क्या वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन से ओएनजीसी को बड़ा लाभ होगा?

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क्या वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन से ओएनजीसी को बड़ा लाभ होगा?

सारांश

वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन से भारतीय कंपनी ओएनजीसी के लिए नई संभावनाएँ खुलने की उम्मीद है। बकाया 500 मिलियन डॉलर प्राप्त करने की संभावना और तेल उत्पादन में संभावित सुधार से कंपनी को लाभ हो सकता है। जानिए, इस स्थिति का वैश्विक तेल बाजार पर क्या असर पड़ सकता है।

Key Takeaways

  • वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन से ओएनजीसी को लाभ हो सकता है।
  • ओएनजीसी को बकाया 500 मिलियन डॉलर मिलने की उम्मीद है।
  • अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील वैश्विक तेल कीमतों को प्रभावित कर सकती है।

नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के कारण भारत की सरकारी तेल कंपनी ओएनजीसी को बकाया 500 मिलियन डॉलर मिलने की संभावना है। यह जानकारी एक ब्रोकरेज रिपोर्ट में दी गई।

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कहा कि अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला की बदलती स्थिति के कारण वेनेजुएला ऑयल प्रोजेक्ट में अटका ओएनजीसी का 500 मिलियन डॉलर का बकाया डिविडेंड मिल सकता है।

जानकारों का कहना है कि वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री पर अमेरिकी नियंत्रण के बाद वेनेजुएलियन क्रूड निर्यात पर प्रतिबंध हट सकता है।

हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे और अगर भविष्य में कोई छूट दी जाती है तो वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ जाएगी और इससे कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ेगा।

रिपोर्ट में बताया गया कि यदि स्थिति में सुधार होता है तो ओएनजीसी को लाभ हो सकता है, क्योंकि कंपनी को सैन क्रिस्टोबल परियोजना से 2014 तक की अवधि के लिए लगभग 500 मिलियन डॉलर का बकाया डिविडेंड प्राप्त होना है।

हालांकि, 2014 के बाद इस क्षेत्र में उत्पादन बंद हो गया, जिसके परिणामस्वरूप बाद के वर्षों में कोई डिविडेंड प्राप्त नहीं हुआ।

ओएनजीसी की अपनी विदेशी इकाई ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के माध्यम से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में हिस्सेदारी है।

कंपनी वेनेजुएला में सैन क्रिस्टोबल परियोजना में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।

इसके अतिरिक्त, ओवीएल, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और ऑयल इंडिया के साथ मिलकर काराबोबो-1 तेल क्षेत्र में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है।

ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने चेतावनी दी है कि हालांकि छोटी अवधि में कुछ सकारात्मक पहलू दिख सकते हैं, लेकिन वेनेजुएला में तेल उत्पादन में संभावित पुनरुत्थान ओएनजीसी के लिए मध्यम अवधि का जोखिम है।

देश से अधिक उत्पादन वैश्विक आपूर्ति को बढ़ा सकता है और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव डाल सकता है, जिससे अपस्ट्रीम तेल कंपनियों पर असर पड़ेगा।

हालांकि, कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-वेनेजुएला संघर्ष ने तेल की कीमतों में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम जोड़ दिया है, भले ही वैश्विक आपूर्ति पर इसका तात्कालिक प्रभाव सीमित ही क्यों न हो।

चॉइस ब्रोकिंग के कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक आमिर मकदा के अनुसार, वेनेजुएला वर्तमान में प्रतिदिन 8 लाख से 1.1 करोड़ बैरल तेल का उत्पादन करता है, जो वैश्विक आपूर्ति का लगभग एक प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, “वैश्विक तेल आपूर्ति पर तात्कालिक प्रभाव सीमित होने के बावजूद, वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर नियंत्रण में बदलाव से कच्चे तेल की कीमतों और दीर्घकालिक आपूर्ति पूर्वानुमानों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।”

Point of View

वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन ने विश्व स्तर पर ऊर्जा की आपूर्ति और कीमतों पर प्रभाव डालने की क्षमता रखता है। ओएनजीसी के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है, लेकिन इसे ध्यान में रखते हुए हमें वैश्विक बाजारों के प्रति सजग रहना होगा।

NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

वेनेजुएला में कौन सा सत्ता परिवर्तन हुआ है?
वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम के कारण सत्ता में परिवर्तन हुआ है, जिससे तेल उद्योग में नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
ओएनजीसी को बकाया 500 मिलियन डॉलर कब मिल सकते हैं?
यदि स्थिति में सुधार होता है, तो ओएनजीसी को यह बकाया डिविडेंड मिलने की संभावना है।
इस परिवर्तन का वैश्विक तेल कीमतों पर क्या असर होगा?
वैश्विक तेल बाजार में यह परिवर्तन कीमतों पर दबाव डाल सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में परिवर्तन हो सकता है।
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