14 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

RBI ने FCNR(B) स्वैप सुविधा 31 अगस्त तक सीमित की, $40.8 अरब प्रवाह के बाद समयपूर्व समापन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
RBI ने FCNR(B) स्वैप सुविधा 31 अगस्त तक सीमित की, $40.8 अरब प्रवाह के बाद समयपूर्व समापन

सारांश

निवेशकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया के बाद RBI ने FCNR(B) स्वैप सुविधा को निर्धारित समय से पहले बंद कर दिया। 8 जून से शुरू इस योजना में 31 जुलाई तक $40.8 अरब का प्रवाह हुआ, जिसमें अकेले FCNR(B) जमा का हिस्सा $36.7 अरब रहा। अब यह सुविधा केवल 31 अगस्त तक जुटाई जमा पर मिलेगी।

मुख्य बातें

RBI ने 14 अगस्त 2026 को FCNR(B) स्वैप सुविधा की समाप्ति तिथि घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दी।
इस सुविधा के तहत स्वैप का लाभ 11 सितंबर 2026 तक लिया जा सकेगा।
31 जुलाई 2026 तक कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $40.816 अरब रहा; FCNR(B) जमा का हिस्सा $36.725 अरब ।
OFCB से $2.575 अरब और ECB से $1.516 अरब अतिरिक्त प्रवाह हुआ।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7 अगस्त को समाप्त सप्ताह में $14.136 अरब बढ़कर $707 अरब पार कर गया।
रिपोर्टों के अनुसार पूरी अवधि चलती तो कुल प्रवाह $80-85 अरब तक पहुँच सकता था।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 14 अगस्त 2026 को घोषणा की कि फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) — FCNR(B) जमा के लिए उपलब्ध स्वैप सुविधा अब केवल 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई जमा पर ही लागू होगी। निवेशकों की असाधारण प्रतिक्रिया और उसके फलस्वरूप हुए भारी विदेशी मुद्रा प्रवाह को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने यह योजना निर्धारित समय से पहले बंद करने का फैसला किया।

मुख्य घोषणा

RBI के आधिकारिक बयान के अनुसार, 'FCNR(B) जमा के लिए स्वैप सुविधा केवल 31 अगस्त 2026 तक जुटाई गई जमा के लिए उपलब्ध होगी। इस सुविधा के तहत स्वैप का लाभ RBI से 11 सितंबर 2026 तक लिया जा सकता है।' यह योजना मूलतः 8 जून 2026 को शुरू की गई थी और इसकी मूल समाप्ति तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित थी।

विदेशी मुद्रा प्रवाह का लेखा-जोखा

अधिकृत डीलर बैंकों से प्राप्त आँकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक इस सुविधा के तहत कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $40.816 अरब रहा। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) जमा का रहा, जो $36.725 अरब था। ओवरसीज़ फॉरेन करेंसी बॉरोइंग्स (OFCB) के ज़रिए $2.575 अरब और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग्स (ECB) के माध्यम से अतिरिक्त $1.516 अरब का प्रवाह हुआ।

विदेशी मुद्रा भंडार पर असर

7 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $14.136 अरब बढ़कर $707 अरब के स्तर को पार कर गया। फॉरेन करेंसी एसेट्स और सोने के भंडार ने इस वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई। यह भंडार भारत की बाहरी वित्तीय स्थिरता का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

आगे क्या होगा

रिपोर्टों के अनुसार, यदि योजना अपनी मूल 30 सितंबर 2026 की समाप्ति तिथि तक चलती, तो भारत को $65-70 अरब तक FCNR(B) जमा मिल सकती थी और कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $80-85 अरब तक पहुँचने का अनुमान था। अब समयपूर्व समापन के बाद अंतिम आँकड़ा इससे कम रहेगा, हालाँकि RBI ने इसे 'उत्साहजनक प्रतिक्रिया' का परिणाम बताया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके दूसरे पहलू पर भी ध्यान देना ज़रूरी है — जो बैंक अभी भी FCNR(B) जमा जुटाने की प्रक्रिया में थे, उनके लिए यह अचानक कटऑफ परिचालन दबाव बना सकता है। $40.8 अरब का प्रवाह प्रभावशाली है, पर यह 2013 की रघुराम राजन-युग की FCNR(B) योजना की $34 अरब की सफलता को पार करता है — जो तब रुपये की गिरावट रोकने के लिए लाई गई थी। इस बार प्रेरणा अलग है: रुपये को स्थिर रखना और भंडार को मज़बूत करना। असली परीक्षा यह होगी कि ये जमाएँ परिपक्व होने पर — तीन से पाँच साल बाद — बाहरी दबाव कितना बढ़ाती हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI की FCNR(B) स्वैप सुविधा क्या है और इसे क्यों बंद किया गया?
FCNR(B) स्वैप सुविधा RBI की वह योजना है जिसके तहत अनिवासी भारतीयों द्वारा डॉलर में की गई जमा पर बैंकों को रियायती दर पर रुपये में स्वैप की सुविधा मिलती है। RBI ने इसे 8 जून 2026 को शुरू किया था और निवेशकों की असाधारण प्रतिक्रिया — $40.8 अरब का प्रवाह — के बाद इसे 30 सितंबर की बजाय 31 अगस्त 2026 तक सीमित कर दिया।
31 अगस्त 2026 के बाद क्या होगा?
31 अगस्त 2026 के बाद जुटाई गई FCNR(B) जमा पर यह स्वैप सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। हालाँकि, 31 अगस्त तक जुटाई गई जमा पर स्वैप का लाभ 11 सितंबर 2026 तक RBI से लिया जा सकेगा।
इस योजना से कितना विदेशी मुद्रा प्रवाह हुआ?
31 जुलाई 2026 तक इस सुविधा के तहत कुल $40.816 अरब का विदेशी मुद्रा प्रवाह हुआ। इसमें FCNR(B) जमा से $36.725 अरब, OFCB से $2.575 अरब और ECB से $1.516 अरब शामिल हैं।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर इसका क्या असर पड़ा?
7 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $14.136 अरब बढ़कर $707 अरब के पार चला गया। फॉरेन करेंसी एसेट्स और सोने के भंडार में वृद्धि इसकी प्रमुख वजह रही।
यदि योजना 30 सितंबर तक चलती तो कुल प्रवाह कितना होता?
रिपोर्टों के अनुसार, यदि यह योजना अपनी मूल समाप्ति तिथि 30 सितंबर 2026 तक जारी रहती, तो FCNR(B) जमा $65-70 अरब और कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह $80-85 अरब तक पहुँच सकता था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले