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एंथ्रोपिक के एआई मॉडल्स पर अमेरिकी प्रतिबंध: श्रीधर वेम्बु बोले — 'तकनीक अब सबसे बड़ा हथियार'

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एंथ्रोपिक के एआई मॉडल्स पर अमेरिकी प्रतिबंध: श्रीधर वेम्बु बोले — 'तकनीक अब सबसे बड़ा हथियार'

सारांश

अमेरिका ने एंथ्रोपिक के उन्नत एआई मॉडल्स 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' को विदेशी यूज़र्स के लिए बंद किया — और जोहो के श्रीधर वेम्बु ने इसे भारत के लिए एक कड़ी चेतावनी बताया। उनका संदेश साफ है: तकनीक अब हथियार है, और आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता।

मुख्य बातें

एंथ्रोपिक ने अमेरिकी सरकार के निर्देश पर अपने उन्नत मॉडल्स 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' की पहुँच विदेशी नागरिकों के लिए अस्थायी रूप से बंद की।
श्रीधर वेम्बु ने एक्स पर पोस्ट कर तकनीक को 'सबसे बड़ा हथियार' बताया और भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
वेम्बु ने कहा, 'वैश्वीकरण खत्म हो चुका है' — भारत को अपना स्वतंत्र तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाना होगा।
उन्होंने भारतीय संगठनों से ओपन सोर्स और कम लागत वाले एआई मॉडल्स अपनाने की अपील की।
नई पीढ़ी के एआई मॉडल्स के प्रशिक्षण में दसियों से सैकड़ों अरब डॉलर तक का खर्च संभव, GPU तक पहुँच भी प्रतिबंधित होती जा रही है।

जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने 13 जून 2026 को कहा कि एआई मॉडल्स पर अमेरिका के हालिया निर्यात प्रतिबंध इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि तकनीकी आत्मनिर्भरता अब किसी भी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की बुनियाद बन चुकी है। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण का युग समाप्त हो चुका है और भारत को अपना स्वतंत्र तकनीकी मार्ग तय करना होगा।

क्या है पूरा मामला

एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने घोषणा की कि अमेरिकी सरकार ने उसे एक निर्यात नियंत्रण निर्देश जारी किया है, जिसके तहत उसके उन्नत मॉडल्स 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' की पहुँच विदेशी नागरिकों के लिए अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी है। यह प्रतिबंध कंपनी के उन विदेशी कर्मचारियों पर भी लागू होगा जो अमेरिका के भीतर या बाहर कहीं भी कार्यरत हों। एंथ्रोपिक ने कहा कि उसे लगता है यह फैसला किसी गलतफहमी के कारण लिया गया है और वह प्रभावित मॉडल्स की पहुँच जल्द बहाल कराने के प्रयास में है।

वेम्बु का एक्स पर बयान

वेम्बु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'यह बहुत बड़ी बात है। अमेरिका के बाहर सभी लोगों के लिए मिथोस और फेबल एआई मॉडल्स की पहुँच बंद कर दी गई है।' उन्होंने तकनीक को 'सबसे बड़ा हथियार' करार देते हुए कहा कि आज की भू-राजनीति में रणनीतिक तकनीकी क्षमताएँ ही किसी देश की असली ताकत होती हैं।

भारत के लिए संदेश

वेम्बु ने भारतीय संगठनों से आग्रह किया कि वे छोटे, कम लागत वाले एआई मॉडल्स अपनाएँ — जिनमें भारत और चीन में विकसित ओपन सोर्स एआई मॉडल भी शामिल हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पर्याप्त प्रयास और नवाचार से इन मॉडल्स को भी प्रभावी बनाया जा सकता है। उनका सवाल था, 'जब कोई आपको तकनीक बेचने तक को तैयार नहीं है, तो फिर उन्हें पैसे क्यों दिए जाएँ?'

आर्थिक और तकनीकी चुनौती

वेम्बु ने स्वीकार किया कि अत्याधुनिक एआई मॉडल विकसित करने में दसियों या सैकड़ों अरब डॉलर तक का निवेश लग सकता है और उन्नत ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) तक पहुँच भी अब प्रतिबंधों के दायरे में आ रही है। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक एआई दिग्गजों की तर्ज पर भारी खर्च करने की बजाय वैकल्पिक और किफायती अनुसंधान पद्धतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

जोहो का अनुभव और आगे की राह

वेम्बु ने बताया कि जोहो लंबे समय से कम लागत वाले वैकल्पिक अनुसंधान एवं विकास तरीकों पर काम कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि निरंतर नवाचार और धैर्य के बल पर भारत भी एआई के क्षेत्र में सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार भी राष्ट्रीय एआई मिशन के तहत स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नीति उस गति से नहीं बदली। एंथ्रोपिक का यह प्रतिबंध एक महत्वपूर्ण उदाहरण है कि कैसे व्यावसायिक एआई सेवाएँ रातोंरात भू-राजनीतिक उपकरण बन सकती हैं। विडंबना यह है कि भारत के कई स्टार्टअप और उद्यम जो अमेरिकी फाउंडेशन मॉडल्स पर निर्मित हैं, उन्होंने अपनी रणनीति में इस जोखिम को शायद ही कभी प्रमुखता दी। राष्ट्रीय एआई मिशन की घोषणाएँ तब तक पर्याप्त नहीं होंगी जब तक GPU क्षमता, ओपन-वेट मॉडल अनुसंधान और डेटा संप्रभुता पर ठोस, समयबद्ध निवेश न हो।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंथ्रोपिक के 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' मॉडल्स पर प्रतिबंध क्यों लगा?
अमेरिकी सरकार ने एंथ्रोपिक को एक निर्यात नियंत्रण निर्देश जारी किया, जिसके तहत इन उन्नत एआई मॉडल्स की पहुँच विदेशी नागरिकों के लिए अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी। यह प्रतिबंध कंपनी के विदेशी कर्मचारियों पर भी लागू है, चाहे वे अमेरिका में हों या बाहर।
श्रीधर वेम्बु ने इस प्रतिबंध पर क्या कहा?
वेम्बु ने एक्स पर पोस्ट कर इसे 'बहुत बड़ी बात' बताया और कहा कि तकनीक अब 'सबसे बड़ा हथियार' बन चुकी है। उन्होंने भारत को वैश्विक एआई कंपनियों पर निर्भरता छोड़कर स्वदेशी और ओपन सोर्स मॉडल्स अपनाने की सलाह दी।
क्या भारतीय यूज़र्स अभी भी एंथ्रोपिक के अन्य मॉडल्स इस्तेमाल कर सकते हैं?
हाँ, एंथ्रोपिक ने स्पष्ट किया कि केवल 'फेबल 5' और 'मिथोस 5' मॉडल्स की पहुँच प्रतिबंधित की गई है, जबकि उसके अन्य एआई मॉडल्स पहले की तरह उपलब्ध रहेंगे।
भारत के लिए इस प्रतिबंध का क्या संदेश है?
वेम्बु के अनुसार, यह घटना भारत के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि उसे अपने घरेलू तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण समाप्त हो चुका है और भारत को कम लागत वाले वैकल्पिक अनुसंधान तरीकों पर ध्यान देना चाहिए।
अत्याधुनिक एआई मॉडल विकसित करने में कितना खर्च आता है?
वेम्बु के अनुसार नई पीढ़ी के एआई मॉडल्स को प्रशिक्षित करने में दसियों या यहाँ तक कि सैकड़ों अरब डॉलर तक का निवेश लग सकता है। इसके अलावा आवश्यक GPU जैसे कंप्यूटिंग संसाधन भी अब विभिन्न प्रतिबंधों के दायरे में आ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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