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आरबीआई का FCNR(B) पर बड़ा स्पष्टीकरण: एनआरआई जमा पर लोन, स्वैप सुविधा के अहम नियम जारी

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आरबीआई का FCNR(B) पर बड़ा स्पष्टीकरण: एनआरआई जमा पर लोन, स्वैप सुविधा के अहम नियम जारी

सारांश

RBI ने FCNR(B) जमा और विशेष स्वैप सुविधा पर विस्तृत FAQ जारी किए हैं — एनआरआई ग्राहकों को जमा पर लोन मिलेगा, हेजिंग लागत केवल मूल राशि पर, और नई जमा को CRR/SLR से छूट। यह 5 जून 2026 को गवर्नर संजय मल्होत्रा की घोषणाओं का क्रियान्वयन-स्तरीय स्पष्टीकरण है।

मुख्य बातें

RBI ने 23 जून 2026 को FCNR(B) जमा और विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा पर विस्तृत FAQ जारी किए।
भारतीय बैंक और उनकी विदेशी शाखाएँ एनआरआई ग्राहकों को FCNR(B) जमा के एवज में ऋण दे सकेंगी और संबंधित जमा पर लियन लगा सकेंगी।
स्वैप सुविधा के तहत RBI केवल मूल राशि पर हेजिंग लागत वहन करेगा; ब्याज राशि इस दायरे से बाहर।
30 सितंबर 2026 तक जुटाई गई 3 से 5 वर्ष की FCNR(B) जमा पर पूरी हेजिंग लागत RBI उठाएगा।
नई FCNR(B) और NRE जमा को CRR और SLR आवश्यकताओं से छूट दी गई है।
ECB पर स्वैप सुविधा केवल न्यूनतम 3 वर्ष की औसत परिपक्वता वाले ऋणों पर, अधिकतम 5 वर्ष की अवधि तक।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 23 जून 2026 को फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट — बैंक [FCNR(B)] जमा योजना और विशेष विदेशी मुद्रा स्वैप सुविधा से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQ) पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि भारतीय बैंक अपने एनआरआई (NRI) ग्राहकों को उनकी FCNR(B) जमा राशि के एवज में ऋण दे सकेंगे और सुरक्षा के तौर पर संबंधित जमा पर लियन भी लगा सकेंगे।

योजना की पृष्ठभूमि

5 जून 2026 को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने और देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई उपायों की घोषणा की थी। इसी के अंतर्गत FCNR(B) जमा, एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) और विदेशी मुद्रा उधारी के लिए विशेष स्वैप सुविधा शुरू की गई। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत अपने विदेशी मुद्रा भंडार को और मज़बूत करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

स्वैप सुविधा के मुख्य प्रावधान

RBI ने स्पष्ट किया है कि विशेष स्वैप सुविधा के तहत केंद्रीय बैंक केवल FCNR(B) जमा की मूल राशि पर ही हेजिंग लागत वहन करेगा — जमा पर अर्जित ब्याज इस सुविधा के दायरे से बाहर रहेगा। बैंकों को ब्याज राशि के लिए अलग से प्रबंधन करना होगा।

30 सितंबर 2026 तक बैंकों द्वारा जुटाई गई तीन से पाँच वर्ष की अवधि वाली नई FCNR(B) जमा पर हेजिंग की पूरी लागत RBI वहन करेगा। गौरतलब है कि यदि किसी FCNR(B) जमा की मूल अवधि तीन वर्ष या उससे अधिक रही हो, लेकिन स्वैप सुविधा लेने के समय शेष अवधि तीन वर्ष से कम बची हो, तब भी बैंक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

एनआरआई ग्राहकों के लिए ऋण और लियन के नियम

FAQ के अनुसार, भारतीय बैंक और उनकी विदेशी शाखाएँ FCNR(B) खाताधारक एनआरआई ग्राहकों को ऋण प्रदान कर सकती हैं — चाहे वह ऋण भारत में हो या विदेश में। बैंक विदेशी ऋणदाताओं के पक्ष में स्टैंडबाय लेटर ऑफ क्रेडिट (SBLC) भी जारी कर सकते हैं। सुरक्षा के तौर पर संबंधित FCNR(B) जमा पर लियन लगाने की अनुमति भी दी गई है।

ब्याज दरें और CRR/SLR छूट

RBI ने बैंकों को FCNR(B) जमा पर अलग-अलग ब्याज दरें देने की अनुमति दी है, जो जमा की अवधि और राशि के आधार पर निर्धारित होंगी — हालाँकि रिज़र्व बैंक के जमा ब्याज दर संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य रहेगा। इसके अतिरिक्त, नई FCNR(B) और NRE जमा राशियों को कैश रिज़र्व रेशियो (CRR) और वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) जैसी अनिवार्य आरक्षित आवश्यकताओं से छूट दी गई है। इससे बैंकों के लिए एनआरआई जमा जुटाना अधिक लाभकारी होगा।

ECB और स्वैप अवधि के नियम

ECB के संदर्भ में RBI ने स्पष्ट किया कि कंपनियाँ नियमों के तहत किसी भी अवधि के लिए ECB जुटा सकती हैं, लेकिन विशेष स्वैप सुविधा का लाभ केवल उन ECB पर मिलेगा जिनकी औसत परिपक्वता अवधि कम से कम तीन वर्ष हो। स्वैप की अवधि ECB की पुनर्भुगतान अवधि के अनुरूप होगी, परंतु इसकी अधिकतम सीमा पाँच वर्ष तक सीमित रहेगी। बैंक स्वैप सुविधा का उपयोग किए बिना भी सामान्य FCNR(B) जमा योजनाएँ जारी रख सकते हैं, हालाँकि ऐसी जमा राशियों का रिकॉर्ड अलग से रखना अनिवार्य होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनका असल संदेश यह है कि केंद्रीय बैंक डॉलर प्रवाह बढ़ाने के लिए बैंकों को हर संभव प्रोत्साहन देने पर आमादा है — CRR/SLR छूट और पूरी हेजिंग लागत वहन करना असाधारण कदम हैं। सवाल यह है कि क्या 30 सितंबर 2026 की समयसीमा में एनआरआई जमा की मात्रा उस स्तर तक पहुँचेगी जो विदेशी मुद्रा भंडार पर सार्थक असर डाले। ब्याज पर हेजिंग कवर न देना बैंकों के लिए एक वास्तविक लागत बनी रहेगी, जिसे वे अंततः ब्याज दरों में समायोजित करेंगे। क्रियान्वयन की जटिलता — अलग रिकॉर्ड रखना, लियन प्रबंधन, ECB परिपक्वता शर्तें — यह सुनिश्चित करेगी कि छोटे बैंक इस सुविधा का पूरा लाभ उठाने में पिछड़ सकते हैं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI की FCNR(B) स्वैप सुविधा क्या है और यह कब तक उपलब्ध है?
यह एक विशेष सुविधा है जिसके तहत RBI बैंकों द्वारा 30 सितंबर 2026 तक जुटाई गई 3 से 5 वर्ष की FCNR(B) जमा पर हेजिंग की पूरी लागत वहन करेगा। इसका उद्देश्य बैंकों को अधिक विदेशी मुद्रा जमा जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
क्या एनआरआई अपनी FCNR(B) जमा पर लोन ले सकते हैं?
हाँ, RBI के FAQ के अनुसार भारतीय बैंक और उनकी विदेशी शाखाएँ FCNR(B) खाताधारक एनआरआई ग्राहकों को भारत या विदेश में ऋण दे सकती हैं। बैंक सुरक्षा के तौर पर संबंधित जमा राशि पर लियन भी लगा सकते हैं।
स्वैप सुविधा में ब्याज राशि शामिल क्यों नहीं है?
RBI ने स्पष्ट किया है कि विशेष स्वैप सुविधा केवल FCNR(B) जमा की मूल राशि को कवर करती है। ब्याज पर हेजिंग लागत बैंकों को स्वयं वहन करनी होगी, जिससे बैंक जमा की सटीक मूल्य-निर्धारण कर सकें।
ECB पर स्वैप सुविधा के लिए क्या शर्तें हैं?
विशेष स्वैप सुविधा का लाभ केवल उन ECB पर मिलेगा जिनकी औसत परिपक्वता अवधि कम से कम 3 वर्ष हो। स्वैप की अधिकतम अवधि 5 वर्ष तक सीमित रहेगी और यह ECB की पुनर्भुगतान अनुसूची के अनुरूप होगी।
नई FCNR(B) जमा पर CRR और SLR छूट का क्या फायदा होगा?
नई FCNR(B) और NRE जमा राशियों को CRR और SLR आवश्यकताओं से छूट देने से बैंकों की लागत कम होगी और वे एनआरआई ग्राहकों को अधिक प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें दे सकेंगे, जिससे विदेशी मुद्रा जमा जुटाना अधिक आकर्षक बनेगा।
राष्ट्र प्रेस
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