स्टारलिंक ने भारत में मंजूरी रोके जाने की खबरों को नकारा, कहा— सरकार से बातचीत सक्रिय और सकारात्मक
सारांश
मुख्य बातें
एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक ने 10 जून 2026 को उन मीडिया रिपोर्टों का स्पष्ट खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत सरकार ने कंपनी की सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की मंजूरी प्रक्रिया को प्रभावी रूप से रोक दिया है। कंपनी ने कहा कि वह सरकार के साथ 'सक्रिय और सकारात्मक बातचीत' कर रही है और उसे अपनी योजनाओं को लेकर लगातार उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।
खंडन की वजह और मूल रिपोर्ट
यह स्पष्टीकरण उस रिपोर्ट के बाद आया जिसमें दावा किया गया था कि ईरान संघर्ष में स्टारलिंक टर्मिनलों के कथित इस्तेमाल को लेकर उठी चिंताओं के चलते भारत ने कंपनी के व्यावसायिक संचालन की मंजूरियों पर रोक लगा दी है। कंपनी ने इन दावों को 'गुमनाम सूत्रों पर आधारित भ्रामक खबरें' बताते हुए खारिज किया।
कंपनी का आधिकारिक पक्ष
स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रेयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि कंपनी ने सभी जरूरी नियामकीय और अनुपालन प्रक्रियाओं में सरकार के साथ पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम किया है। उन्होंने यह भी बताया कि स्टारलिंक ने भारत के लिए एक विशेष तैनाती (डिप्लॉयमेंट) मॉडल तैयार किया है, जो देश की तकनीकी संप्रभुता, नियामकीय आवश्यकताओं और सुरक्षा मानकों के पूरी तरह अनुरूप है।
ड्रेयर के अनुसार, कंपनी को स्टारलिंक की तकनीकी क्षमता और दूरदराज तथा कम कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में इंटरनेट पहुँच बढ़ाने की संभावनाओं को लेकर सरकार की ओर से लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
नियामकीय स्थिति
स्टारलिंक ने भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाएं देने के लिए लाइसेंस हेतु आवेदन किया हुआ है और सरकार से लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) भी प्राप्त हो चुका है। हालाँकि, कंपनी अभी अंतिम नियामकीय मंजूरी का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही वह भारत में व्यावसायिक सेवाएं शुरू कर सकेगी।
व्यापक संदर्भ: SpaceX का संभावित IPO
गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब SpaceX कथित तौर पर इतिहास के सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी की प्रस्तावित नैस्डैक लिस्टिंग में उसका मूल्यांकन लगभग 1.75 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है। ऐसे में भारत जैसे बड़े बाजार में स्टारलिंक की सेवाओं का विस्तार कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आगे क्या
स्टारलिंक ने स्पष्ट किया है कि वह भारत सरकार के साथ मिलकर जल्द से जल्द सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम कर रही है। अंतिम नियामकीय मंजूरी मिलते ही कंपनी व्यावसायिक परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है, जिससे देश के दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को नई गति मिल सकती है।