RBI ने FCNR(B) स्वैप सुविधा 31 अगस्त तक सीमित की, $40.8 अरब प्रवाह के बाद समयपूर्व समापन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 14 अगस्त 2026 को घोषणा की कि फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) — FCNR(B) जमा के लिए उपलब्ध स्वैप सुविधा अब केवल 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई जमा पर ही लागू होगी। निवेशकों की असाधारण प्रतिक्रिया और उसके फलस्वरूप हुए भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह योजना निर्धारित समय से पहले बंद करने का फैसला किया।
मुख्य घोषणा
RBI के आधिकारिक बयान के अनुसार, 'FCNR(B) जमा के लिए स्वैप सुविधा केवल 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई जमा के लिए उपलब्ध होगी। इस सुविधा के तहत स्वैप का लाभ RBI से 11 सितंबर 2026 तक लिया जा सकता है।' यह योजना मूलतः 8 जून 2026 को शुरू की गई थी और इसकी मूल समाप्ति तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित थी।
विदेशी मुद्रा प्रवाह का लेखा-जोखा
अधिकृत डीलर बैंकों से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक इस सुविधा के तहत कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $40.816 अरब रहा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) जमा का रहा, जो $36.725 अरब था। ओवरसीज़ फॉरेन करेंसी बॉरोइंग्स (OFCB) के ज़रिए $2.575 अरब और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECB) के माध्यम से अतिरिक्त $1.516 अरब का प्रवाह हुआ।
विदेशी मुद्रा भंडार पर असर
7 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $14.136 अरब बढ़कर $707 अरब के स्तर को पार कर गया। फॉरेन करेंसी एसेट्स और सोने के भंडार ने इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई। यह भंडार भारत की बाहरी वित्तीय स्थिरता का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
आगे क्या होगा
रिपोर्टों के अनुसार, यदि योजना अपनी मूल 30 सितंबर 2026 की समाप्ति तिथि तक चलती, तो भारत को $65-70 अरब तक FCNR(B) जमा मिल सकती थी और कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $80-85 अरब तक पहुँचने का अनुमान था। अब समयपूर्व समापन के बाद अंतिम आँकड़ा इससे कम रहेगा, हालाँकि RBI ने इसे 'उत्साहजनक प्रतिक्रिया' का परिणाम बताया है।