टाटा स्टील 40 एमटीपीए क्षमता लक्ष्य की राह पर, चंद्रशेखरन ने AGM में अगले विस्तार चरण का किया ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
टाटा स्टील ने अपनी दीर्घकालिक इस्पात उत्पादन क्षमता को 40 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) तक ले जाने के लक्ष्य की दिशा में अगला विस्तार चरण शुरू करने की तैयारी कर ली है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कंपनी की 119वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए यह जानकारी साझा की। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत का इस्पात क्षेत्र वैश्विक माँग और घरेलू बुनियादी ढाँचे के विस्तार की दोहरी चुनौतियों के बीच रणनीतिक पुनर्गठन के दौर से गुज़र रहा है।
मौजूदा क्षमता और विस्तार की रूपरेखा
चंद्रशेखरन ने बताया कि कलिंगनगर संयंत्र के दूसरे चरण (फेज II) के सफलतापूर्वक चालू होने के बाद टाटा स्टील की कुल इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 26.1 एमटीपीए हो गई है। यह विस्तार कंपनी के 40 एमटीपीए के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। गौरतलब है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने नए संयंत्रों हेतु संभावित स्थानों की पहचान और भूमि अधिग्रहण के विकल्पों का मूल्यांकन शुरू कर दिया है।
यूरोप में पुनर्गठन और नीदरलैंड की चुनौती
यूरोप में कारोबार की स्थिति पर चंद्रशेखरन ने कहा कि वहाँ पुनर्गठन की प्रक्रिया सकारात्मक परिणाम दे रही है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नीदरलैंड में परिचालन का माहौल पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है, क्योंकि वहाँ पर्यावरण संबंधी नियम अब यूरोपीय संघ (EU) के मानकों से भी कड़े हो चुके हैं। उन्होंने कहा, "कंपनी डच सरकार और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रही है, ताकि ऐसा दीर्घकालिक समाधान निकाला जा सके जो पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी व्यावहारिक और टिकाऊ हो।"
डिजिटल परिवर्तन: AI मॉडल और डिजिटल प्लेटफॉर्म
चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा स्टील अपने डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम के तहत अब तक 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडल अपने विभिन्न परिचालनों में लागू कर चुकी है। इनका उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, परिचालन दक्षता में सुधार करना और लागत को कम करना है। इसके अलावा, कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म आशियाना और डिगईसीए ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मिलकर ₹9,360 करोड़ का सकल व्यापारिक मूल्य (GMV) दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 161 प्रतिशत अधिक है — यह आँकड़ा कंपनी की डिजिटल रणनीति की तेज़ रफ्तार को रेखांकित करता है।
शेयर बाज़ार में प्रदर्शन
एजीएम के दिन गुरुवार दोपहर करीब 2:15 बजे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर टाटा स्टील के शेयर 0.71 प्रतिशत की तेज़ी के साथ ₹186.49 के आसपास कारोबार करते नज़र आए। पिछले 1 महीने में स्टॉक 11 प्रतिशत से अधिक गिरा है, हालाँकि पिछले 6 महीनों में 2 प्रतिशत और पिछले 1 साल में 12 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है। शेयर का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर ₹224.40 और निम्नतम स्तर ₹152.51 रहा है।
आगे की दिशा
चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में टाटा स्टील का लक्ष्य केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाना नहीं, बल्कि तकनीक, परिचालन उत्कृष्टता और सतत निवेश के माध्यम से खुद को एक बड़ी, हरित (ग्रीन), स्मार्ट और अधिक मज़बूत कंपनी के रूप में स्थापित करना भी है। भूमि अधिग्रहण मूल्यांकन और नए संयंत्र स्थलों की पहचान यह संकेत देती है कि अगला बड़ा विस्तार चरण निकट भविष्य में ठोस आकार लेने की स्थिति में है।