सेंसेक्स 393 अंक उछला, निफ्टी आईटी 5% की बढ़त के साथ टॉप गेनर; वैश्विक कमज़ोरी के बीच भारतीय बाज़ार मज़बूत
सारांश
मुख्य बातें
BSE सेंसेक्स मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को शुरुआती कारोबार में 393 अंक (0.53%) की तेज़ी के साथ 75,178 पर पहुँच गया, जबकि NSE निफ्टी 50 103 अंक (0.44%) चढ़कर 23,495 पर कारोबार कर रहा था। सुबह 9:17 बजे IST दर्ज इन आँकड़ों के अनुसार आईटी क्षेत्र की ज़ोरदार खरीदारी ने घरेलू बाज़ारों को वैश्विक कमज़ोरी के बावजूद हरे निशान में बनाए रखा।
आईटी शेयरों की अगुवाई में बाज़ार में खरीदारी
निफ्टी आईटी सूचकांक लगभग 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ सभी सेक्टोरल इंडेक्स में शीर्ष पर रहा। सेंसेक्स पैक में एचसीएल टेक्नोलॉजीज़, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में शामिल रहे। इनके अलावा एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), आईटीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा और ट्रेंट भी हरे निशान में कारोबार करते नज़र आए।
कौन से सेक्टर और शेयर दबाव में
दूसरी ओर, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसई, निफ्टी फार्मा, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी प्राइवेट बैंक लाल निशान में थे। सेंसेक्स में लूज़र्स की सूची में बीईएल, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, टाइटन, पावर ग्रिड, एलएंडटी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल और इटरनल शामिल रहे।
वैश्विक बाज़ारों में कमज़ोरी, मध्य पूर्व तनाव की छाया
अधिकांश वैश्विक बाज़ारों में नरमी देखी गई। शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और जकार्ता के बाज़ार लाल निशान में थे, जबकि टोक्यो हरे निशान में कारोबार कर रहा था। इससे पिछले सत्र में अमेरिकी बाज़ार भी कमज़ोरी के साथ बंद हुए थे — डाउ जोन्स 0.29 प्रतिशत और नैस्डैक 0.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। विश्लेषकों के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण क्षेत्रीय तनाव और गहराने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हो रही है।
कच्चा तेल तेज़, सोना-चाँदी दबाव में
भू-राजनीतिक तनाव का सबसे अधिक असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। WTI क्रूड 1.53 प्रतिशत की तेज़ी के साथ 103 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.31 प्रतिशत की मज़बूती के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। इसके विपरीत, कॉमेक्स पर सोना 0.18 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ 4,344 डॉलर प्रति औंस और चाँदी 0.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 63 डॉलर प्रति औंस पर थी।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक मध्य पूर्व संघर्ष के आर्थिक प्रभाव और ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर सतर्क हैं। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, आईटी सेक्टर की यह मज़बूती घरेलू बाज़ार के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता शेष कारोबारी सत्र में सतर्कता बनाए रख सकती हैं।