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राजेश रोशन: अमिताभ बच्चन को पहला फिल्मी गाना गवाने वाले संगीतकार, पाँच दशकों से बॉलीवुड पर जादू

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राजेश रोशन: अमिताभ बच्चन को पहला फिल्मी गाना गवाने वाले संगीतकार, पाँच दशकों से बॉलीवुड पर जादू

सारांश

राजेश रोशन सिर्फ संगीतकार नहीं — वे बॉलीवुड के उस अनसुने किरदार हैं जिन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन को गायक बनाया। 'जूली' से 'कृष' तक, 125 फिल्मों और दो फिल्मफेयर अवॉर्ड के साथ, उनकी संगीत यात्रा पाँच दशकों की मेहनत और विरासत की कहानी है।

मुख्य बातें

संगीतकार राजेश रोशन का जन्म 24 मई 1955 को मुंबई में हुआ; वे संगीतकार रोशनलाल नागरथ के पुत्र हैं।
1979 में फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' में उन्होंने अमिताभ बच्चन को उनका पहला फिल्मी गाना 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गवाया।
करियर की शुरुआत 1974 में 'कुंवारा बाप' से; असली पहचान 1975 में 'जूली' से मिली।
दो बार फिल्मफेयर बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर अवॉर्ड — 'जूली' (1975) और 'कहो ना...
125 से अधिक फिल्मों में संगीत; लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ पाँच वर्षों तक सहायक के रूप में काम किया।

संगीतकार राजेश रोशन हिंदी सिनेमा के उन विरले कलाकारों में से हैं जिन्होंने न केवल पाँच दशकों से अधिक समय तक बॉलीवुड में अपनी संगीत-साधना जारी रखी, बल्कि महानायक अमिताभ बच्चन को उनका पहला फिल्मी गाना गवाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। 24 मई 1955 को मुंबई में जन्मे राजेश रोशन ने 125 से अधिक फिल्मों में संगीत देकर बॉलीवुड को अनगिनत यादगार धुनें सौंपी हैं।

संगीत परिवार से विरासत, पर राह अपनी

राजेश रोशन का पूरा नाम राजेश रोशनलाल नागरथ है। वे मशहूर संगीतकार रोशनलाल नागरथ के पुत्र और अभिनेता-निर्देशक राकेश रोशन के छोटे भाई हैं। सुपरस्टार ऋतिक रोशन उनके भतीजे हैं। महज 12 वर्ष की आयु में पिता का निधन हो जाने के बाद परिवार कठिन दौर से गुज़रा, लेकिन उनकी माँ इरा रोशन ने परिवार को संभाला और बच्चों का संगीत से नाता बनाए रखा।

दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में राजेश रोशन का सपना संगीतकार बनने का नहीं था — वे सरकारी नौकरी करना चाहते थे। माँ के साथ उस्ताद फैयाज अहमद खान के पास जाते-जाते धीरे-धीरे संगीत की ओर झुकाव बढ़ा। बाद में उन्होंने मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ सहायक के रूप में करीब पाँच वर्षों तक काम किया और संगीत की बारीकियाँ सीखीं।

करियर की शुरुआत और पहली बड़ी पहचान

बतौर स्वतंत्र संगीतकार राजेश रोशन ने 1974 में फिल्म 'कुंवारा बाप' से शुरुआत की। इस फिल्म का गाना 'सज रही गली' दर्शकों को पसंद आया। असली पहचान उन्हें 1975 में रिलीज़ फिल्म 'जूली' से मिली। इस फिल्म के गाने 'दिल क्या करे', 'ये रातें नई पुरानी' और 'माई हार्ट इज़ बीटिंग' आज भी संगीत प्रेमियों की ज़ुबान पर हैं। 'जूली' के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर अवॉर्ड से नवाज़ा गया।

अमिताभ बच्चन को दिया पहला फिल्मी गाना

राजेश रोशन के करियर का सबसे चर्चित किस्सा अमिताभ बच्चन से जुड़ा है। 1979 में फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' के निर्माण के दौरान राजेश रोशन ने अमिताभ बच्चन को गाना गाने का प्रस्ताव दिया। उस समय तक अमिताभ ने किसी फिल्म में गायन नहीं किया था। राजेश रोशन ने उनसे 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गवाया, जो बच्चों और बड़ों दोनों में बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में अपनी आवाज़ दी, लेकिन उनके फिल्मी गायन की नींव राजेश रोशन ने ही रखी थी।

सुपरहिट फिल्मों का लंबा सिलसिला

राजेश रोशन ने अपने करियर में 'देश परदेस', 'काला पत्थर', 'कामचोर', 'करण अर्जुन', 'कहो ना... प्यार है', 'कोई... मिल गया' और 'कृष' जैसी फिल्मों में संगीत दिया। उनके गाने हर उम्र के श्रोताओं को पसंद आए। फिल्म 'कहो ना... प्यार है' के लिए उन्हें दूसरा फिल्मफेयर बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर अवॉर्ड मिला — और यही वह फिल्म थी जिसने उनके भतीजे ऋतिक रोशन को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।

पाँच दशकों की संगीत यात्रा का मूल्यांकन

राजेश रोशन ने 125 से अधिक फिल्मों में संगीत देकर बॉलीवुड की कई पीढ़ियों के साथ कदम मिलाए। उनकी यह यात्रा इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने रोमांटिक, पारिवारिक और एक्शन — हर शैली की फिल्मों में समान रूप से प्रभावशाली संगीत रचा। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड संगीत में नई पीढ़ी के संगीतकारों का दबदबा बढ़ रहा है, फिर भी राजेश रोशन की धुनें आज भी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर करोड़ों बार सुनी जाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में यह तथ्य अक्सर दब जाता है। गौरतलब है कि राजेश रोशन ने 'जूली' से 'कृष' तक तीन पीढ़ियों के दर्शकों को एक साथ साधा — यह उपलब्धि बहुत कम संगीतकारों को मिली है। फिर भी उद्योग की स्मृति में वे अपने भतीजे ऋतिक रोशन के संदर्भ में अधिक याद किए जाते हैं, न कि अपनी स्वतंत्र विरासत के लिए — यह बॉलीवुड की पितृसत्तात्मक स्मृति का एक और उदाहरण है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजेश रोशन ने अमिताभ बच्चन को कौन सा पहला गाना गवाया था?
राजेश रोशन ने 1979 में फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' के लिए अमिताभ बच्चन से 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गवाया था। यह अमिताभ बच्चन का पहला फिल्मी गाना था और यह बच्चों व बड़ों दोनों में बेहद लोकप्रिय हुआ।
राजेश रोशन का परिवार बॉलीवुड से कैसे जुड़ा है?
राजेश रोशन मशहूर संगीतकार रोशनलाल नागरथ के पुत्र हैं। उनके बड़े भाई राकेश रोशन हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता, निर्माता और निर्देशक हैं, जबकि सुपरस्टार ऋतिक रोशन उनके भतीजे हैं।
राजेश रोशन को कितने फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले हैं?
राजेश रोशन को दो बार फिल्मफेयर बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर अवॉर्ड मिला है — पहला 1975 की फिल्म 'जूली' के लिए और दूसरा 'कहो ना... प्यार है' के लिए। 'कहो ना... प्यार है' वही फिल्म है जिसने ऋतिक रोशन को रातोंरात सुपरस्टार बनाया।
राजेश रोशन ने संगीत की शिक्षा कहाँ से ली?
राजेश रोशन ने शुरुआती संगीत की रुचि उस्ताद फैयाज अहमद खान के सान्निध्य में विकसित की। बाद में उन्होंने मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ करीब पाँच वर्षों तक सहायक के रूप में काम करके संगीत की बारीकियाँ सीखीं।
राजेश रोशन की सबसे मशहूर फिल्में कौन सी हैं?
राजेश रोशन ने 'जूली', 'मिस्टर नटवरलाल', 'काला पत्थर', 'करण अर्जुन', 'कहो ना... प्यार है', 'कोई... मिल गया' और 'कृष' जैसी सुपरहिट फिल्मों में संगीत दिया। उन्होंने अपने 50 से अधिक वर्षों के करियर में 125 से अधिक फिल्मों में संगीत रचा।
राष्ट्र प्रेस
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