हिमेश रेशमिया: 500 गानों की तैयारी के साथ बॉलीवुड में उतरे, यही रणनीति बनी म्यूजिक सुपरस्टार की असली नींव
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के जाने-माने संगीतकार, गायक और अभिनेता हिमेश रेशमिया ने जब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तब उनके पास किस्मत के भरोसे रहने की कोई योजना नहीं थी — बल्कि उनके पास पहले से तैयार करीब 500 गानों और धुनों का भंडार था। यही दूरदर्शी रणनीति आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी पूंजी साबित हुई और उन्हें भारतीय संगीत जगत के शीर्ष नामों में स्थापित किया।
संगीत की विरासत और शुरुआती सफर
23 जुलाई 1973 को जन्मे हिमेश रेशमिया के पिता विपिन रेशमिया स्वयं एक प्रतिष्ठित संगीतकार थे। बचपन से घर में संगीत की गूंज के बीच पले-बढ़े हिमेश की रुचि स्वाभाविक रूप से सुरों की ओर मुड़ती गई। हालाँकि, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन इंडस्ट्री से की। 'अंदाज', 'अमन', 'आशिकी', 'अमर प्रेम' और 'जान' जैसे कई चर्चित टीवी धारावाहिकों का निर्माण उन्होंने किया और इन सीरियल्स के टाइटल ट्रैक भी खुद तैयार किए।
सलमान खान से मिला बॉलीवुड का पहला बड़ा मौका
हिमेश के करियर में निर्णायक मोड़ तब आया जब सलमान खान ने उनकी एक धुन सुनी और तत्काल प्रभावित हुए। सलमान ने उन्हें अपनी फिल्म 'प्यार किया तो डरना क्या' में संगीत देने का अवसर दिया। 1998 में रिलीज हुई इस फिल्म के गाने — 'प्यार किया तो डरना क्या' और 'तुम पर हम हैं अटके' — जबरदस्त हिट रहे। इस सफलता के बाद हिमेश ने 'बंधन', 'हैलो ब्रदर', 'दुल्हन हम ले जाएंगे', 'हमराज', 'तेरे नाम', 'ऐतराज' और 'मैंने प्यार क्यों किया' जैसी फिल्मों में संगीत देकर अपनी अलग पहचान बना ली।
500 गानों की रणनीति — सफलता का असली राज़
हिमेश ने एक इंटरव्यू में स्वयं खुलासा किया था कि वह बॉलीवुड में करीब 500 गानों का स्टॉक लेकर उतरे थे। उनका दर्शन स्पष्ट था — यदि किसी संगीतकार के पास पहले से बेहतरीन धुनें तैयार हों, तो मौका मिलते ही वह सर्वश्रेष्ठ काम प्रस्तुत कर सकता है। यही कारण था कि शुरुआती दौर में उन्हें लगातार फिल्मों के प्रस्ताव मिलते रहे। जब उनके अधिकांश तैयार गाने उपयोग हो गए, तब उन्होंने करीब एक साल का विराम लिया और फिर से लगभग 500 नई धुनें तैयार कर लीं। यह ऐसे समय में आया जब फिल्म इंडस्ट्री में संगीतकारों के बीच प्रतिस्पर्धा अपने चरम पर थी।
गायक के रूप में उभरे और एल्बम ने मचाई धूम
हिमेश ने 2005 में फिल्म 'आशिक बनाया आपने' के टाइटल ट्रैक से बतौर प्लेबैक सिंगर बड़ी छलांग लगाई। यह गाना रातोंरात सुपरहिट हुआ। इसके बाद 'झलक दिखला जा', 'तेरा सुरूर' और 'हुक्का बार' जैसे गानों ने उन्हें देश के सर्वाधिक लोकप्रिय गायकों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। उनका एल्बम 'आप का सुरूर' भी व्यापक रूप से सफल रहा। बाद में उन्होंने 'आप का सुरूर', 'द एक्सपोज', 'तेरा सुरूर' और 'बैडऐस रवि कुमार' जैसी फिल्मों में मुख्य अभिनेता की भूमिका भी निभाई।
नए प्रतिभाओं को मंच और पुरस्कारों की लंबी सूची
हिमेश ने 'सा रे गा मा पा' और 'म्यूजिक का महामुकाबला' सहित कई रियलिटी शोज में जज और मेंटर की भूमिका निभाते हुए रानू मंडल और बिहार के अमरजीत जयकर जैसे नए कलाकारों को अपने म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में अवसर दिया। हाल के वर्षों में उन्होंने अपना म्यूजिक लेबल 'हिमेश रेशमिया मेलोडीज' भी स्थापित किया है, जिसके माध्यम से नए गाने और उभरते कलाकार सामने आ रहे हैं। पुरस्कारों की बात करें तो उन्हें 'आशिक बनाया आपने' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड, आईफा अवॉर्ड और ज़ी सिने अवॉर्ड सहित अनेक सम्मान प्राप्त हुए। संगीत निर्देशन के क्षेत्र में भी उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और नामांकन मिले हैं। हिमेश रेशमिया की यह यात्रा बताती है कि तैयारी, अनुशासन और दूरदर्शिता किस तरह एक कलाकार को उद्योग की भीड़ से अलग खड़ा करती है।