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टाटा स्टील 40 एमटीपीए क्षमता लक्ष्य की राह पर, चंद्रशेखरन ने AGM में अगले विस्तार चरण का किया ऐलान

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टाटा स्टील 40 एमटीपीए क्षमता लक्ष्य की राह पर, चंद्रशेखरन ने AGM में अगले विस्तार चरण का किया ऐलान

सारांश

टाटा स्टील की क्षमता 26.1 एमटीपीए पर पहुँची, लेकिन असली दांव आगे का है — 40 एमटीपीए के लक्ष्य के लिए नए संयंत्रों की जगह तलाशी जा रही है, AI के 860 मॉडल लागू हो चुके हैं, और डिजिटल प्लेटफॉर्म का GMV एक साल में 161% उछला। भारत का सबसे बड़ा इस्पात दांव आकार ले रहा है।

मुख्य बातें

टाटा स्टील की कुल इस्पात उत्पादन क्षमता कलिंगनगर फेज II चालू होने के बाद बढ़कर 26.1 एमटीपीए हो गई है।
चंद्रशेखरन ने 119वीं एजीएम में 40 एमटीपीए दीर्घकालिक लक्ष्य के लिए नए संयंत्र स्थलों और भूमि अधिग्रहण के मूल्यांकन की घोषणा की।
डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिगईसीए का संयुक्त GMV वित्त वर्ष 2025-26 में ₹9,360 करोड़ , पिछले वर्ष से 161% अधिक।
कंपनी 860 से अधिक AI मॉडल परिचालन में लागू कर चुकी है।
नीदरलैंड में EU से भी कड़े पर्यावरण नियमों के कारण परिचालन चुनौतियाँ बढ़ी हैं; डच सरकार से बातचीत जारी।
NSE पर टाटा स्टील शेयर ₹186.49 पर, 52 हफ्ते का उच्चतम ₹224.40 और निम्नतम ₹152.51 ।

टाटा स्टील ने अपनी दीर्घकालिक इस्पात उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक ले जाने के लक्ष्य की दिशा में अगला विस्तार चरण शुरू करने की तैयारी कर ली है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कंपनी की 119वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए यह जानकारी साझा की। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत का इस्पात क्षेत्र वैश्विक माँग और घरेलू बुनियादी ढाँचे के विस्तार की दोहरी चुनौतियों के बीच रणनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुज़र रहा है।

मौजूदा क्षमता और विस्तार की रूपरेखा

चंद्रशेखरन ने बताया कि कलिंगनगर संयंत्र के दूसरे चरण (फेज II) के सफलतापूर्वक चालू होने के बाद टाटा स्टील की कुल इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 एमटीपीए हो गई है। यह विस्तार कंपनी के 40 एमटीपीए के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। गौरतलब है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने नए संयंत्रों हेतु संभावित स्थानों की पहचान और भूमि अधिग्रहण के विकल्पों का मूल्यांकन शुरू कर दिया है।

यूरोप में पुनर्गठन और नीदरलैंड की चुनौती

यूरोप में कारोबार की स्थिति पर चंद्रशेखरन ने कहा कि वहाँ पुनर्गठन की प्रक्रिया सकारात्मक परिणाम दे रही है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नीदरलैंड में परिचालन का माहौल पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि वहाँ पर्यावरण संबंधी नियम अब यूरोपीय संघ (EU) के मानकों से भी कड़े हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "कंपनी डच सरकार और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रही है, ताकि ऐसा दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सके जो पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी व्यावहारिक और टिकाऊ हो।"

डिजिटल परिवर्तन: AI मॉडल और डिजिटल प्लेटफॉर्म

चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा स्टील अपने डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम के तहत अब तक 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडल अपने विभिन्न परिचालनों में लागू कर चुकी है। इनका उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और लागत को कम करना है। इसके अलावा, कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिगईसीए ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मिलकर ₹9,360 करोड़ का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत अधिक है — यह आँकड़ा कंपनी की डिजिटल रणनीति की तेज़ रफ्तार को रेखांकित करता है।

शेयर बाज़ार में प्रदर्शन

एजीएम के दिन गुरुवार दोपहर करीब 2:15 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर टाटा स्टील के शेयर 0.71 प्रतिशत की तेज़ी के साथ ₹186.49 के आसपास कारोबार करते नज़र आए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11 प्रतिशत से अधिक गिरा है, हालाँकि पिछले 6 महीनों में 2 प्रतिशत और पिछले 1 साल में 12 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹224.40 और निम्नतम स्तर ₹152.51 रहा है।

आगे की दिशा

चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में टाटा स्टील का लक्ष्य केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि तकनीक, परिचालन उत्कृष्टता और सतत निवेश के माध्यम से खुद को एक बड़ी, हरित (ग्रीन), स्मार्ट और अधिक मज़बूत कंपनी के रूप में स्थापित करना भी है। भूमि अधिग्रहण मूल्यांकन और नए संयंत्र स्थलों की पहचान यह संकेत देती है कि अगला बड़ा विस्तार चरण निकट भविष्य में ठोस आकार लेने की स्थिति में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन टाटा स्टील के सामने असली परीक्षा नीदरलैंड में है — जहाँ EU से भी सख्त पर्यावरण नियम कंपनी के यूरोपीय भविष्य पर सवालिया निशान लगाते हैं। घरेलू मोर्चे पर भूमि अधिग्रहण और नए संयंत्र स्थलों का मूल्यांकन कागज़ों पर सहज लगता है, लेकिन भारत में बड़े औद्योगिक विस्तारों में भूमि-विवाद और पर्यावरणीय मंज़ूरियाँ अक्सर समयसीमा को पटरी से उतारती हैं। 860 AI मॉडल और 161% GMV वृद्धि प्रभावशाली संख्याएँ हैं, पर असली कसौटी यह होगी कि ये डिजिटल निवेश उत्पादन लागत और मार्जिन पर कितना मापनीय असर डालते हैं — खासकर तब, जब वैश्विक इस्पात कीमतें दबाव में हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाटा स्टील का 40 एमटीपीए क्षमता लक्ष्य क्या है?
टाटा स्टील का दीर्घकालिक लक्ष्य अपनी इस्पात उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक पहुँचाना है। फिलहाल कलिंगनगर फेज II चालू होने के बाद कंपनी की कुल क्षमता 26.1 एमटीपीए है, और अगले चरण के लिए नए संयंत्र स्थलों का मूल्यांकन शुरू हो चुका है।
कलिंगनगर फेज II से टाटा स्टील को क्या फायदा हुआ?
कलिंगनगर संयंत्र के दूसरे चरण के चालू होने से टाटा स्टील की कुल इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 एमटीपीए हो गई है। यह विस्तार कंपनी के 40 एमटीपीए के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
नीदरलैंड में टाटा स्टील के परिचालन को क्या चुनौतियाँ हैं?
नीदरलैंड में पर्यावरण संबंधी नियम अब यूरोपीय संघ (EU) के मानकों से भी कड़े हो चुके हैं, जिससे टाटा स्टील का वहाँ परिचालन पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। कंपनी डच सरकार के साथ दीर्घकालिक और आर्थिक रूप से व्यावहारिक समाधान खोजने की बातचीत कर रही है।
टाटा स्टील के डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिगईसीए का प्रदर्शन कैसा रहा?
वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों प्लेटफॉर्म — आशियाना और डिगईसीए — ने मिलकर ₹9,360 करोड़ का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत अधिक है। कंपनी 860 से अधिक AI मॉडल भी अपने परिचालनों में लागू कर चुकी है।
एजीएम के दिन टाटा स्टील के शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा?
2 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:15 बजे NSE पर टाटा स्टील के शेयर 0.71 प्रतिशत की तेज़ी के साथ ₹186.49 के आसपास कारोबार कर रहे थे। शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹224.40 और निम्नतम स्तर ₹152.51 रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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