राजेश रोशन: अमिताभ बच्चन को पहला फिल्मी गाना गवाने वाले संगीतकार, पाँच दशकों से बॉलीवुड पर जादू
सारांश
मुख्य बातें
संगीतकार राजेश रोशन हिंदी सिनेमा के उन विरले कलाकारों में से हैं जिन्होंने न केवल पाँच दशकों से अधिक समय तक बॉलीवुड में अपनी संगीत-साधना जारी रखी, बल्कि महानायक अमिताभ बच्चन को उनका पहला फिल्मी गाना गवाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। 24 मई 1955 को मुंबई में जन्मे राजेश रोशन ने 125 से अधिक फिल्मों में संगीत देकर बॉलीवुड को अनगिनत यादगार धुनें सौंपी हैं।
संगीत परिवार से विरासत, पर राह अपनी
राजेश रोशन का पूरा नाम राजेश रोशनलाल नागरथ है। वे मशहूर संगीतकार रोशनलाल नागरथ के पुत्र और अभिनेता-निर्देशक राकेश रोशन के छोटे भाई हैं। सुपरस्टार ऋतिक रोशन उनके भतीजे हैं। महज 12 वर्ष की आयु में पिता का निधन हो जाने के बाद परिवार कठिन दौर से गुज़रा, लेकिन उनकी माँ इरा रोशन ने परिवार को संभाला और बच्चों का संगीत से नाता बनाए रखा।
दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में राजेश रोशन का सपना संगीतकार बनने का नहीं था — वे सरकारी नौकरी करना चाहते थे। माँ के साथ उस्ताद फैयाज अहमद खान के पास जाते-जाते धीरे-धीरे संगीत की ओर झुकाव बढ़ा। बाद में उन्होंने मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ सहायक के रूप में करीब पाँच वर्षों तक काम किया और संगीत की बारीकियाँ सीखीं।
करियर की शुरुआत और पहली बड़ी पहचान
बतौर स्वतंत्र संगीतकार राजेश रोशन ने 1974 में फिल्म 'कुंवारा बाप' से शुरुआत की। इस फिल्म का गाना 'सज रही गली' दर्शकों को पसंद आया। असली पहचान उन्हें 1975 में रिलीज़ फिल्म 'जूली' से मिली। इस फिल्म के गाने 'दिल क्या करे', 'ये रातें नई पुरानी' और 'माई हार्ट इज़ बीटिंग' आज भी संगीत प्रेमियों की ज़ुबान पर हैं। 'जूली' के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर अवॉर्ड से नवाज़ा गया।
अमिताभ बच्चन को दिया पहला फिल्मी गाना
राजेश रोशन के करियर का सबसे चर्चित किस्सा अमिताभ बच्चन से जुड़ा है। 1979 में फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' के निर्माण के दौरान राजेश रोशन ने अमिताभ बच्चन को गाना गाने का प्रस्ताव दिया। उस समय तक अमिताभ ने किसी फिल्म में गायन नहीं किया था। राजेश रोशन ने उनसे 'मेरे पास आओ मेरे दोस्तों' गवाया, जो बच्चों और बड़ों दोनों में बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कई फिल्मों में अपनी आवाज़ दी, लेकिन उनके फिल्मी गायन की नींव राजेश रोशन ने ही रखी थी।
सुपरहिट फिल्मों का लंबा सिलसिला
राजेश रोशन ने अपने करियर में 'देश परदेस', 'काला पत्थर', 'कामचोर', 'करण अर्जुन', 'कहो ना... प्यार है', 'कोई... मिल गया' और 'कृष' जैसी फिल्मों में संगीत दिया। उनके गाने हर उम्र के श्रोताओं को पसंद आए। फिल्म 'कहो ना... प्यार है' के लिए उन्हें दूसरा फिल्मफेयर बेस्ट म्यूज़िक डायरेक्टर अवॉर्ड मिला — और यही वह फिल्म थी जिसने उनके भतीजे ऋतिक रोशन को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया।
पाँच दशकों की संगीत यात्रा का मूल्यांकन
राजेश रोशन ने 125 से अधिक फिल्मों में संगीत देकर बॉलीवुड की कई पीढ़ियों के साथ कदम मिलाए। उनकी यह यात्रा इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उन्होंने रोमांटिक, पारिवारिक और एक्शन — हर शैली की फिल्मों में समान रूप से प्रभावशाली संगीत रचा। यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड संगीत में नई पीढ़ी के संगीतकारों का दबदबा बढ़ रहा है, फिर भी राजेश रोशन की धुनें आज भी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर करोड़ों बार सुनी जाती हैं।