22 अगस्त 2026
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RBI स्वैप सुविधा: बैंकों ने 21 अगस्त तक जुटाए $72.85 अरब, FCNR(B) जमा $65.4 अरब के पार

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RBI स्वैप सुविधा: बैंकों ने 21 अगस्त तक जुटाए $72.85 अरब, FCNR(B) जमा $65.4 अरब के पार

सारांश

RBI की विशेष डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा ने 21 अगस्त तक $72.85 अरब की विदेशी मुद्रा जुटाई — जिसमें FCNR(B) जमाओं का हिस्सा $65.4 अरब रहा। SBI रिसर्च के अनुसार कुल संग्रह $85 अरब तक पहुँच सकता है, और देश का विदेशी मुद्रा भंडार $716.90 अरब के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है।

मुख्य बातें

RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत बैंकों ने 21 अगस्त 2026 तक $72.848 अरब की विदेशी मुद्रा जुटाई।
FCNR(B) जमाओं के ज़रिए सर्वाधिक $65.397 अरब प्राप्त हुए; ECB और OFCB से $7.451 अरब अतिरिक्त।
FCNR(B) योजना की समयसीमा 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त 2026 की गई; ECB/OFCB सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी।
SBI रिसर्च के अनुसार कुल संग्रह $85 अरब तक पहुँच सकता है; योजना की लागत कुल कोष का लगभग 15% अनुमानित।
14 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार $9.905 अरब बढ़कर $716.90 अरब हो गया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 22 अगस्त 2026 को जारी आँकड़ों में बताया कि अधिकृत डीलर बैंकों ने केंद्रीय बैंक की विशेष डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा के अंतर्गत 21 अगस्त 2026 तक कुल $72.848 अरब की विदेशी मुद्रा जुटाई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बैंक) — FCNR(B) जमाओं का रहा, जिनके ज़रिए अकेले $65.397 अरब प्राप्त हुए।

स्वैप सुविधा का ढाँचा और स्रोत

RBI ने 8 जून 2026 को यह विशेष अमेरिकी डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा शुरू की थी, जो FCNR(B) जमाओं के साथ-साथ बाह्य वाणिज्यिक उधार (ECB) और विदेशी मुद्रा उधार (OFCB) से आने वाले निवेश पर भी लागू होती है। ECB और OFCB के माध्यम से $7.451 अरब की अतिरिक्त विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है।

योजना का मूल उद्देश्य रुपए पर बढ़ते दबाव को कम करना और देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह को गति देना था। केंद्रीय बैंक के अनुसार इस लक्ष्य को उम्मीद से कहीं तेज़ गति से हासिल किया जा रहा है।

समयसीमा में बदलाव और योजना की स्थिति

RBI ने FCNR(B) जमा योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 से घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है — यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि विदेशी मुद्रा जुटाने का लक्ष्य तेज़ी से पूरा हो रहा था। ECB और OFCB के लिए स्वैप सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

गौरतलब है कि भारतीय बैंकों ने FCNR(B) जमाओं को आकर्षित करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की, जिसने इस योजना की सफलता में अहम भूमिका निभाई।

SBI रिसर्च का अनुमान: कुल संग्रह $85 अरब तक संभव

इस सप्ताह जारी SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट में कहा गया कि FCNR(B) योजना के तहत डॉलर जुटाने का लक्ष्य संभवतः पहले ही हासिल किया जा चुका है। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के शेष दिनों में $25 से $30 अरब तक का अतिरिक्त प्रवाह आने की संभावना है, जिससे कुल संग्रह लगभग $85 अरब तक पहुँच सकता है।

SBI रिसर्च ने यह भी रेखांकित किया कि स्वैप सुविधा की लागत कोई बड़ी बाधा नहीं है। उसके अनुमान के अनुसार, योजना की कुल लागत लगभग $10.5 अरब या कुल कोष का करीब 15 प्रतिशत हो सकती है — हालाँकि इसे भारत के विशाल विदेशी मुद्रा भंडार के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल

इस विदेशी मुद्रा आमद का सीधा असर देश के भंडार पर भी दिखा है। RBI के शुक्रवार को जारी आँकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार $9.905 अरब बढ़कर $716.90 अरब हो गया। इससे एक सप्ताह पहले भी भंडार में $14.1 अरब की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई थी, जो चालू वित्त वर्ष का उच्चतम स्तर था।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

FCNR(B) योजना के तहत आई बड़ी विदेशी मुद्रा आमद ने रुपए को समर्थन देने के साथ-साथ भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को भी मज़बूत किया है। इससे वैश्विक अनिश्चितताओं और बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने की देश की क्षमता और बेहतर हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता बनी हुई है और कई उभरती अर्थव्यवस्थाएँ मुद्रा दबाव से जूझ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह दीर्घकालिक स्थिरता देगी या महज़ एक अल्पकालिक तरलता इंजेक्शन साबित होगी। FCNR(B) जमाएँ परिपक्वता पर वापस जाती हैं — 2013 की इसी तरह की योजना के बाद 2016 में रुपए पर दबाव देखा गया था। SBI रिसर्च की $85 अरब की आशावादी परियोजना में स्वैप लागत ($10.5 अरब) को भी शामिल किया जाना चाहिए, जो शुद्ध लाभ को उल्लेखनीय रूप से कम कर देती है। $716.90 अरब का भंडार आँकड़ा निस्संदेह रिकॉर्ड है, पर यह देखना ज़रूरी होगा कि जब FCNR(B) जमाएँ परिपक्व होंगी तब RBI के पास पर्याप्त बफर बचता है या नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI की विशेष डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा क्या है?
यह RBI द्वारा 8 जून 2026 को शुरू की गई एक विशेष सुविधा है, जिसके तहत अधिकृत डीलर बैंक FCNR(B) जमाओं, ECB और OFCB के ज़रिए विदेशी मुद्रा जुटाकर केंद्रीय बैंक के साथ डॉलर-रुपया स्वैप कर सकते हैं। इसका उद्देश्य रुपए को समर्थन देना और देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाना है।
21 अगस्त तक कितनी विदेशी मुद्रा जुटाई गई?
RBI के अनुसार 21 अगस्त 2026 तक कुल $72.848 अरब जुटाए गए, जिसमें FCNR(B) जमाओं से $65.397 अरब और ECB व OFCB से $7.451 अरब शामिल हैं।
FCNR(B) योजना की समयसीमा क्यों घटाई गई?
RBI ने FCNR(B) जमा योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त 2026 इसलिए की क्योंकि विदेशी मुद्रा जुटाने का लक्ष्य उम्मीद से तेज़ गति से पूरा हो रहा था। ECB और OFCB के लिए स्वैप सुविधा 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।
SBI रिसर्च ने कुल संग्रह को लेकर क्या अनुमान लगाया है?
SBI रिसर्च के अनुसार FCNR(B) योजना का लक्ष्य पहले ही हासिल हो चुका है और अगस्त के शेष दिनों में $25 से $30 अरब का अतिरिक्त प्रवाह आने से कुल संग्रह लगभग $85 अरब तक पहुँच सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि योजना की कुल लागत लगभग $10.5 अरब या कुल कोष का 15% हो सकती है।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी किस स्तर पर है?
14 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $9.905 अरब बढ़कर $716.90 अरब हो गया, जो चालू वित्त वर्ष का उच्चतम स्तर है। इससे एक सप्ताह पहले भी भंडार में $14.1 अरब की वृद्धि दर्ज हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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