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तमिलनाडु बजट 2026-27: मछुआरा राहत राशि ₹6,000 से बढ़कर ₹7,000, 1.93 लाख परिवारों को फायदा

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तमिलनाडु बजट 2026-27: मछुआरा राहत राशि ₹6,000 से बढ़कर ₹7,000, 1.93 लाख परिवारों को फायदा

सारांश

तमिलनाडु की TVK सरकार ने 2026-27 बजट में मछुआरा राहत ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 की — 1.93 लाख परिवारों को फायदा, ₹135 करोड़ आवंटित। साथ ही गहरे समुद्री नौकाओं पर ब्याज सब्सिडी के लिए ₹12 करोड़ की पहल — आजीविका सुरक्षा और क्षेत्र आधुनिकीकरण, दोनों एक साथ।

मुख्य बातें

तमिलनाडु की TVK सरकार ने मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि में मछुआरा राहत राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति परिवार की।
लगभग 1.93 लाख पारंपरिक मछुआरा परिवारों को इस वृद्धि का लाभ मिलेगा; ₹135 करोड़ आवंटित।
मैरी विल्सन ने 5 अगस्त 2026 को 2026-27 के बजट में यह घोषणा की।
गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली आधुनिक नौकाएँ खरीदने पर ब्याज सब्सिडी दी जाएगी; इसके लिए ₹12 करोड़ आवंटित।
पात्र मछुआरों को रियायती डीजल और केरोसिन की आपूर्ति भी जारी रहेगी।
मछली बंदरगाहों, उतारने के केंद्रों और मछली फार्मों सहित मत्स्य पालन बुनियादी ढाँचे में भी निवेश होगा।

तमिलनाडु की टीवीके सरकार ने 5 अगस्त 2026 को विधानसभा में पेश 2026-27 के बजट में पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए मछली पकड़ने पर प्रतिबंध और मंदी की अवधि के दौरान दी जाने वाली वित्तीय राहत को ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति परिवार कर दिया है। राज्य भर में लगभग 1.93 लाख मछुआरा परिवारों को इस वृद्धि का सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

बजट में क्या घोषणा हुई

वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने बुधवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार का पहला बजट पेश करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में बढ़ी हुई राहत राशि के लिए ₹135 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह राशि उन अवधियों में मछुआरों को आय सहायता देने के लिए है, जब मछली पकड़ने की गतिविधि या तो प्रतिबंधित होती है या आर्थिक रूप से अव्यवहार्य हो जाती है।

रियायती ईंधन और बुनियादी ढाँचे में निवेश

वित्तीय राहत के अतिरिक्त, सरकार पात्र मछुआरों को रियायती दरों पर डीजल और केरोसिन उपलब्ध कराना जारी रखेगी। राज्य भर में मछली पकड़ने के बंदरगाहों, मछली उतारने के केंद्रों और मछली फार्मों सहित मत्स्य पालन के बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने के लिए भी निवेश किया जाएगा। विल्सन ने कहा कि सरकार मछुआरा समुदायों की आजीविका की रक्षा करने और तमिलनाडु की मत्स्य पालन अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कल्याण एवं विकास कार्यक्रम जारी रखेगी।

गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को बढ़ावा

बजट की एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा में सरकार ने पारंपरिक मछुआरों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु एक नई योजना का ऐलान किया। इस योजना के तहत आधुनिक मछली प्रसंस्करण सुविधाओं से सुसज्जित गहरे समुद्री नौकाएँ खरीदने वाले मछुआरों को ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस पहल के लिए ₹12 करोड़ आवंटित किए हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब तटीय और निकटवर्ती जलक्षेत्रों में मछली संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। गहरे समुद्री नौकाओं पर मौजूद प्रसंस्करण सुविधाओं से समुद्र में ही बेहतर संरक्षण संभव होगा, जिससे पकड़ी गई मछलियों की गुणवत्ता और बाज़ार मूल्य दोनों में सुधार की उम्मीद है।

आम मछुआरे पर असर

गौरतलब है कि मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि — विशेषकर मानसून के महीनों में — पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए सबसे कठिन समय होती है। ₹1,000 की वृद्धि मामूली लग सकती है, लेकिन 1.93 लाख परिवारों के पैमाने पर यह राज्य पर ₹135 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक भार डालती है। बजट घोषणाओं से स्पष्ट है कि टीवीके सरकार का ध्यान प्रत्यक्ष आजीविका सहायता को मत्स्य क्षेत्र के दीर्घकालिक आधुनिकीकरण से जोड़ने पर है।

आगे की राह

बजट में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की दिशा में राज्य सरकार जल्द ही विस्तृत दिशानिर्देश जारी करेगी। गहरे समुद्री मछली पकड़ने की योजना से न केवल मछुआरों की आय बढ़ने की उम्मीद है, बल्कि तटीय जलक्षेत्रों पर मछली पकड़ने का दबाव भी कम होगा — जो तमिलनाडु के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के लिए दीर्घकालिक लाभकारी साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से ₹7,000 की यह वृद्धि प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन मुद्रास्फीति और ईंधन की बढ़ती लागत के मद्देनज़र यह वृद्धि वास्तविक क्रय शक्ति में कितना अंतर लाएगी, यह सवाल बना रहता है। गहरे समुद्री मछली पकड़ने की योजना दिशा में सही कदम है, लेकिन ₹12 करोड़ का आवंटन 1.93 लाख परिवारों के पैमाने पर बेहद सीमित है। असली परीक्षा यह होगी कि ब्याज सब्सिडी योजना छोटे मछुआरों तक पहुँचती है या केवल बड़े नौका मालिकों को लाभ देती है — जो अक्सर ऐसी योजनाओं में होता आया है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु में मछुआरों की राहत राशि कितनी बढ़ाई गई है?
तमिलनाडु सरकार ने मछली पकड़ने पर प्रतिबंध और मंदी की अवधि के दौरान पारंपरिक मछुआरा परिवारों को दी जाने वाली राहत राशि ₹6,000 से बढ़ाकर ₹7,000 प्रति परिवार कर दी है। यह घोषणा 5 अगस्त 2026 को 2026-27 के बजट में की गई।
इस राहत राशि से कितने परिवारों को फायदा होगा?
राज्य भर में लगभग 1.93 लाख पारंपरिक मछुआरा परिवारों को इस बढ़ी हुई राहत राशि का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष में ₹135 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
तमिलनाडु की गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की नई योजना क्या है?
TVK सरकार ने आधुनिक मछली प्रसंस्करण सुविधाओं से लैस गहरे समुद्री नौकाएँ खरीदने वाले मछुआरों को ब्याज सब्सिडी देने की योजना की घोषणा की है। इस पहल के लिए चालू वित्त वर्ष में ₹12 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
TVK सरकार का यह पहला बजट किसने पेश किया?
वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने 5 अगस्त 2026 को विधानसभा में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार का पहला बजट 2026-27 पेश किया। इसी बजट में मछुआरा राहत और गहरे समुद्री मछली पकड़ने की योजनाओं की घोषणा की गई।
मछुआरों को रियायती ईंधन की सुविधा जारी रहेगी?
हाँ, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्र मछुआरों को रियायती दरों पर डीजल और केरोसिन उपलब्ध कराना जारी रहेगा। इसके अलावा मछली बंदरगाहों, उतारने के केंद्रों और मछली फार्मों सहित मत्स्य पालन बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने के लिए भी निवेश किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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