्र में — रहा।
चाँदी के भाव: साप्ताहिक उतार-चढ़ाव
चाँदी का भाव पिछले सप्ताह के ₹2,31,373 प्रति किलो से ₹2,469 की बढ़त लेकर ₹2,33,842 प्रति किलो पर बंद हुआ। सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹2,37,214 प्रति किलो — 12 अगस्त के शाम के सत्र में — और न्यूनतम स्तर ₹2,31,373 प्रति किलो — 10 अगस्त के शाम के सत्र में — रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का रुख
वैश्विक बाज़ारों में भी कीमती धातुओं में मज़बूती जारी रही। सोने का अंतरराष्ट्रीय भाव लगभग $4,440 प्रति औंस और चाँदी करीब $65 प्रति औंस के स्तर पर पहुँच गई। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की ब्याज दर नीति पर बारीक नज़र रखे हुए हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेज़ी की मुख्य वजह अमेरिका में महँगाई दर का घटना है — जुलाई में यह 3.4 प्रतिशत रह गई, जो जून में 3.5 प्रतिशत थी। महँगाई में यह नरमी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना को कम करती है, जो परंपरागत रूप से सोने जैसी गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है।
गौरतलब है कि IBJA प्रतिदिन सुबह और शाम — दो सत्रों में — सोने-चाँदी के आधिकारिक भाव जारी करता है, जो घरेलू बाज़ार में मानक संदर्भ दर के रूप में काम करते हैं।
आगे क्या
यदि अमेरिकी महँगाई में गिरावट का रुझान जारी रहा और फेड दरें स्थिर रखता है, तो विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चाँदी में तेज़ी बनी रह सकती है। घरेलू निवेशकों और आभूषण उद्योग की नज़र अगले कुछ सप्ताहों में अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों और फेड की बैठक पर टिकी रहेगी।