उड़ान योजना के अगले चरण के लिए चैलेंज मोड पोर्टल लॉन्च, 21 MOU पर हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 22 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में उड़ान योजना के अगले चरण के तहत हवाई अड्डा विकास के लिए चैलेंज मोड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के ज़रिए राज्य और केंद्रशासित प्रदेश देशभर में हवाई पट्टियों (एयरस्ट्रिप) और हेलीपैडों को विकास के लिए नामांकित कर सकेंगे, जिससे दूरदराज़ और कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों तक हवाई संपर्क का विस्तार होगा। यह पहल उड़ान योजना को नीतिगत परामर्श से ज़मीनी कार्यान्वयन की ओर ले जाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
21 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस अवसर पर भागीदार राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ 21 समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इन MOU का उद्देश्य विमानन अवसंरचना विकास के लिए समन्वय को मज़बूत करना और उन क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी का विस्तार करना है जो अब तक हवाई सेवाओं से वंचित या अल्पसेवित रहे हैं। यह क़दम केंद्र और राज्यों के बीच विमानन क्षेत्र में सहयोग की एक संरचित रूपरेखा तैयार करता है।
चैलेंज मोड पोर्टल कैसे काम करेगा
चैलेंज मोड के अंतर्गत राज्य और केंद्रशासित प्रदेश एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से हवाई पट्टियों और हेलीपैड को नामांकित कर सकते हैं। इस तंत्र का उद्देश्य विमानन संपत्तियों की पहचान और उनके विकास को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की ज़रूरतों के अनुरूप बनाना है। मंत्री नायडू ने कहा कि यह पोर्टल राज्य प्रशासनों को संभावित स्थानों की सक्रिय रूप से पहचान करने और विमानन अवसंरचना के उन्नयन को सुगम बनाने में सक्षम करेगा।
उड़ान के अगले चरण के चार स्तंभ
नायडू ने बताया कि उड़ान योजना के अगले चरण में चार मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा — यात्रियों के लिए किफायती परिवहन, परिचालन स्थिरता, परियोजनाओं के लिए पारदर्शी चैलेंज मोड ढाँचा, और स्वदेशी विनिर्माण को प्रोत्साहन। मंत्री ने उड़ान रूट बिडिंग के अगले चरण के लिए योजना दस्तावेज़ भी जारी किया, जिसके तहत एयरलाइंस से चिह्नित रूटों पर बोलियाँ आमंत्रित की जाएँगी। इससे रूटों और ऑपरेटरों का पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी चयन सुनिश्चित होगा।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
रूट बिडिंग प्रक्रिया से उन क्षेत्रों में हवाई सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है जहाँ अब तक पहुँच नहीं बन पाई थी। इससे न केवल यात्रियों की पहुँच बेहतर होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों, पर्यटन, व्यापार और रोज़गार को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि उड़ान योजना 2017 में शुरू हुई थी और इसका मकसद छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना रहा है — यह नया चरण उसी दिशा में एक बड़ा विस्तार है।
मंत्री का विज़न
नायडू ने कार्यक्रम में कहा, 'इन समझौता ज्ञापनों के साथ, टीम भारत क्षेत्रीय विमानन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए एकजुट हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, विकसित राज्य विकसित भारत की नींव है, और इस यात्रा में प्रत्येक राज्य एक समान भागीदार है।' आने वाले महीनों में रूट बिडिंग प्रक्रिया पूरी होने के साथ यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि कितने नए मार्गों पर व्यावसायिक परिचालन शुरू हो पाता है।